फेसबुक ने बदला अपना नाम... अब "मेटा" कहलाएगा, मार्क जुकरबर्ग ने किया एलान

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facebook now meta

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने अपना नाम बदल दिया है। अब से दुनिया फेसबुक को 'मेटा' (Facebook Now Meta) के नाम से जानेगी। गुरुवार को फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने एक मीटिंग के दौरान यह एलान किया। पिछले कुछ दिनों से फेसबुक के नाम बदलने जाने की अटलकें लगाई जा रही थीं। अब उसी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है और फेसबुक का नया नाम 'मेटा' कर दिया गया है। 

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जुकरबर्ग ने एक वार्षिक डेवलपर्स सम्मेलन के दौरान कहा:-

'हमने सामाजिक मुद्दों से संघर्ष करके और बंद प्लेटफार्मों के नीचे रहकर बहुत कुछ सीखा है, और हमने जो कुछ भी सीखा है उसे लागू करने और उसकी मदद से अगले अध्याय को बनाने का समय आ गया है।' उन्होंने आगे कहा कि "हमारे एप्स और उनके ब्रांड, वे नहीं बदल रहे हैं।"

बता दें कि फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने जुलाई में अर्निंग कॉल में कहा था कि कंपनी का भविष्य 'मेटावर्स' में है। यानी यह परिवर्तन फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे व्यक्तिगत प्लेटफॉर्म पर लागू नहीं होता है, केवल मूल कंपनी का नाम बदलकर 'मेटा' किया गया है, जिसके अंतर्गत ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आते हैं।

फेसबुक ने क्यों बदला अपना नाम?

मार्क जुकरबर्ग लंबे समय से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की दोबारा ब्रान्डिंग करना चाहते हैं। वे इसे एकदम अलग पहचान देना चाहते हैं, एक ऐसी जहां फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर ना देखा जाए। अब उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए फेसबुक का नाम बदल मेटा किया गया है। 

फेसबुक की ओर से 15 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें यह दिखाया गया है कि फेसबुक का नाम बदलकर अब मेटा कर दिया गया है। इस वीडियो में मेटा का लोगो भी जारी किया गया है। वर्टिकल आठ (8) के तर्ज पर मेटा का लोगो ब्लू कलर में जारी किया गया है। 

बता दें कि मेटावर्स शब्द का प्रयोग डिजिटल दुनिया में वर्चुअल, इंटरेक्टिव स्पेस को जानने और समझने के लिए किया जाता है। बता दें कि मेटावर्स एक वर्चुअल वर्ल्ड है जहां एक इंसान शारीरिक तौर पर मौजूद नहीं होते हुए भी मौजूद रह सकता है। कंपनी का फोकस अब एक मेटावर्स बनाने पर है जिसके जरिए एक ऐसी वर्चुअल दुनिया का आगाज होगा जहां पर ट्रांसफर और कम्यूनिकेशन के लिए अलग-अलग टूल का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

मार्क जुकरबर्ग लंबे समय से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की दोबारा ब्रान्डिंग करना चाह रहे थे। वे इसे एकदम अलग पहचान देना चाहते हैं, एक ऐसी पहचान जहां फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर ना देखा जाए। अब उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए फेसबुक का नाम बदलकर 'मेटा' किया गया है।

लोगो को मिलेगा बढ़ा हुआ रोजगार 


आजतक की एक खबर अनुसार, अगले पांच वर्षों में यूरोपीय यूनियन में 10,000 लोगों को काम पर रखने की योजना बना रहा है ताकि को मेटावर्स बनाने में मदद मिल सके।  फेसबुक अपने आप को दोबारा रीब्रान्ड तो कर ही रहा है, इसके अलावा अब 10 हजार के करीब नए लोगों को नौकरी पर रखने की भी तैयारी कर रहा है. ये सभी लोग मेटावर्स वाली दुनिया को बनाने में मदद करने वाले हैं।