दोस्त की जान बचाने में अपना हाथ गंवा बैठे, फिर बीजिंग में भारत के लिए गोल्ड जीत लाया

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ajit singh yadav story

ग्वालियर के पैरा एथलीट अजीत सिंह यादव ने टोक्यो पैरालिंपिक के लिए क्वालिफाई किया। वे ऐसा करने वाले प्रदेश के पहले एथलीट बन गए हैं। साल 2017 में एक हादसे में अपने दोस्त को बचाने में अजीत अपना एक हाथ गंवा बैठे थे। 

एक साल तक परेशानियों से जूझने के बाद उन्होंने पैरा ओलंपिक एथलीट के तौर पर पहचान बनाने का संकल्प लिया। इसी दृढ़ संकल्प के साथ वह मैदान में उतरे और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अजीत सिंह यादव उन लोगों के लिए मिसाल हैं, जो अपनी दिव्यांगता को कोसते रहते हैं और आगे नहीं बढ़ते हैं। 

दोस्त को बचाते हुए ट्रेन हादसे में हाथ गंवाया

ajit singh yadav
Image Source: Social Media

5 सितंबर 1993 को यूपी के जिला इटावा के भरथना के पास मौजूद नागला बिधी गांव में जन्में अजीत सिंह की जिंदगी में साल 2017 तक सबकुछ ठीक-ठाक था। वो अब आम लोगों की तरह जिंदगी बिता रहे थे। इसी दौरान दुर्भाग्य से अपने एक दोस्त की जान बचाते समय वो ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो गए। इस हादसे में अजीत का बायां हाथ बेकार हो गया था। 

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लंबे इलाज के बाद उन्हें अधिक से अधिक आराम की ज़रूरत थी. मगर वो घर पर नहीं बैठे। अजीत ने अपने करिअर को भी बचाने में कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद हुआ भी ऐसा ही। कोच वीके डबास और दोस्तों के मोटिवेशन के बाद वे एथलेटिक्स फील्ड में उतरे। 

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हरियाणा के पंचकुला में पैरा एथलेटिक सीनियर नेशनल 2018 में भाग लिया। फिर 2019 में चीन के बीजिंग पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स प्रतियोगिता में अजीत ने शिरकत की थी। बेहतरीन स्पीड के दम पर वहां उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया था। 

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इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीताकर उन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अजीत का चीन से शुरू हुआ खेल सफर लगातार सफलता हासिल करता रहा। मई 2019 में चीन के बीजिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले अजीत ने दुबई में भी अपना परचम लहराया। दुबई वर्ल्ड पैरा एथलीट चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। 

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वह प्रदेश के अकेले खिलाड़ी बन गए जिसने पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड और फिर ब्रॉंज मेडल हासिल किया। अजीत टोक्यो पैरालिंपिक के लिए भी क्वालिफाई करने में सफल रहे थे और भारतीय टीम में जगह बनाकर लोगों के लिए प्रेरणादायक पैरा एथलीट बन गए।