कहानी उस रात की, जब अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की गोली मारकर हत्या कर दी गई!

 | 
abraham lincoln

दुनिया को लोकतंत्र की नई परिभाषा देने वाले अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन की हत्या अमेरिका के इतिहास में एक काला दिन के तौर पर देखा जाता है। स एक घटना ने पूरे अमेरिका को हिला कर रख दिया था। ये हादसा जितना बड़ा था उतनी ही दिलचस्प है इसके पीछे की कहानी. तो आइए जानते हैं अब्राहम लिंकन की मौत का सच। 

अमेरिका में गुलाम और गुलामी की जंजीरे 

ये बात उन दिनों की है, जब अमेरिका में गुलाम रखे जाते थे। पैसे बाले अमेरिकी नागरिक मामूली रकम देकर गुलामो को खरीद लेते और जिंदगी भर उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह इस्तेमाल करते। इन गुलामों के साथ ज्यादातर लोग अमानवीय व्यवहार करते थे। हर तरह से इनका शोषण किया जाता था। 

Abraham Lincoln
Image Source: Wikki

लेकिन ये बात अब्राहम लिंकन को पसंद नहीं थी। उनका मानना था कि कि हर व्यक्ति के पास उसका हक है और किसी को भी गुलाम नहीं होना चाहिए। और जब लिंकन अमेरिका के राष्ट्रपति बने तो उन्होंने इस दास प्रथा का विरोध किया। नतीजन उनके इस फैसले का विरोध होना सुरु हो गया। खासकर दक्षिणी अमेरिका में। 

चूँकि दक्षिणी अमेरिका एक खेती-किसानी बाला छेत्र था, तो यंहा के ज्यादातर संपन्न लोग अफ्रीकी गुलामो को खरीदते और उनसे बंधुआ मजदूरी और खेती करबाते थे। ये दौर बह भी था जब अमेरिका के अंदर रंग भेद चरम पर था यानी गोर अमेरिकी  लोग काले अफ्रीकी लोग को गुलामो की निगाह से देखते थे। 

Gulami
सांकेतिक तस्वीर, Image Source- History.com

लेकिन अब्राहम लिंकन जैसे ही राष्ट्रपति बने उन्होंने एक कानून बनाया, जिसके तहत अमेरिका में गुलामी ख़त्म दी गई और किसी को जबरन गुलाम बनाना एक जुर्म सिद्ध कर दिया गया। इस कानून के बाद अमेरिका दो हिस्सों में बंट गया एक तरफ उत्तरी अमेरिका इस कानून के साथ हो लिया, वंही दूसरी तरफ दक्षिण अमेरिका में आग जल उठी। 

नतीजन इस वैचारिक टकराव के चलते दोनों प्रांतों के बीच एक जंग शुरू हो गई, जिसे अमेरिकी गृह युद्ध कहा गया। 

अब्राहम लिंकन की हत्या की साजिस 

अमेरिका में कानून बनते ही गृह युद्ध की आग लग चुकी थी, जिसके चलते अब्राहम लिंकन के कई दुश्मन बन गए थे। कई लोग उन्हें मारना चाहते थे ताकि उनके बनाए सभी कानून ख़त्म किए जा सकें। उन लोगों में से एक था अमेरिकी एक्टर जॉन बूथ। जो कि मूलतः दक्षिण प्रांत के एक संपन्न परिवार से आते थे। 

Abraham Lincoln
सांकेतिक तस्वीर, Image Source- Wikki

1861 में शुरू हुआ गृह युद्ध 1865 आते-आते ख़त्म होने की कगार पर था। चूँकि इस गृह युद्ध में दक्षिण की हार निश्चित थी, दक्षिण प्रांत हार की ओर बढ़ रहा था।  दक्षिण की हार के बारे में सोचने से ही जॉन परेशान हो गए। उनके दिल में लिंकन के खिलाफ इतनी नफरत फ़ैल गयी की उन्होंने लिंकन के खिलाफ एक साजिश रच दी- 'लिंकन की हत्या की साजिस।'

153 साल पहले जॉन जिस मौके की तलाश में था 14 अप्रैल की रात उसे बो मौका मिल गया। उस समय अब्राहम लिंकन वाशिंगटन के फोर्ड थियेटर में ‘अवर अमेरिकन कजिन’ नाटक देख रहे थे। जैसे ही घडी में रात के 10 बजे अचानक से जॉन लिंकन के पीछे खड़ा हो गया और उनके सिर पर अपनी बंदूक तान दी। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता उसने गोली चला दी। 

घटना के समय बालकनी में बैठे लिंकन के सुरक्षागार्ड ‘जॉन पार्कर’ उस वक्त उनके साथ नही थे। वो मध्यांतर में ही वहां से बाहर निकल गए थे। पूरे थिएटर में अफरा-तफरी मच गई और उस समय जॉन चिल्लाया “दक्षिण का बदला ले लिया गया”. इतना कहते ही जॉन वहां से गायब हो गया। 

...और अलविदा कह गए अब्राहम लिंकन

गोली लगने के बाद थिएटर में मौजूद कुछ डॉक्टरों ने तुरंत ही लिंकन का इलाज शुरू किया,  जो अगले दिन की सुबह तक चलता रहा। अंततः जन नेता लिंकन मौत से जंग हार गए, और उन्होंने 15 अप्रैल की सुबह इस बेरुखी दुनिया को अलविदा कह दिया। लिंकन के निधन के बाद पुरे अमेरिका में शोक की लहर दौड़ पड़ी, क्यूंकि लिंकन को आम जनता का नेता कहा जाता था तो उनकी मौत पर हर आँख नम हो गई। 

Abraham Lincoln
सांकेतिक तस्वीर, Image Source- Wikki

अगले दिन अमेरिका में राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया गया।  इतना ही नहीं लिंकन की शव को एक खुले ताबूत में रखा गया। 13 दिन तक उस शव को ट्रेन के ज़रिए पूरे अमेरिका में घुमाया गया ताकि लोग लिंकन को एक आखिरी श्रद्धांजलि दे सकें।