खेत से गोभी तोड़ने पर मिलेंगे 63 लाख रुपये, सालभर गोभी-ब्रोकली तोड़ने का है काम!

 | 
gobhi brokli

दुनिया कितनी अजीब है, कहा क्या मिल जाए कोई नहीं जनता। अब इस खबर को ही देख लीजिये, इंडिया में लोग एक सामान्य नौकरी के लिए तरस रहे है, वंही इस देश में सिर्फ गोभी तोड़ने के लिए लाखो का पॅकेज दिया जा रहा है। क्या खबर है पूरी, आइये जानते है थोड़ा विस्तार से। 

गोभी तोड़ने की नौकरी! 63 लाख का पैकेज

Gobhi todne ki job
Image Source: Social Media सांकेतिक तस्वीर.

ज़ी न्यूज़ वेबसाइट में छपी एक खबर अनुसार, अगर आपसे कहा जाए कि आपको सब्जी तोड़ने के लिए सालाना 63 लाख रुपये दिए जाएंगे, तो आप क्या करेंगे? कोई भी इंसान इस ऑफर को एक्सेप्ट कर लेगा। ऐसा जॉब ऑफर यूके की एक फार्मिंग कंपनी ने दिया है। जी हां यूनाइटेड किंगडम की कृषि से जुड़ी कंपनी ने गोभी तोड़ने के लिए स्टाफ को 63 लाख सैलरी पैकेज का ऐलान किया है। 

कंपनी के विज्ञापन में क्या लिखा है?

ये रकम पूरे साल के लिए हैं। बता दे, कंपनी का नाम T H Clements and Son Ltd. है। इसके लिए कंपनी ने ऑनलाइन विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन में कहा गया है कि:-

'पूरे साल खेत से गोभी और ब्रोकली तोड़ने के लिए हर घंटे 30 यूरो डॉलर यानी की 3000 रुपये से ज्यादा की दिहाड़ी मिलेगी। इस नौकरी के लिए साल भर में 63,11,641 रुपये ऑफर मिलेंगे। इस जॉब को कोई भी कर सकता है। इस काम के लिए शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी है क्योंकि पूरे साल भर ये काम करना पड़ेगा।' 

कंपनी के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं जिसमें कहा गया है कि कंपनी को Field Operatives की तलाश है। इस जॉब से आप हर घंटा 3000 रुपये तक आसानी से कमा सकते हैं। लेकिन अगर आप ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो वो आपके ऊपर डिपेंड है। आप जितना काम करेंगे उतना कमा पाएंगे। 

काम साल भर चलने वाला है। पीस के हिसाब से सैलरी मिलेगी। ऐसे में एक दिन में ज्यादा पैसा भी कमाया जा सकता है।  

यूके में नहीं मिल रहे है वर्कर्स! 

Gobhi
Image Source: Social Media सांकेतिक तस्वीर.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन दिनों यूनाइटेड किंगडम में स्टॉफ कम हैं। ऐसे में सरकार सीजनल एग्रीकल्चर वर्कर्स स्कीम के तहत लोगों को 6 महीने के लिए वहां आने का मौका दे रही है। और इसी के तहत वर्कर्स की कमी के चलते कंपनी ने दिया है ये ऑफर। केवल खेती ही नहीं और भी कई सेक्टर्स में वर्कर्स की कमी है।  इसलिए यूके में इन दिनों वर्कर्स की मांग है और उसे पूरा करने के लिए कंपनियां भारी सैलरी देने तक को राजी हैं।