एक शख्स से बदला लेने के लिए 22 KM का सफ़र तय करके पहुंचा बंदर, इस बात से था नाराज!

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सोशल मीडिया और तमाम न्यूज़ चैनलस और वेबसाइट पर एक स्टोरी वायरल हो रही है। जिसमे कहा जा रहा है कि एक बंदर इंसान से बदला लेने के लिए लगभग 22 KM दूर से लौटा आया। हमारी धरती जंहा एक इंसान दूसरे इंसान से बदला लेता है और इसके लिए हर हद पार कर देता है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ होगा कि एक जानवर इंसान से बदला लेने के लिए पहुंचा हो! क्या है माजरा आइये जानते है। 

 वन विभाग को ख़बर दिए जाने से था नाराज़!

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Image Source: HT सांकेतिक तस्वीर.

मीडिया खबरों के अनुसार, मामला कर्नाटक के चिक्कमगलूर जिले से सामने आया है। यहां Bonnet Macaque प्रजाति का एक बंदर लोगों के लिए ख़ौफ़ का दूसरा नाम बन गया है! वह लोगों से फल और नाश्ते के पैकेट छीन कर भाग जाया करता था। लोगों ने पहले इस सामान्य सी घटना मानी। कुछ दिनों बाद स्कूल खुले तो वह बच्चों को निशाना बनाने लगा।

शख्स ने बंदर को पकड़ाने में की मदद

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Image Source: Social Media सांकेतिक तस्वीर.

बच्चे बंदर से डर रहे थे, तो किसी ने वन विभाग को खबर दे दी और शरारती बंदर को पकड़ने के लिए एक टीम पहुंची। बंदर को पकड़वाने के लिए वन विभाग की टीम में गांव में रहने वाले एक शख्स जगदीश भी शामिल थे। परेशान बंदर ने जगदीश पर हमला कर दिया। जगदीश वहां से भाग गया लेकिन बंदर उसके पीछे भागा। जगदीश अपने ऑटो में छिप गया और बंदर ने ऑटो क शीट्स फाड़ दिए। 

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Image Source: OneIndia.

बंदर अचानक उसकी ओर कूद पड़ा और उस पर हमला कर दिया। बंदर ने जगदीश का काट भी लिया। बंदर के काटने के बाद भी यह बात यही खत्म नहीं हुई।ऑटो चालक ने जब भागने की कोशिश की तो बंदर ने उसे दौड़ा लिया। जगदीश के मुताबिक:-

"मै बहुत डर गया था। मैं जहां जाऊं वो पागल बंदर मेरे पीछे पड़ जाए। उसने मुझे इतनी ज़ोर से काटा कि डॉक्टर्स ने कहा ज़ख़्म ठीक होने में एक महीना लगेगा। मैं अपना ऑटोरिक्शा भी नहीं चला सकता। उस दिन मैं घर नहीं गया क्योंकि मुझे डर था कि वो घर तक पीछा करेगा। घर पर छोटे बच्चे हैं। अगर वो उन पर हमला कर दे तो। मैं अभी भी डरा हुआ हूं।"

अंततः 30 लोगों की 3 घंटे की मशक्कत के बाद बंदर को पकड़ा गया। बंदर को पकड़ जंगल लाया गया और उसे बंहा छोड़ दिया गया। 

असली कहानी तो अब सुरु होती है 

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Image Source: News18 सांकेतिक तस्वीर.

बंदर के पकड़े जाने के बाद एक हफ्ते गांव में शांति रही। कोट्टिघेरा के लोगों ने राहत की सांस ली। गांववालों ने राहत की सांस ली कि बंदर अब उन्हें तंग नहीं करेगा। यक़ीन करना मुश्किल है लेकिन वो बंदर बालुर जंगल के पास से जा रहे ट्रक पर चढ़ा और कोट्टिघेरा गांव तक पहुंचा। यानी बंदर 22 किमी का सफर तय कर फिर से गांव में पहुंच गया। 

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Image Source: OneIndia.

इसके बाद, इस बार बंदर ने किसी और को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया। उसका टारगेट सिर्फ और सिर्फ ऑटो चालक जगदीश था। जगदीश ने बताया:-

"जब मैंने सुना कि बंदर गांव में वापस आ गया है, तो मुझे लगा अब मैं नहीं बचने वाला हूं। मैंने खुद वन विभाग को फोन किया और उन्हें फौरन आने के लिए कहा। इस दौरान मैं घर में ही छिपा रहा। मुझे पता है कि यह वही बंदर है क्योंकि पिछली बार हम सभी ने उसके कान पर एक निशान देखा था।"

क्या बोली बन विभाग की टीम?

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Image Source: OneIndia.

बंदर द्वारा जगदीश को टारगेट करना छेत्र में चर्चा का विषय बन गया। बन विभाग को सुचना मिली तो रैंज फ़ॉरेस्ट अफ़सर, मोहन कुमार ने बताया कि बंदर एक शख़्स पर ही हमला क्यों कर रहा है इसकी वजह पता नहीं है। 

"हम वास्तव में नहीं जानते कि बंदर एक ही आदमी को क्यों निशाना बना रहा था? हमें नहीं पता कि उसने पहले जानवर को कोई नुकसान पहुंचाया था या यह सिर्फ एक तत्काल प्रतिक्रिया थी, लेकिन, यह पहली बार है जब हमने किसी बंदर को इस तरह का व्यवहार करते देखा है, हालांकि बंदरों का इंसानों पर हमला करना बड़ी घटना नहीं है।"

बंदर को पकड़ फिर छोड़ा गया जंगल 

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Image Source: HTसांकेतिक तस्वीर.

मीडिया खबरों के अनुसार, वन विभाग ने बंदर को फिर से फंसाकर 22 सितंबर को पकड़ा और दूर-दराज़ के जंगल में छोड़ आए ,फ़िलहाल जगदीश घर और बाहर बेहद सावधानी से निकल रहे है, कि कंही बंदर उन्हें फिर टारगेट न बना ले।