बेटी पैदा होने की ख़ुशी: ठेला लगाने बाले ने दिनभर खिलाये मुफ्त गोलगप्पे

 | 
beti Golgappe

भोपाल में एक गोलगप्पे वाले ने बेटियों को बोझ समझने वालों को एक बड़ा संदेश दिया है, 'बेटी है तो कल है।' बेटी के जन्म पर उसके पिता ने ऐसा अनूठा जश्न मनाया कि लोग देखते रह गए। घर में जन्मे बेटे के बाद जब बेटी आई, तो पिता ने यह खुशी घर, परिवार और आम लोगों के साथ बांटी। इतना ही नहीं बेटी पैदा होने की ख़ुशी में उन्होंने लोगो को मुफ़्त में पानीपुरी खिलाई। इसके लिए पांच घंटे तक 10 स्टॉल लगाए थे।

क्या है पूरा मामला?

Muft Panipuri

दरअसल, भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले अंचल गुप्ता बेटी के जन्म की मन्नत मांग रहे थे और अब जब उनकी मन्नत पूरी हुई तो बेटी पैदा होने की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 17 अगस्त को बेटी ने जन्म लिया, तो उनकी ख़ुशी चौगुनी हो गई। उन्होंने उसका नाम 'अनोखी' रखा, बता दे अंचल के दो पुत्र संतान के रूप में पहले से ही थे। लेकिन उनकी दिली इच्छा थी कि उनके घर कन्या का आगमन हो, और माता रानी ने उनकी सुन ली। 

बेटी के पैदा होने पर उन्होंने मीडिया के साथ ख़ुशी साझा करते हुए कहा:-

"बेटी पैदा होना किसी सपने के सच होने जैसा है। जब से मेरी शादी हुई है, मुझे बेटी की आस थी लेकिन दो साल पहले मुझे बेटा हुआ। इसके बाद कई जगह बेटी के लिए कई जगह मन्नतें मांगी, उसके दो साल बेटी की किलकारी भी घर पर गूंज उठी। भगवान ने उनकी मनोकामना सुनी इसलिए उन्होंने यह खुशी सभी के साथ मनाने का निर्णय किया था।''

मुफ्त में खिलाई पानी पूरी 


मीडिया खबरों के अनुसार, अंचल कोलार में बीते 14 साल से पानीपुरी लोगों को खिला रहे हैं। बेटी के जन्म के पहले ही उन्होंने सोच लिया था कि बेटी का जश्न बड़े अनोखे तरीके से मनाएंगे। इसके साथ ही वे यह भी संदेश देना चाहते थे कि बेटी से बड़ी खुशी जीवन में कोई नहीं है। और फिर क्या था.. पत्नी और परिवार की सलाह पर उन्होंने एक दिन के लिए पानीपुरी फ्री करने का निर्णय लिया।

Muft Panipuri

अंचल की दूकान पर सभी ग्राहकों को रविवार यानी 12 सितंबर को दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक दुकान पर आने वाले सभी ग्राहक को मुफ्त में पानीपुरी खिलाई गई। इतना ही नहीं, ज्यादा से ज्यादा लोग फ्री में पानीपुरी खा सकें इसके लिए 10 स्टॉल लगाए , और पांच घंटे के दौरान उन्होंने सैकड़ो लोगों को 50 हजार पानीपुरी खिलाई। इस पूरे आयोजन में उनके परिवार और दोस्तों ने उनका सहयोग किया।

देशभर से मिली बधाइयां 

muft Panipuri

बेटी पैदा होने की ख़ुशी और मुफ्त पानीपुरी की खबर जब सोशल मीडिया पर आई, तो जंगल में लगी आग की तरह फ़ैल गई। जिसने भी अंचल का कार्य देखा, उसने सराहना की। एक रेहड़ी लगाने वाले की आय ज़्यादा नहीं होती, इसके बावजूद अंचल ने 35-40 हज़ार की मुफ़्त पानीपुरी लोगों को खिलाई। 

Muft Panipuri

यकीनन, अंचल की बेटी के जन्म की खुशियां अपने ग्राहकों और लोगों के साथ बांटने से इसका आनंद कई गुना बढ़ गया। हमारे समाज में आज भी कई घरों में बेटियों को बोझ, बेटी पैदा होने अभिशाप समना ही समझा जाता है। अंचल गुप्ता जैसे लोग ही इस समाज के लिए उम्मीद हैं।