उम्र 22 साल, बिना कोचिंग के पहलीवार में तोड़ दिया UPSC का चक्रव्यूह... अब बनेगा IAS अफसर!

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kartikeya jaiswal: रविवार, 30 मई को UPSC का रिजल्ट घोषित किया गया। इस परीक्षा में कोई असफल हुआ तो किसी ने सफलता के झंडे गाड़े। इसीक्रम में खंडवा के कार्तिकेय जायसवाल ने देश की सबसे बड़ी परीक्षा यूपीएसपी पास कर ली, 35वीं रैंक प्राप्त करने वाले कार्तिकेय अब IAS बनेंगे। आपको बता दे, कार्तिकेय ने बिना कोचिंग के ही ये सफलता हासिल की है। तो ऐसे में हम आपको बताते है इस जुनूनी लड़के की कहानी। तो आइये सुरु करते है। 

पहली बार में ही UPSC पास

मध्य प्रदेश, खंडवा के आनंद नगर स्थित दीनदयालपुरम के रहने वाले कार्तिकेय का स्कूली एजुकेशन यानी कक्षा दसवीं तक की पढ़ाई खंडवा में ही हुई है। दसवीं में ही उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने का मन बना लिया था। जिसके लिए उन्होंने स्कूल पूरा करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सैंट स्टीफंस कॉलेज से साइंस में ग्रैजुएशन किया। 

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Image Source: Bhaskar

आपको बता दे, कार्तिकेय को खुद की मेहनत पर इतना भरोसा था कि उसने UPSC की तैयारी के लिए कोचिंग नहीं ली, पूरा सिलेबस घर पर ही तैयार किया, और पढ़ाई शुरू की। खास बात यह है कि, उन्होंने बगैर ट्यूशन के घर पर बैठकर इंटरनेट से पढ़ाई की है। और पहले प्रयास में ही यह सफलता हासिल की। 

अभ्यर्थियों के वीडियो और इंटरव्यू देखते थे!

यूपीएससी परीक्षा में भी मैथमेटिक्स ही उनका मुख्य सब्जेक्ट था। रिजल्ट से पहले फाइनल इंटरव्यू में उनसे कई सवाल पूछे गए। जिसमें किशोर कुमार से संबंधित सवाल भी पूछा गया। जब वे तैयारी कर रहे थे तो इंटरनेट पर ऐसे ही अभ्यर्थियों के वीडियो और इंटरव्यू देखते थे। उनके संघर्ष की कहानी को सुनकर उन्हें प्रेरणा मिलती थी। 

खानदान का सिविल सर्विस से दूर-दूर तक नाता नहीं!

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Image Source: Nai Dunia

कार्तिकेय के माता और पिता आशीष जायसवाल बताते है कि, उनके बेटे ने IAS बनकर इतिहास रच दिया। उनके अनुसार, उनके परिवार से किसी का भी प्रशासनिक सेवा से कोई नाता नहीं है। खंडवा में रहते हुए 10वीं क्लास में जब उसने टॉप किया तो हमने मन बना लिया था कि बेटे को पढ़ाई के लिए बाहर किसी बड़े शहर भेजेंगे। जंहा बेटे ने मन लगाकर पढ़ाई की, जिसका यह नतीजा है। 

परिवार में जश्न का माहौल!

कहा ये भी जा रहा है कि बीते 40 सालों से खंडवा से किसी ने भी यूपीएससी नहीं निकाला था, और कार्तिकेय ने सूखा खत्म किया। जैसे ही रिजल्ट आया तो पूरा शहर कार्तिकेय के साथ खुशियां मनाने में जुट गया। ताऊ का परिवार फूलमाला-मिठाईयां लेकर आ गया। घंटों तक स्वागत का दौर चला। पूरे परिवार ने जमकर जश्न मनाया।

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आपको बता दे, कार्तिकेय के परिवार में पिता लॉज व्यवसायी है, वहीं उनकी मां एक निजी स्कूल में टीचर है।  इसके अलावा छोटी बहन भूमिका है, जो 7वीं क्लास की स्टूडेंट है। यही ख़ास बजह है कि परिवार का एक सदस्य अब अफसर बनकर देश और समाज की सेवा करेगा।