ट्री मैन: इस पुलिस कॉन्स्टेबल ने लगवाए 2 लाख से भी ज़्यादा पेड़-पौधे, ताकि लोग स्वच्छ सांस ले सके!

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tree man devendra sura

ग्लोबल वार्मिंग को लेकर पूरी दुनिया में बात हो रही है। एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं. कई देश इस पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। भारत ने भी वैश्विक पटल पर इस मुद्दे को उठाया और जमीन पर इसके लिए लगातार काम हो रहे हैं। इन सबके बीच चंडीगढ़ में तैनात एक कांस्टेबल मिसाल के रूप में सामने आए हैं।  जिन्होंने दिखाया कि कैसे हर एक इंसान पर्यावरण के लिए बेहतर कर सकता है। 

उन्होंने चंडीगढ़ जैसी हरियाली अपने गांव में लाने की ठानी और अपनी मेहनत से हरियाणा के चार जिलों में लगभग डेढ़ लाख पौधे लगा दिए। खास बात है कि इसके लिए उन्होंने किसी से आर्थिक मदद नहीं ली। बह लोगो को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करते हुए मुफ्त में पौधे भी बांटते हैं। कॉन्स्टेबल के इस जूनून की वजह से उनको चंडीगढ़ पुलिस का ट्री मैन (TREE MAN) भी कहा जाता है। तो आइये जानते है इस "ट्री-मैन" की कहानी। 

एक पुलिस कांस्टेबल बन गया ट्री-मैन!

पंजाब-हरियाणा की राजधानी और एक केंद्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़, भारत के योजनाबद्ध तरीके से बनाये गये शहरों में से एक है। इस शहर का आर्किटेक्चर, डिजाईन, आवासीय कॉलोनी और तो और शहर में हरियाली का अनुपात भी पूरी प्लानिंग के साथ किया गया है। इसी शहर से प्रेरणा लेकर, हरियाणा में सोनीपत के रहने वाले देवेंदर सूरा ने पूरे हरियाणा में पर्यावरण के लिए एक अभियान छेड़ दिया है।

 

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Image Source: News18India

देवेंद्र सूरा, हरियाणा के सोनीपत की ग्राम पंचायत जागसी के निवासी हैं। 2011 में उनका चयन चंडीगढ़ पुलिस में हुआ। चंडीगढ़ में उनकी पोस्टिंग एक टर्निग-पॉइंट साबित हुई। चंडीगढ़ की हरियाली और खूबसूरती उनके जीवन में एक अलग बदलाव लायी, तो उन्होंने अपने गांव और जिले को हरित प्रदेश बनाने का प्रण कर लिया। 

उनके पिता एक रिटायर्ड फौजी हैं और उन्हीं से उन्हें देश और समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिली। चंडीगढ़ की हरियाली को देखकर उनके मन में ख्याल आया कि क्यों ना अपने सोनीपत को भी ऐसे ही हरा-भरा बनाया जाये। इस तरह पर्यावरण को संरक्षित कर, वे अपने देश का भी कल्याण करेंगें।

लोगों को बांटते हैं मुफ्त पौधे!

देवेंद्र ने बताया, "पर्यावरण और मानव प्रजाति को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की आवश्यकता है। बस इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने ऑक्सीजन बाग की मुहिम चलाई। मैं और अब मेरे कुछ साथी आस-पास के गांवों में जाकर ग्राम पंचायतों से बात करते हैं। जिसमें हम उन्हें पर्यावरण का महत्व समझाते हैं और अपने घर, घर के बाहर या फिर खेतों पर पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करते हैं।"

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Image Source: Zee News

देवेंद्र सूरा ने बताया कि अब तक 10,400 युवक इसमें शामिल हो चुके हैं। जिन्हें हम “युवा साथी” बोलते हैं। अब तक ये मुहिम लगभग 516 गांवों तक पहुंच गई है।  लोगों की प्रतिक्रिया बहुत सकारात्मक रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 1, 54, 000 पेड़ लगवाए हैं और लगभग 2, 72, 000 पेड़ स्कूल, शादी समारोह, रेलवे स्टेशन, मंदिर आदि में जा-जाकर बांटे हैं। इनमें पीपल, जामुन, अर्जुन, आंवला, नीम, आम, अमरुद, हरसिंगार जैसे पेड़ शामिल हैं।

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Image Source: The Better India

उन्होंने बताया कि अब हर ख़ुशी के अवसर पर पौधा लगाने की मुहिम शुरू करनी होगी। शादी, भात, जन्मदिन, शादी की सालगिरह पर लोगों को निःशुल्क पौधे बांटे जाते हैं। जो लोग फोन करके पौधे मंगाते हैं उनको घर तक पौधे पहुंचाए जाते हैं।  इससे लोगों में पौधे लगाने के प्रति लगाव पैदा होता है। 

अपने जन्मदिन पर लगाए एक पेड़!

लोगों में हरियाली के प्रति जागरूकता लाने के लिए उन्होंने कई तरह के अलग-अलग प्रयास किये हैं और वे सभी सफल रहे हैं। उन्होंने लोगों को अपने जन्मदिन पर खुद के नाम से पेड़-पौधे लगाने का संदेश दिया है। क्योंकि हर साल आपका जन्मदिन आता है और अगर आप हर साल अपने जन्मदिन पर एक पेड़ भी लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं, तब भी आप पर्यावरण के लिए बहुत-कुछ कर पायेंगें।

पेड़-पौधों पर लुटा देते है अपनी पूरी तनख्वाह!

पुलिस को अपनी तरफ आता हुआ देखकर अमूमन लोगों के मन में कई तरह के शंका भरे सवाल पैदा हो जाते हैं। मगर, चंडीगढ़ पुलिस के कॉन्स्टेबल देविंदर सूरा हाथों में पौधों की सौगात लेकर लोगों के पास जाते हैं। इन पौधों को आप अपने घर के आंगन या फिर बाहर किसी स्थान पर लगा सकते हैं। सूरा लोगों को अपनी नर्सरी के पौधे बांटते हैं और इन पौधों के लिए वे कोई कीमत नहीं लेते हैं। 

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Image Source: Zee News

कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात 32 साल के देविंदर सूरा अभी तक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में दो लाख के करीब पौधे लगा चुके हैं। जबकि लोगों को पेड़ पौधे बांटने का इनका जूनून इससे भी ज्यादा बड़ा है। देविंदर सूरा के अनुसार अपनी पूरी तनख्वाह इसी जूनून पर खर्च कर देते हैं। 

देविंदर सूरा पर्यावरण की फिक्र करते हुए वाहन के तौर पर ज्यादातर साईकिल का इस्तेमाल करते हैं। देवेंदर कहते हैं कि वे ताउम्र यही काम करना चाहते हैं। उन्हें कभी भी रुकना नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य हर एक गाँव-शहर को हरा-भरा बनाना है, जहाँ हर एक घर में पेड़ हो और साथ ही, लोग कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करें। 

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Image Source: The Better India

पर्यावरण के लिए इनके प्रेम और समर्पण को देखते हुए इन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। बहरहाल, देविंदर सूरा के इस जूनून की वजह से इनको चंडीगढ़ पुलिस के ट्री मैन के नाम से भी बुलाया जाता है। वंही उनके जूनून को देखते हुए पुलिस बिभाग के आला अफसर भी उनकी हर संभव मदद करते है।