फुटपाथ पर रहने वाले बच्चे को रोज पढ़ाता है पुलिस का ये जवान, साथ में संभालते ट्रैफिक!

 | 
traffic police turns teacher for poor child wins people heart with gestur

पुलिस की नौकरी बड़ी मुश्किल है। खासकर ट्रैफ़िक पुलिस की नौकरी ऐसी होती है जो यातायात के साथ-साथ कानून ब्यबस्था बनाये रखने में अहम भूमिका निभाते है। गर्मी हो या बरसात हमेशा ड्यूटी पर तैनात रहना पड़ता है। यहां तक कि वो प्रदूषण की मार भी झेलकर अपने काम को करते चले जाते हैं। लेकिन बीते दिनों से एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की कहानी लोगों का दिल जीते हुए है। 

कोलकाता पुलिस की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिसे खुद कोलकाता पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। जिसमे एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी के साथ-साथ सड़क किनारे एक बच्चे को पढ़ाते हुए दिख रहा है। ताकि उसका एडमिशन अच्छे सरकारी स्कूल में हो जाए। क्या है पूरी कहानी? आइये आपको थोड़ा विस्तार से बताते है। 

सड़क किनारे बच्चे को पढ़ाता ट्रैफिक पुलिस का जवान!

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो मिसाल बन जाते हैं। ऐसी ही एक शख्स का नाम है सार्जेंट घोष। जिन्हे आज पूरा देश सलाम कर रहा है, क्यूंकि उन्होंने काम ही ऐसा किया है। साउथ ईस्ट ट्रैफिक गार्ड के सार्जेंट प्रकाश घोष की ये तस्वीर ट्विटर पर वायरल हो रही है। एक स्थानीय पत्रकार ने ये तस्वीर खिंची है। 

Inspirational story of traffic police constable
Image Source: ARNABANGSHU NEOGI (twitter)

इसमें रोड के किनारे बैठे एक बच्चे के सामने खड़ा ट्रैफिक पुलिस उसे पढ़ा रहा है।  पोस्ट में लिखा गया है कि मिलिए शिक्षक सिपाही से। खबर के मुताबिक जब भी सार्जेंट प्रकाश बालीगंज आईटीआई के पास ड्यूटी करते हैं तो यह 8 साल का बच्चा उन्हें सड़क पर खेलता नजर आता। जब उसने बच्चे की मां से बातचीत की, तब पता चला कि पैसे के अभाव के कारण बच्चा पढ़ नहीं पा रहा है। 

फुटपाथ पर रहते है माँ-बेटा!

कोलकाता पुलिस के मुताबिक, मां-बेटे फुटपाथ पर ही रहते हैं लेकिन मां चाहती हैं कि उनका बेटा गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर शिक्षा के जरिए दुनिया में नाम कमाए। हालाँकि, कक्षा 3 के इस छात्र की पढ़ाई में रुचि कम हो रही थी, जो उसकी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक थी। तो मां ने सार्जेंट घोष को अपनी परेशानी बताई। 

माँ से बच्चे की कहानी सुनने के बाद, सार्जेंट ने हर तरह से मदद करने का वादा किया। पोस्ट में आगे लिखा गया, 'जिस दिन सार्जेंट घोष की ड्यूटी उस जगह लगाई जाती है, उस दिन वह बच्चे को पढ़ाते हैं। इस दौरान वह ट्रैफिक की निगरानी भी करते हैं। कई बार तो अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद वह उसे पढ़ाते हैं। 


होमवर्क सेट करने और जाँचने से लेकर अपने छात्र की वर्तनी, उच्चारण, यहाँ तक कि लिखावट को ठीक करने तक सभी काम को सार्जेंट बखूबी ध्यान रखते है।  वह बच्चे के टीचर की तरह उसे पढ़ाते हैं। इसके लिए वह अपने हाथ में एक छड़ी भी रखते हैं और बच्चे की खड़े होकर 'क्लास' लेते हैं। जो उनकी मज़बूरी है। 

खड़े होकर पढ़ाना मज़बूरी

दरअसल, ट्रैफिक पुलिस की चुस्त यूनिफॉर्म की वजह से सार्जेंट घोष बैठ नहीं पाते।  इसीलिए वो सड़क के किनारे खड़े होकर ही बच्चे की क्लास लेते हैं। बच्चे को पढ़ाने के बाद उसे होमवर्क दिया जाता है। सार्जेंट घोष ना सिर्फ उसकी पढ़ाई बल्कि उसकी हैंडराइटिंग से लेकर उसके उच्चारण तक को करेक्ट करते हैं। 

Inspirational story of traffic police constable
Image Source: ARNABANGSHU NEOGI (twitter)

दूसरी तरफ मां ने भी कहा है कि जब से उसके बच्चे को नया 'टीचर' मिला है, तबसे बच्चे में काफी सुधार है। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही है। आपको बता दे, इस तस्वीर खींचने बाले पत्रकार का नाम कोलकाता पुलिस ने ""पत्रकार अर्नबांग्शु नियोगी" बताया है। 

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर!

Inspirational story of traffic police constable
Image Source: Social Media

कुछ घंटे पहले शेयर किए जाने के बाद से, पोस्ट को अबतक 33 हजार लाइक्स मिले चुके हैं और लोग पोस्ट पर ढेरों कमेंट्स कर रहे हैं। वंही सोशल मीडिया पर यह तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही है। एक फेसबुक यूजर ने लिखा, "आपको सलाम सर।" कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाओं को प्रदर्शित करने के लिए Gifs को शेयर किया या "सम्मान" शब्द लिखा।