किसान का कमाल! खेतो में उगाए लाल भिंडी, नीले आलू, काले चावल, और खेती से कमाए लाखो रूपये!

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kisan mishrilal

आज जब, हर क्षेत्र में कुछ न कुछ नए प्रयोग किए जा रहे हैं, तो फिर खेती में क्यों नहीं? खेती में प्रयोग होना चाहिए, और ये कारनामा कर दिखाया भोपाल के खजूरीकलां गांव के एक अनोखे किसान मिश्रीलाल राजपूत ने। जो अपनी फसलों के साथ प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने लाल भिंडी, नीले आलू और काले चावल उगाकर किसानों को नई राह दिखाई है। तो आइये आज हम जानते है इस किसान की उन्नत खेती के बारे में थोड़ा विस्तार से। 

डॉक्टर बनना चाहते थे बन गए किसान!

इंसान अपनी ज़िंदगी के लिए सोचता कुछ है और होता कुछ है. आज हम आपको जिस शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं उन्होंने ने भी कभी सोचा था कि वह एक डॉक्टर बनेंगे लेकिन उनकी किस्मत ने उन्हें एक ऐसा किसान बना दिया जो अन्य किसानों से एकदम अलग सोच रखता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर किसान नई फसलों के साथ प्रयोग करने से डरते हैं, लेकिन इस किसान ने साबित कर दिया कि खेती में भी नए प्रयोग किये जा सकते है। 

kisan misrilal rajput
Image Source: The Better India

भोपाल, मध्यप्रदेश के रहने वाले मिश्रीलाल राजपूत को, पिता की पारम्परिक खेती में कोई दिलचस्पी नहीं थी। इस बारे में वह कहते हैं:-  

“मैंने बायोलॉजी विषय के साथ बारहवीं की पढ़ाई की थी। तब मैंने सोचा था कि मेडिकल की पढ़ाई करूँगा, लेकिन कुछ कारणों की वजह से मेरी पढ़ाई छूट गई और आख़िरकार किसान का बेटा किसान बन गया।” 

खेती में नए-नए प्रयोगों के लिए मशहूर हैं मिश्रीलाल!

द बेटर इंडिया के अनुसार, खेती में नवाचार के मामले में मिश्रीलाल देशभर में काफी मशहूर है। आम किसानो की तरह साल 1989 में, उन्होंने पिता की पुस्तैनी खेती करने का प्लान बनाया। लेकिन उस बक्त ज्यादा बदलाव ना कर पाने की बजह से फसलें कम मुनाफा देती थी। ऐसे में मिश्रीलाल ने खेती में नवाचार के सुरु कर दिया। जिसमे सबसे प्रमुख रही लाल भिंडी, नीले आलू और भी बहुत कुछ। 

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Image Source: The Better India

खेती में नवाचार के मामले में उन्होंने सबसे पहले औषधीय खेती करने की शुरुआत की थी। जिसमे मिश्रीलाल ने मेंथा, सफेद मूसली, लेमन ग्रास आदि उगाया था। जिससे उनकी फसल अच्छे दामों में बिकी और अच्छा मुनाफा हुआ। हालाँकि कुछ कारणों से उन्होंने औषधीय खेती छोड़ फसलों में नए-नए प्रयोग करना सुरु कर दिया। उनका मानना है कि उन फसलों की खेती की जाए, जिसकी मांग बाजार में ज्यादा है और जिससे ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके।

लाल भिंडी उगाकर कर दिया कमाल!

आमतौर पर आपने देखा होगा कि भिंडी का रंग हरा होता है, लेकिन मिश्रीलाल ने खेती मन प्रयोग करके लाल भिंडी उगाकर कमाल कर दिया। उन्होंने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान बनारस से इसके बीज लाकर  40 डेसिमल जमीन में भिंडी की बोवनी की थी। वह फ़िलहाल थोड़ी सी जगह में ही लाल भिंडी उगा रहे हैं, लेकिन इसका मार्किट रिस्पॉन्स अच्छा रहा। 

Kisan mishrilal rajput
Image Source: Youtube Video ScreenShot

मिश्रीलाल का मनना है कि यह लाल भिंडी आम तौर पर मिलने वाली भिंडी से अधिक सेहतमंद होने के साथ साथ उससे ज़्यादा मूल्य पर भी बिकती है। उनका दावा है कि भिंडी की गुणवत्ता काफी अच्छी है और बाहर के देशों में लाल भिंडी की बहुत मांग है। फ़िलहाल वह लाल भिंडी का बीज भी तैयार कर रहे हैं और अगले साल वह इसका व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन करेंगे, ताकि  दूसरे किसानों को भी इसके बीज मुहैया करा सके। 

नीले आलू और काले चावल उगाकर दिखाई नई राह!

कुछ साल पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध चावल, ‘काला नमक’ की भी सफल खेती की थी। साथ ही पिछले साल उन्होंने थोड़ी सी जगह में नीले आलू उगाए थे, जो कि स्वास्थ्य के लिए अच्छी और काफी महंगी बिकने वाली सब्जी है। खास बात यह है कि इस आलू का नाम उन्होंने ‘ नीलकंठ’ रखा है। ऊपर से नीलकंठ की तरह नीला दिखने वाला यह आलू अंदर से किसी भी आम आलू की तरह ही दिखता है। 

Kisan Mishrilal Rajput
Image Source: News18India

इस आलू की खासियत केवल रंग ही नहीं है, बल्कि स्वाद के साथ-साथ इसके तत्व भी शरीर के लिए फायदेमंद हैं। ये आलू आम आलू के मुकाबले जल्दी पकता है और इसमें एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा सामान्य आलू से ज्यादा होती है। इससे यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी हैं। जिसका नतीजा ये रहा कि लाल भिंडी की तरह ही मिश्रीलाल के नीले आलू ने भी खूब चर्चा बटोरी। 

खेती से कमाया बढ़िया मुनाफा!

मिश्रीलाल के अनुसार, वह हमेशा कोशिश करते रहते हैं कि उन फसलों की खेती की जाए, जिसकी मांग बाजार में ज्यादा है और जिससे ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके। उनके पास खुद के ढाई एकड़ पुश्तैनी खेत हैं, बाकि के खेत वह भाड़े पर लेते रहते हैं। यानी कुल मिलाकर बह सालभर में 20 से 22 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। जिसमे बह नए नए प्रयोगो के साथ मौसमी सब्जियां उगाते हैं। 

Kisan Mishrilal Rajput
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मिश्रीलाल के अनुसार, पिछले साल उन्होंने मात्र एक एकड़ खेत में फूलगोभी उगाकर साढ़े चार लाख का मुनाफा हुआ था। ऐसा बह हर फसलों अच्छा मुनाफा कमाते है। और जिससे उनकी आर्थिक स्थति में सुधार हुआ और बह साल 2000 में, मैं अपने गांव में कार खरीदने वाला पहले  किसान बन गए थे। 

kisan mishrilal Rajput
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मिश्रीलाल ने बाकई समय-समय पर खेती में नए प्रयोग करके, उन्होंने साबित किया है कि वह सही मायनों में एक प्रगतिशील किसान हैं। इसीलिए सरकार ने उन्हें  साल 2003 में ‘मध्य प्रदेश कृषि भूषण’ पुरुष्कार से नवाजा।