उम्मीद की तस्वीर....गंगा घाट पर कॉम्पिटिटिव एग्जाम' की तैयारी करते ये स्टूडेंट्स सभी के लिए प्रेरणा है!

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students studying for exams on the ganga ghat

स्कूल-कॉलेज या लाइब्रेरी में में आपने छात्रों को एकसाथ बैठकर पढ़ते देखा होगा। क्यूंकि यह आम नजारा है। लेकिन बिहार के छात्र ज़रा अलग हैं, सीमित संसाधन में भी ये रास्ता खोज निकालते हैं। बिहार के बच्चे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को पास करने के लिए कितनी मेहनत करते हैं? इसको लेकर एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। 

इन तस्‍वीरों में हजारों युवा पटना के गंगा घाट की सीढ़‍ियों पर बैठकर प्रत‍ियोगिता परीक्षा की तैयारी करते दिख रहे हैं। इन तस्‍वीरों में बिहारी युवाओं की मेहनत और लगन की साफ झलक मिल रही है।

हजारो युवाओं के शामिल होने का दावा!

बिजनेसमैन हर्ष गोयनका सोशल मीडिया की दुनिया में खूब पॉपुलर हैं! आनंद महिंद्रा की तरह उनके ट्वीट्स भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल ही, उन्होंने एक तस्वीर शेयर की, और दावा किया कि यह फोटो पटना के गंगा घाट की है, जहां भारी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षा (कॉम्पिटिटिव एग्जाम) की तैयारी करते देखे गए।  उन्होंने तस्वीर के कैप्शन में लिखा:-

'पटना, बिहार के बच्चे गंगा नदी के किनारे बैठ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ये उम्मीद और सपनों की तस्वीर है।'

तस्वीर के पीछे की सच्चाई!

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक पटना के कालेज घाट पर हजारों की संख्‍या में युवा एसएससी और रेलवे की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। वंही News18 की रिपोर्ट के अनुसार जून में RRB ग्रुप D की परीक्षा होने वाली है। बिहार के लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठने वाले हैं। 

ganga ghat student study
Imaage Source: Jagran

ग्रुप डी में 103000 पद पदों के लिए परीक्षा का आयोजन होना है, जिसके लिए तकरीबन 1 करोड़ 15 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा की तैयारी के लिए रोजाना सुबह 4 से 6 के बीच पटना यूनिवर्सिटी के पीछे गंगा घाट पर एक साथ बैठते हैं और परीक्षा की तैयारी करते हैं। 

ganga ghat student
Imaage Source: Social Media

गंगा घाट कोचिंग रोज़ाना 2 घंटे चलती है।  छात्र 4 बजे ही यहां पहुंच जाते हैं और पढ़ाई में एक-दूसरे की मदद करते हैं। पहले सिर्फ़ कॉलेज घाट पर छात्र नज़र आते थे लेकिन अब काली घाट, कदम घाट पर भी छात्र इकट्ठा होने लगे हैं। ज्यादातर छात्र और छात्राएं जो गंगा घाट किनारे बैठकर परीक्षा की तैयारी करते हैं वह पटना यूनिवर्सिटी के छात्र है और साथ ही यूनिवर्सिटी इलाके में ही स्थित हॉस्टल और लॉज में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। 

एक इंजीनयिर फ्री में करता है बच्चों की सहायता

ANI के मुताबिक एस के झा नामक इंजीनयिर बच्चों की सहायता में लगे हुए हैं। एस के झा के शब्दों में:-

'इसकी वजह से बेरोज़गारी। हम उसे ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी छात्र और अध्यापक रोज़ एक कदम आगे चल रहे हैं। शनिवार रविवार को सुबह 6 बजे हम टेस्ट करवाते हैं। 12000-14000 छात्र आते हैं। मैं पिछले दो महीनों से बिना कोई फ़ीस लिए पढ़ा रहा हूं। 30-35 लोगों की एक टीम पूरे हफ़्ते छात्रों के लिए टेस्ट पेपर बनाने का काम करती है।"


एएनआइ का दावा है कि झा इसके लिए युवाओं से कोई शुल्‍क भी नहीं लेते हैं। उन्‍होंने बताया कि वे पिछले दो महीने से ऐसा करते आ रहे हैं। वंही पटना के गंगा घाट की तस्‍वीरें देखकर लोगों को कुछ साल पहले वायरल हुईं सासाराम स्‍टेशन की तस्‍वीरें याद आ गई हैं।

यंहा देखिये वायरल ट्वीट्स 

 


सोशल मीडिया पर लोग इन तस्वीरो को शेयर कर बच्चो की हौसला अफजाई कर रहे है।