मामूली गांव से निकलकर UPSC टॉपर बना युवा, अब IAS अफसर बनकर करेंगे देश सेवा!

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IAS Subham Kumar Story

कहाबत है मेहनत करने बालो की कभी हार नहीं होती। और ऐसे ही मेहनत कर कामयाबी हासिल करने बाले एक शख्स का नाम है, शुभम कुमार। क्या आप बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार को जानते हैं, अगर नहीं तो बता दें कि शुभम यूपीएससी 2020 के टॉपर हैं। यानी पूरे इंडिया में प्रथम स्थान लाने बाले युवा IAS अफसर। तो आइये जानते है उनके संघर्ष और सफलता की कहानी क्या है?

परिवार ने हर कदम पर निभाया सुभम का साथ!

UPSC टॉपर शुभम कुमार कटिहार जिला के कदवा प्रखंड अंतर्गत कुम्हरी गांव के रहने वाले हैं। शुभम की जब प्राथमिक शिक्षा शुरू हुई तो गांव में शिक्षित लोग न के बराबर थे। गांव में सिर्फ एक सरकारी स्कूल था, यहां संसाधनों की काफी कमी थी। इसलिए पिता ने मौके की नजाकत को समझा और सुभम को बाहर पढ़ने के लिए पटना भेज दिया गया। 

Ias Subham Story
Image Source: Bhaskar

शुभम ने क्लास टू तक गांव के ही स्कूल में पढ़ाई की। उसके बाद शुभम को पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया गया। पटना में शुभम ने 5 क्लास तक की पढ़ाई की फिर पूर्णिया के परोरा स्थित विद्या बिहार आवासीय स्कूल में कक्षा छह से लेकर मैट्रिक तक पढ़ाई की।  

IAS Subham Kumar
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कटिहार और पूर्णिया से गांव में जाने के लिए पक्की सड़क नहीं थी। कच्ची सड़क होने के कारण यातायात सुविधा की भी काफी कमी थी। उनके दादा खुद सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। पिता बैंक अधिकारी हैं और शुभम की बड़ी बहन सुरभि कुमारी इंदौर में साइंटिस्ट हैं।

पहले पास किया IIT फिर UPSC में तोडा रिकॉर्ड!

सुभम शुरुआत से पढाई में अव्वल रहे, शुरुआती पढ़ाई करने के बाद सुभम का IIT में सेलेक्शन हुआ और IIT मुंबई से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। 2018 में पासआउट हुआ। इसके बाद UPSC की तैयारी शुरू की। इस बारे में सुभम बताते है कि:-

"मेरे दिमाग में तो 12वीं के बाद से ही था कि UPSC की तैयारी करनी है। लेकिन मैं मिडिल क्लास फैमिली से आता हूं तो ये लगा कि अगर IIT निकाल लेता हूं तो भविष्य सिक्योर हो जाएगा।"


इसके बाद मेरा IIT में सिलेकशन हुआ, और फिर शुभम ने बताया कि IIT में रहने के दौरान उन्होंने जहां इंटर्नशिप की, उस कंपनी को भी उनका काम काफी पसंद आया था। कंपनी की तरफ से ऑफर भी था कि वे आगे उनके साथ जुड़ सकते हैं लेकिन शुभम को IIT से ज्यादा सिविल सेवा पसंद थी। इसलिए बह UPSC की तयारी में जुट गए। 

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शुभम ने तीसरे अटेंप्ट में UPSC टॉप किया है। 2018 में भी उन्होंने परीक्षा दी थी, फिर 2019 में परीक्षा दी, जिसमें उनकी 290 रैंक आई थी। इसी के बाद इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विसेज़ में उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई थी। अब तीसरी बार में टॉप कर लिया है। रिज़ल्ट आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करके शुभम को बधाई दी थी:-

बिहार के सीएम ने दी बधाई!


अपनी सफलता पर क्या बोले सुभम? 

देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक यूपीएससी क्लीयर करना लगभग सभी युवा का सपना होता है। हालांकि, इसमें सफलता चंद छात्रों को ही मिल पाती है। शुभम ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि:- 

"मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। कई बार मेरी हिम्मत टूट जाती थी। लेकिन माता-पिता और भाई के सहयोग से ही ऐसा हो पाया है। मैं सिर्फ 7-8 घंटे पढ़ाई करता था। पिछली बार मेरा चयन इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस में हो गया था। लेकिन मैं आईएएस बनना चाहता था। इसलिए मैंने तीन बार एग्जाम दिया। शुभम पहली बार वह असफल रहे, दूसरी बार में 290 रैंक आई और तीसरी कोशिश में नंबर एक रैंक आई।"

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Image Source: The Indian Express

उनका मानना है कि कितने घंटे पढ़ रहे हैं, इससे ज़्यादा मायने ये रखता है कि कितनी नियमित तरीके से पढ़ रहे हैं।