फौजा सिंह: 100 साल की उम्र में रिकॉर्ड तोड़ने वाले 'धावक', जिन्हे खुद क्वीन एलिजाबेथ ने दी बधाई!

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fauja Singh

साल 2004 की बात है, लंदन के चौराहों पर एक तस्वीर दिखाई दी। ये मशहूर स्पोर्ट्सवियर कंपनी का एडवरटाइजिंग कैंपेन था। कैंपेन में तीन लोगों की तस्वीर थी, फुटबॉल के चर्चित खिलाड़ी डेविड बेखम और बॉक्सर मोहम्मद अली के साथ एक बुजुर्ग सरदार। दुनियाभर के लोग आश्चर्य में पड़ गए कि आखिर यह बुजुर्ग सरदार हैं कौन? यह वह शख्सीयत हैं जिन्होंने धावक के तौर पर अपना करियर ही 89 साल की उम्र में शुरू किया। नाम है फौजा सिंह। 

89 की उम्र में शुरू किया मैराथन दौड़ना!

ज़ी न्यूज़ की खबर अनुसार, 1 अप्रैल 1911 को जालंधर (भारत) के एक सिख परिवार में जन्में फौजा सिंह को बचपन से अनेक शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। पतला दुबला सा दिखने वाला फौजा, बाकी के लड़के उसे डंडा कहकर चिढ़ाते। जब जवान हुए तो माँ बाप ने शादी कर दी, और फौजा की घर-गृहस्थी शुरू हो गयी।   

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Image Source: Zee News

आने वाले सालों में परिवार बड़ा हुआ। फौजा के तीन बेटे, तीन बेटियां मिलाकर कुल 6 बच्चे हुए। वक्त गुजरा. देश आजाद हुआ। बच्चे बड़े हुए, और एक-एक कर नौकरी वास्ते कनाडा लन्दन चले गए। फौजा जब 89 साल के थे तब उनकी पत्नी और बच्चे की हादसे में मौत हो गई। वह तनाव में रहने लगे और गहरे सदमे में चले गए। पत्नी और दो बच्चों की मौत ने फौजा सिंह को तोड़ कर रख दिया। 

तब लन्दन में रहने वाले फौजा के बच्चे उसे अपने साथ ले आए। ये सोचकर कि अकेले भारत में क्या करेंगे। एक शाम जब फौजा टीवी देख रहे थे। तो उन्होंने देखा कि लन्दन में मैराथन होने वाली है। और टीवी का एंकर लोगों से भाग लेने को कह रहा है। लेकिन मैराथन किस चिड़िया को कहते हैं, इसका कोई आईडिया नहीं था। 

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Image Source: Amar Ujala

उसी दिन मैराथन दौड़ने का फैसला किया और पहले ही दिन रनिंग ट्रैक पर थ्री पीस सूट पहन कर पहुंच गए। उनसे कुछ देर बातें करने के बाद कोच समझ गए कि इस सरदार के इरादे मजबूत हैं और अब वह यहां से पीछे हटने वाले नहीं हैं। ट्रेनिंग शुरु हुई। साल 2000 में फौजा सिंह ने पहली बार मैराथन में हिस्सा लिया। 

साल 2000 की लंदन मैराथन में सारे कैमरे एक ही शख्स पर टिके हुए थे। 6 घंटे और 54 मिनट का वक्त लिया। 89 की उम्र में फौजा सिंह की जिंदगी की ये पहली मैराथन थी। साल 2001 में लन्दन में एक और मैराथन हुई। फौजा की उम्र अब 90 क्रॉस कर चुकी थी। 

93 साल की उम्र में बनाया विश्व रिकॉर्ड 

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Image Source: afaqs

अमर उजाला की खबर अनुसार, फौजा सिंह ने 93 साल की उम्र में छह घंटे 54 मिनट में मैराथन पूरी की। 90 की उम्र से ज्यादा वाले किसी धावक के विश्व रिकॉर्ड से यह समय 58 मिनट बेहतर था।  उनके इस रिकॉर्ड पर ADIDAS कंपनी की नजर पड़ी और उन्होंने फौजा सिंह के साथ विज्ञापन बनाया। जिसे दुनिया ने फौजा सिंह के नाम से जाना। फौजा सिंह ने बतौर धावक अपने करियर में एक से एक बेहतरीन रिकॉर्ड बनाए हैं। 

100 साल की उम्र में मैराथन

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Image Source: द इंडिपेंडेंट

100 की उम्र तक फौजा ने कई सारे रिकॉर्ड बनाये, अपनी उम्र की कटैगरी में 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 3000 मीटर, और 5000 मीटर दौड़ में सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले। क्यूंकि 100 साल  की उम्र के किसी व्यक्ति ने इनमें हिस्सा लेने की कोशिश ही नहीं की थी। साल 2011 में फौजा सिंह ने टोरंटो में एक और मैराथन में हिस्सा लिया, और इसी के साथ जिंदगी की पारी में शतक लगाने के बाद मैराथन दौड़ने वाले वो पहले व्यक्ति बन गए। 

क्वीन एलिजाबेथ ने दी बधाई!

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Image Source: Amar Ujala

फौजा सिंह ने बतौर धावक अपने करियर में एक से एक बेहतरीन रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसमे वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शामिल है। लेकिन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उनका जन्म प्रमाण पत्र न होने पर उनके रिकॉर्ड को दर्ज करने से मना कर दिया था। साल 2011 में सौ साल की उम्र में मैराथन दौड़ने पर उन्हें क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा उन्हें पत्र लिखा गया। जिसमें क्वीन ने उन्हें 100 साल पूरे करने पर बधाई दी थी। लेकिन इससे भी बात बनी नहीं, और फौजा का रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज़ नहीं हो पाया।