उम्र सिर्फ ढाई साल, मगर काम बेमिसाल...ढाई साल की बच्ची ने वर्ल्ड रिकॉर्ड किया अपने नाम!

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anvi agarwal

कहाबत है की पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते है। यानी बच्चा भविष्य में क्या तीर मारेगा इसका पता उसके आचरण और काम से चल जाता है। ऐसी ही एक बच्ची की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसकी उम्र महज अभी ढाई साल है, लेकिन कारनामा ऐसा कि उसका नाम "वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज हो गया। तो आइये जानते है इस होनहार छोटी बच्ची की कहानी। 

उम्र सिर्फ ढाई साल, मगर काम बेमिसाल!

वो नन्हीं-सी बच्ची, जो अभी-अभी चलना शुरू की है, उसने कामयाबी का वह सफर तय कर लिया है, जिसे पाने के लिए लोग अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं। जी हां, हम बात कर रहे है ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में रहने वाली ढाई साल की नन्ही अन्वी विशेष अग्रवाल की। बिल्कुल जैसे इस बच्ची के साथ नाम में विशेष जुड़ा हुआ है बच्ची है भी विशेष। 

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Image Credit/ Source: ANI

जिस उम्र बच्चे सिर्फ खेलते हैं, ठीक से पेंसिल भी नहीं पकड़ पाते हैं, उस उम्र में नन्ही अन्वी में एक नहीं बल्कि 72 पेंटिंग बना डाली हैं। मगर उसने महज ढ़ाई साल की उम्र में ही पेंटिंग की दुनिया में बो कारनामा कर दिखाया, जिसे पाने के लिए लोग अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं। 

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Image Credit/ Source: ANI

Zee News की रिपोर्ट अनुसार, अन्वी ने एक बच्चे द्वारा बनाई गई पेंटिंग की अधिकतम संख्या का विश्व रिकार्ड अपने नाम किया है, जिसके लिए वर्ल्ड बुक आफ रिकार्डस, लंदन और इंडिया बुक रिकार्डस द्वारा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया है। अब जब नाम रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है तो जाहिर सी बात है किसी बच्चे के द्वारा बनाई गई पेंटिंग की यह सबसे अधिक संख्या है। 

9 महीने की उम्र में ही थाम लिया पेंटिंग ब्रश

अन्वी के माता-पिता अनुराधा डालमिया अग्रवाल एवं विशेष अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, अन्वी की कला यात्रा जब वह 9 महीने की थी तभी से शुरू हो गई थी। जब नन्ही सी बच्ची को रंगों से प्यार हो गया, तो परिवार ने भी नन्ही सी बच्ची को वह जो चाहती वैसा ही माहौल उपलब्ध कराया और बच्ची की रचनात्मक शैली का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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इसके बाद कलर पेंटिंग के प्रति उसका प्रेम दिन प्रतिदिन निखरता गया। उन्होंने बताया कि बेबी अन्वी को नॉन ब्रश पेंटिंग पसंद है और उसने कैनवास को पेंट करने के लिए अपने खिलौनों को एकीकृत करके 37 प्लस तकनीकों को स्वयं रोमांचित किया है। वैसे अन्वी ने इस छोटी-सी उम्र में सिर्फ पेंटिंग ही बनाना नहीं सीखी, बल्कि 37 से अधिक चीजें जानती हैं। 

कला की 37 से अधिक हुनर जानती है ये छोटी बच्ची 

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चुंबक, पेंडुलम, ‘कलर्स ऑन व्हील्स’, प्रतिबिंब कला, बालों में कंघी बनावट, पुराने खिलौनों को फिर से बनाना, ह्यूमन स्पाइरोग्राफी, DIY स्प्रे पेंटिंग, बबल पेंटिंग आदि तकनीकों को भी अन्वी बखूबी जानती हैं। 

स्पेनिश भाषा भी जानती है अन्वी 

अन्वी के माता-पिता ने बताया कि उनकी यह नन्ही परी, जब महज 1 वर्ष 9 महीने की थी, तो उसने विदेशी भाषा (स्पेनिश) बोलने, ध्वन्यात्मकता की सभी 42 ध्वनियों को जानने और दुनिया के स्मारकों, देश के नामों, झंडों और सामान्य जागरूकता के विभिन्न अन्य विषयों का ज्ञान रखने के लिए भारत की रिकॉर्ड बुक बनाई।


आपको बता दे, अन्वी अभी तक 117 पेंटिंग बना चुकी है, जिसमे से चुनिंदा 72 पेंटिंग को रिकॉर्ड बताने बाली संस्था को भेजा गया। 

माता-पिता को है अपनी परी पर गर्व

अपनी बेटी की उपलब्धि पर माता-पिता फूले नहीं समा रहे हैं, बह अपनी इस नन्ही परी के कारनामे से बेहद खुश हैं। अन्वी के माता-पिता का मानना है कि हम सौभाग्यशाली हैं कि भगवान ने हमें ऐसी बच्ची दी जिसने नन्ही सी उम्र में जब बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पाते हैं, विश्व रिकार्ड बना डाला है।

 


अन्वी की मां बताती हैं कि महामारी के दौरान बच्चों का मनोरंजन करना और उन्हें सीखाना मुश्किल भरा काम था, मगर अन्वी ने सबकुछ आसानी से किया। वहीं अन्वी के पिता विशेष अग्रवाल कहते हैं, ‘मुझे अपनी बेटी पर बहुत गर्व है। हमने उसके इंटरेस्ट का दिल से ख्याल रखा।’ अन्वी अब दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।