कैलाश-ओम पर्वत घूमने गई महिला का दावा ...मैं देवी पार्वती का अवतार, शिव से ही करूंगी विवाह!

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woman claims she is goddess parvati and wants marry to god shiva

भारत-चीन सीमा के निकट नाभीढांग के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से रह रही लखनऊ की एक महिला ने चौंकाने वाला दावा किया है, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन भी परेशान हो गया है। महिला का दावा है कि वह देवी पार्वती का अवतार है और किसी भी कीमत पर वह भगवान शिव से ही विवाह करेगी। क्या है पूरा मामला? आइये हम आपको बताते है, थोड़ा विस्तार से। 

..मैं देवी पार्वती का अवतार, शिव से ही करूंगी विवाह!

चीन बॉर्डर के करीब नाभीढांग में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद ओम पर्वत हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है, और इसी से आकर्षित होकर पहुंची हरमीत कौर। वह लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र की रहने वाली है। 23 अप्रैल को हरप्रीत कौर अपनी मां हरविंदर कौर के साथ ओम पर्वत के दर्शन के लिए गई थी। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग (Image Source: News18India)

उसका परमिट 25 मई तक के लिए था। जिसके बाद यात्रा समाप्त होने पर मां धारचूला लौट गईं, जबकि हरमीत गुंजी में रुक गई। और 24 मई की समय सीमा खत्म होने के बावजूद हरप्रीत ने नाभीढांग से लौटने के लिए मना कर दिया। 

इसके बाद, महिला को धारचूला वापस लाने के लिए तीन सदस्यीय पुलिस टीम को भेजा गया... क्यूंकि जिस जगह वह रह रही है, वह प्रतिबंधित इलाका है। इसलिए परमिट खत्म होने के बाद किसी को भी वहां रहने या रुकने की इजाजत नहीं है। 

शिव से ही करूंगी विवाह!

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिथौरागढ़ के एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि जब पुलिस उसको वहां से लेने पहुंची तो उसने सुसाइड करने की धमकी दे डाली। इस महिला का कहना है कि वह देवी पार्वती का अवतार है और भगवान शिव से विवाह करेगी। जिसके बाद पुलिस ने लाख समझाया लेकिन महिला नहीं मानी। अंततः पुलिस को खाली हाँथ लौटना पड़ा। 

परिजनों के लाख मनाने पर भी लौटने से इंकार!


आपको बता दें कि परिजनों के लाख मनाने के बाद भी जब हरप्रीत ने वापस लौटने से इंकार कर दिया। तब उसकी मां हरविंदर कौर थक हार कर वापस लौट आईं. वहीं, हरप्रीत का कहन है कि वो शिव की धरती से जाना ही नहीं चाहती। इतना ही नहीं वह खुद को देवी पार्वती का अवतार बताकर भगवान शिव से विवाह भी करना चाहती हैं। 

पिथौरागढ़ पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी!

एसपी लोकेश्वर सिंह ने कहा, महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। पहली बार उसे नीचे लाने का प्रयास सफल नहीं हो पाया है। जिसके बाद फिर से हरप्रीत को वापस नीचे लाने के लिए एक मेडिकल टीम, दो महिला एसआई और दो जवान भेजे जायेंगे! जिससे पूरी कोशिश की जाएगी कि महिला को प्रतिबंधित इलाके से तुरंत वापस लाया जा सके। 

कहा स्थित है नाभीढांग?

आपको बता दें कि सामरिक नजरिए से काफी अहम ये इलाका, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित है। यह एक तरह का प्रतिवंधित इलाका है, जंहा आम नागरिको को जाने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता है, जिसकी अवधि सीमित होती है। परमिट समाप्ति के बाद ब्यक्ति को अपने निज स्थान पर लौटना पड़ता है। 

आपको बता दे, कैलास पर्वत को भगवन शिव का स्थान कहा जाता है। यह भारत चीन बॉर्डर पर स्थित है। आध्यात्मिक दृस्टि से यह स्थान हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां आकर कोई भी खुदको भगवान की शरण से दूर नहीं करना चाहता है। यह स्थान अपने आप में अलौकिक और अद्भुत जो है।