विधवा बहू को बेटी मान सास-ससुर ने कराई धूम-धाम से शादी, गिफ्ट में दिया बंगला!

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widow daughter in law remarriage

बहू भी बेटियों की तरह ही होती है, आप अपनी बेटियों के लिए जैसी सोच रखते है... अगर बही सोच अपनी बहुओ के लिए रखे तो सायद इस समाज में कई घर टूटने से बच जाए। फ़िलहाल मध्य प्रदेश के धार से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने समाज में मिशाल पेस कर बाबुल फिल्म बाली स्टोरी दोहरा दी। यहां एक सास-ससुर ने माता-पिता बनकर अपनी बहू का कन्यादान किया। क्या है पूरा मामला? आइये जानते है। 

सास-ससुर ने कराई बहु की दूसरी शादी!

भास्कर की रिपोर्ट अनुसार, मामला मध्य प्रदेश के धार का है, जंहा एक परिवार ने ऐसी ही मिसाल पेश की है। दरअसल बेटे की महामारी के दौरान मौत हो गयी थी। बेटा तो चला गया लेकिन बह अपने पीछे छोड़ गया एक भरपुरा परिवार...माँ-बाप और पत्नी और बेटी। बेटे के जाने का गम माँ-बाप पर बेसुमार था लेकिन बहु का अकेलापन और दर्द उससे कंही ज्यादा। जिसकी बजह से मानो पूरे परिवार की जीवन गाडी रुक सी गई थी। 

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Image Source: Bhaskar

इसके बाद, सास-ससुर ने अपना दर्द भूलकर बहू के अकेलेपन और दर्द को महसूस किया। जिंदगी की गाड़ी अकेले नहीं चल सकती इसलिए उसका नया हम सफर ढूंढा और बहू के हाथ पीले करके आशीर्वाद दिया- जा तुझको सुखी संसार मिले। ये दुख-सुख की ये कहानी धार के तिवारी परिवार की है। यहां रहने वाले युग प्रकाश तिवारी ने समाज के लिए ऐसी पहल की जो युगों तक मिसाल रहेगी। 

महामारी ने छीनी थी परिवार की खुशियां!

धार शहर के रहने वाले युग तिवारी और इनकी पत्नी रागिनी तिवारी का जीवन खुशियों से भरा था। परिवार में दो बेटे- बहु पोती सब थे। लेकिन बीती महामारी ने इस परिवार की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया, और महामारी में उनके बेटे प्रियंक तिवारी का निधन हो गया। जिसके बाद मानो इस परिवार का संसार ही उजड़ गया।  

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Image Source: अपने पहले पति प्रियंक के साथ रिचा (Bhaskar)

घर में जवान विधवा बहु ऋचा और नन्ही सी पोती, जिसने अभी ठीक से दुनिया भी नहीं देखि थी उसके सर से पिता का साया उठ गया था। इस बारे में युग तिवारी ने बताया कि:-  

"27 नवंबर 2011 में उनके बेटे प्रियंक की शादी रिचा से हुई थी। प्रियंक भोपाल की नेटलिंक कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और भोपाल में ही उसकी पोस्टिंग थी। साल 2013-14 में उन्हें एक बेटी हुई थी। जिसका नाम आन्या तिवारी (9) है।"

सास-ससुर ने किया कन्यादान! 

बेटे की मौत के बाद, तिवारी परिवार ने जैसे तैसे अपने आप को संभाला। अब सामने था बहू ऋचा तिवारी और पोती की आगे की जिंदगी की चिंता। ससुर युग प्रकाश तिवारी और सास ने बहू को बेटी की तरह विदा करने का मन बनाया। युग का कहना है कि वह अपनी बहू को बेटी मानते हैं। उन्हें रिचा और आन्या के भविष्य की चिंता थी। इसलिए उन्होंने एक साल तक बहू के लिए योग्य वर की तलाश की। 

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Image Source: News18India

उसके लिए रिश्ता ढूंढा और नागपुर के वरुण मिश्रा जीवनसाथी के तौर पर मिल गया। वरूण होस्टल संचालक और प्रॉपर्टी ब्रोकर है। उसके बाद उन्होंने रिचा के मायके वालों से इस बारे में बात कर उनकी सहमति से सास-ससुर ने माता-पिता बनकर बहू का कन्यादान किया और एक बेटी की तरह उसे विदा किया। 

बेटे का बंगला दे दिया तोहफे में!

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Image Source: Bhaskar

तिवारी परिवार ने अपने बहू की शादी कन्यादान सहित हर रस्म खुद निभाई। शादी का पूरा खर्च भी उन्होंने खुद ही उठाया और पूरे धूमधाम से बेटी समान बहू की शादी रश्मे निभाई। उसे कोई तकलीफ न हो, इसे देखते हुए नागपुर में उनके बेटे प्रियंक ने जो बंगला खरीदा था। वह बंगला भी उन्होंने अपनी बहू को तोहफे में दे दिया। शादी के बाद आन्या भी अपनी मम्मी के साथ नागपुर चली गई है।

आसान न था फैसला!

प्रियंक के बड़े भाई मयंक तिवारी ने अपने छोटे भाई की यादों को किताब में संजोया है। उन्होंने प्रियंक के जीवन पर किताब लिखी है। जिसका टाइटिल है- जीवन का मानचित्र। वंही सास कहती हैं ऋचा बहुत अच्छी है। हमने उसे बेटी माना है और बेटी मानकर ही उसकी और पौती की आगे की जिंदगी को देखते हुए उसकी शादी का निर्णय लिया। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी अपील की कि वो भी अपनी बहुओं को बेटी जैसा प्यार दें। दहेज के लिए प्रताड़ित न करें।