PM मोदी की सुरक्षा चूक में 'ब्लू बुक' के नियम किसने तोड़े... जानिए क्या है नियम?

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भारत में सबसे सख्त सुरक्षा के पहरे में रहने वाले प्रधानमंत्री मोदी का काफिला जिस तरह एक फ्लाईओवर पर रुका रहा, उसमें गलती आखिरी किसकी थी? पंजाब के फिरोजपुर में नेशनल हाईवे पर कुछ प्रदर्शनकारी किसानों ने कथित तौर पर मोदी का रास्ता रोक लिया। पीएम का काफिला 20 मिनट तक रुका रहा। काफिला यहीं से लौट गया और पीएम मोदी बिना रैली किए ही वापस दिल्ली लौट आए थे।

इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट के साथ सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने को कहा। इसे पीएम की सुरक्षा में कथित तौर पर चूक माना जा रहा है। जिसे लेकर केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। 

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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनों को लेकर खुफिया इनपुट थे, बावजूद इसके पंजाब पुलिस ने ‘ब्लू बुक’ नियमों (Blue Book Rules) का पालन नहीं किया। तो सवाल उठ खड़ा हुआ कि आखिर पीएम सुरक्षा को लेकर ये  ‘ब्लू बुक’ है क्या? तो आइये जानते है। 

क्या होती है सुरक्षा ‘ब्लू बुक'?

ब्लू बुक के अनुसार, राज्य की पुलिस को किसी भी प्रतीकूल स्थिति, जैसी पंजाब में देखने को मिली, उस समय एक आकस्मिक मार्ग की तैयारी पहले से करके रखनी होती है। एसपीजी के जवान पीएम के चारों ओर घेरा बनाकर रहते हैं लेकिन सुरक्षा के बाकी उपायों की जिम्मेदारी राज्य सरकार के हाथों में होती है। 

वंही विपरीत स्थिति में होने वाले बदलाव की जानकारी राज्य की पुलिस एसपीजी को देती है और उसी हिसाब से वीआईपी की गतिविधि बदली जाती हैस्थिति में होने वाले बदलाव की जानकारी राज्य की पुलिस एसपीजी को देती है और उसी हिसाब से वीआईपी की गतिविधि बदली जाती है। 

प्रधानमंत्री की ब्लू बुक वास्तव में उनके सुरक्षा के लिए नियमों और प्रोटोकॉल का दस्तावेज होता है, इस बुक के निर्देशों के अनुसार ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा का इंतजाम किया जाता है। यही नहीं इसमें जो भी नियम होते है, उनके अनुसार ही प्रधानमंत्री के द्वारा की जा रही यात्रा भी ध्यान किया जाता है। 

ब्लू बुक राष्ट्रीय सुरक्षा की बुक है। इस बुक से ही तय की जाती है कि किसको क्या सुरक्षा देनी है और उस सुरक्षा व्यवस्था में क्या-क्या विभाजित जाएगा। सुरक्षा एजेंसी जिन पर सुरक्षा का दामोदर रहता है, वो जिन अनुदेशों का पालन है, वह ब्लू बुक में दिया जाता है। यह बुक सुरक्षा एजेंसी के पास रहती है।

पीएम सुरक्षा को लेकर किधर हुई गलती?

बीते बुधवार के दिन पीएम मोदी पंजाब दौरे पर थे, यंहा उन्हें एक चुनावी सभा को संबोधित करना था। उनका पहले का कार्यक्रम हबाई मार्ग से था, लेकिन मौषम खराब होने की बजह से पीएम का रास्ता बदलकर सड़क मार्ग कर दिया गया। अब जब पीएम मोदी सड़क मार्ग से रैली की तरफ जाने लगे, तो सामने से कुछ प्रदर्शनकारी किसानो ने उनका रास्ता रोक लिया। 

रास्ता क्या रोका पूरा सड़क ही जाम कर दिया, जिसके बाद पीएम मोदी का काफिला रोक दिया गया। अब ये ऐसा मौका था, जब देश के पीएम और आंदोलनकारी किसान एक ही सड़क पर मौजूद थे। वंही किसानो की तरफ से जमकर नारेबाजी की जाने लगी, जिसके बाद मौहौल में थोड़ी गर्मा-गर्मी हो गई। 

इसी बीच पीएम की सुरक्षा में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने पीएम का काफिला मोड़ लिया और बापिस दिल्ली की ओर कूच कर गए। अब इसी को लेकर पीएम मोदी की सुरक्षा के साथ खिलबाड़ बताया जा रहा है, जो सायद है भी। क्यूंकि जंहा पीएम मोदी का काफिला रोका गया था बंहा से पाकिस्तान बॉर्डर ज्यादा दूर नहीं था। वंही दूसरा सवाल ये भी उठ रहा है कि पीएम मोदी के रुट की जानकारी आंदोलनकारी किसानो तक किसने पंहुचाई?