पानी न बरसने पर "इंद्र देवता" के खिलाफ युवक ने की शिकायत, तहसीलदार ने भी कार्रवाई के आदेश दिए!

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Sukha

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक रोचक मामला सामने आया है। यंहा बारिश नहीं होने के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है, इसी समस्या को लेकर एक शख्स ने इंद्र देवता के खिलाफ शिकायत की अर्जी दे डाली। इससे भी बढ़कर हुआ यह कि पूर्ण समाधान दिवस पर तहसीलदार साहब ने उसे मंजूर कर कार्रवाई के लिए आगे भी बढ़ा दिया। क्या है पूरा मामला? चलिए हम आपको बताते है। 

इंद्र देवता के खिलाफ युवक ने की शिकायत!

दरअसल, गोंडा जिले की करनैलगंज तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। जिसमे गोंडा जिले के कर्नलगंज कटरा बाजार के रहने वाले सुमित कुमार यादव भी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। जब उनका नंबर आया तो उन्होंने बारिस ना होने से परेशान होकर तहसीलदार साहब को बारिश के देवता इंद्रदेव के खिलाफ ही अर्जी दे डाली। 

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युवक द्वारा दी गई शिकायत अर्जी!

इंद्र देवता के विरुद्ध शिकायत में सुमित ने आगे अफसर को संबोधित कर लिखा है कि "विगत कई माह से पानी नहीं गिर रहा है। जिससे जनमानस बहुत ही परेशान है। जीव-जंतुओं और खेती पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। जिससे घर में रह रही औरतें और छोटे बच्चे काफी ज्यादा परेशान हैं। अतः निवेदन है कि आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।"

तहसीलदार ने भी कार्रवाई के आदेश दिए!

आपको बता दे, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात ये रही कि युवक की शिकायत अर्जी पर तहसीलदार साहब ने उसे मंजूर कर कार्रवाई के लिए आगे (अग्रसारित यानी फॉरवर्ड) बढ़ा दिया। उन्होंने इस प्रार्थना पत्र को फॉरवर्ड कर कार्रवाई के लिए कहा है। लेकिन जब यह शिकायती पत्र वायरल हुआ तो बात जिलाधिकारी तक पहुंची। 


मीडिया खबरों के अनुसार, बारिश का तो पता नहीं लेकिन जिलाधिकारी ने आदेश देने वाले तहसीलदार के खिलाफ जांच का आदेश दे दिया है। बताया जाता है कि उन्‍होंने मामले की जांच करने का आदेश दे दिया है कि आखिर बिना देखे पत्र को आगे कैसे बढ़ा दिया गया। फ़िलहाल मामले की जांच सीआरओ जय यादव को सौंपी गई है। वह करनैलगंज तहसील पहुंच जांच कर रहे हैं।

इंद्र देव पर प्रशाशन कैसे करेगा कार्यबाही?

शिकायतकर्ता सुमित यादव ने इस प्रार्थना पत्र की सब्जेक्ट लाइन में पानी न बरसने और सूखा पड़ने की बात लिखी है। फ़िलहाल तहसीलदार से अग्रसारित हुआ पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद सवाल उठना लाजमी है कि प्रशाशन इंद्र देवता पर आखिर कैसे कार्यबाही करेगा? और कैसे पीड़ित की समस्या का समाधान करेंगे। 


तहसीलदार से अग्रसारित हुए इस पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने पर चर्चा है कि अधिकारी इसी तरह शिकायती पत्र को बिना पढ़े ही अग्रसारित कर देते हैं। आप सोशल मीडिया पर वायरल लेटर के नीचे यूजर्स के रिप्लाई देख सकते है।