लड़की पैदा हुई तो कचरे की पेटी में फेंक गए माँ-बाप, बदला भाग्य...अब मासूम अमेरिका में पलेगी-बढ़ेगी!

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चार साल पहले जिस नवजात बच्ची को माता-पिता बोझ समझ कर कूड़े के ढेर के पास छोड़ गए थे, वह अब सात समंदर पार अमेरिका में पलेगी-पढ़ेगी। उसे माता-पिता मिल गए हैं, साथ ही उसे अमेरिका की नागरिकता भी मिलेगी। इस बच्ची का नाम अर्पिता है। ऑनलाइन बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया में अमरिका के नाथन दंपति ने अहमदाबाद की अर्पिता को पसंद किया। 

मौत से जंग जीत अमेरिका में जियेगी शानदर जिंदगी 

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एक कहावत है कि जाको राखे साइया मार सके न कोई...दरअसल, अर्पिता को 4 साल पहले उसके परिवार वालों ने कचरे की पेटी में लावरिस छोड़ दिया था। गंदगी और दुर्गन्ध की बजह से मासूम की तबियत बिगड़ गई, जब बच्ची रोने लगी तो उधर से गुजर रहे लोगो का ध्यान मासूम पर पड़ा। 

आनन् फानन में पुलिस-प्रशाशन को मौके पर मौजूद लोगो ने सूचना दी व बच्ची को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया। अर्पिता को जन्म देने के बाद उसके परिवारवालों ने छोड़ दिया था लेकिन अर्पिता के साथ ईश्वर था। धीरे-धीरे अर्पिता मौत से जंग जीत गई और उसके बाद जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। 

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स्थानीय प्रशाशन ने इंसानियत दिखाते हुए मासूम अर्पिता के बेहत भविष्य के लिए उसे अहमदाबाद के बाल शिशुगृह को सौंप दिया। अर्पिता धीरे-धीरे 4 साल की हो गई। और अब उसकी किस्मत तब पलट गई जब एक अमेरिकी दंपत्ति ने उसको देने लेने का निर्णय किया। 

ऑनलाइन बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया में अमरीकी नाथन दंपति ने भारत के गुजरात में अहमदाबाद की अर्पिता को पसंद किया। नाथन दंपति ने गोद लेने की आधिकारिक व कानूनी प्रक्रिया पूरी की एवं अर्पिता को आखिरकार परिवार मिल गया। अब अमेरिका में रहेगी और वंही उसका लालन-पालन होगा। 

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अर्पिता को गोद लेने के बाद नाथन थोम्पसन ने कहा कि, वे खुश हैं कि उन्होंने पुत्री को गोद लिया है एवं अब अर्पिता का पालन-पोषण एवं अच्छी शिक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। अहमदाबाद के जिला कलेक्टर संदीप सागले ने कहा, 'मैं अमेरिकी दंपति को बेटी गोद लेने के लिए बधाई देता हूं और मुझे विश्वास है कि अर्पिता का भविष्य अब और सुरक्षित होगा।