किसान आंदोलन में मरने वाले 750 किसानों के परिवार को 3-3 लाख रुपए मुआबजे का ऐलान!

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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक साल से विरोध प्रदर्शन चल रहा रहा है।  पीएम मोदी ने शुक्रवार 19 नवंबर को ये कानून वापस लेने की घोषणा की। हालांकि इसके बाद भी आंदोलन जारी रहेगा। क्योंकि किसानों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर विचार नहीं किया गया है। वंही इनसबके बीच केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद देश में किसानों पर राजनीति तेज हो गई है। थंब तस्वीर- किसान कानून बापसी पर जश्न मनाते किसान.

750 किसानों के परिवार को 3-3 लाख रुपए


पंजाब सरकार द्वारा आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा देने के ऐलान के बाद अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने सभी मृतक किसानों के परिवार को 3-3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है। 


इसके आलावा KCR यानी तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी ने केंद्र सरकार से एक मांग भी की है। मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने कहा है कि केंद्र सरकार आंदोलन में मारे गए प्रत्येक किसान परिवारों को 25 लाख रुपये देकर उनकी आर्थिक मदद करे।  किसानों के खिलाफ दर्ज मामले और बिजली (संशोधन) विधेयक वापस ले। 

किसानो पर मुआबजे की राजनीति 

केसीआर रविवार को दिल्ली में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिल सकते हैं। बता दें कि इससे पहले पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवार को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया था। 

वरुण गांधी ने एक-एक करोड़ मुआवजा देने को कहा

किसानो के नाम पर राजनीती दोनों तरफ से जारी है, सत्ता पक्ष के सांसद वरुण गाँधी ने पीएम मोदी को लेटर लिख आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है। वरुण गांधी ने कृषि कानून (Farm Laws) वापस लेने पर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। लिखा है:-


आपने तीन कानूनों को रद्द करने की घोषणा की है, उसके लिए मैं आपको साधूवाद देता हूं। पिछले एक साल में 700 से ज्यादा किसान भाइयों की शहादत हो चुकी है। मेरा मानना है कि यह फैसला पहले ही हो जाता तो इतनी जनहानि नहीं होती। मेरी मांग है कि इन किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए। आंदोलन के दैरान दर्ज मुकदमें रद्द किए जाएं।