TATA ने खरीद ली Air India, पढ़िए इस डील से क्या-क्या मिलेगा Tata को?

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Air India Ratan Tata

एयर इंडिया आजकल सुर्खियों में है। इसकी वजह है- 68 साल बाद घर वापसी। ata Sons ने 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाकर Air India को अपने नाम कर लिया। सरकार का कहना है कि ये डील दिसंबर 2021 तक पूरी हो जाएगी। 1953 में एयर इंडिया के राष्ट्रीयकरण के करीब 7 दशक बाद यह कंपनी फिर उसी के हाथ में जा रही है, जिसने इसकी 1932 में बुनियाद रखी यानी टाटा समूह।

इस तरह नए साल में एअर इंडिया की नई मालिक टाटा संस होगी. इस डील के पूरा होने के साथ ही टाटा संस को एअर इंडिया के मैनेजमेंट कंट्रोल के साथ-साथ और क्या-क्या मिलने जा रहा है? आइये जानते है। 

नए मालिक के पास होगी Air India


एयर इंडिया कभी इंडियन एविएशन की सरताज थी। 50-60 के दशक में जलवा हुआ करता था। केंद्र सरकार की लंबी मशक्कत के बाद सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया बिक गई है। कर्ज के बोझ तले दबी इस एयरलाइल कंपनी की कमान अब टाटा समूह के हाथों में है। 

अब सवाल है कि आखिर एयर इंडिया के कर्मचारियों की नौकरी का क्या होगा। क्या कर्मचारियों की छंटनी होगी, या फिर वीआरएस दिया जाएगा। आइए इन सवालों के जवाब भी जान लेते हैं। 

डील से क्या-क्या मिलेगा Tata को?


Air India के मालिकाना हक के साथ सबसे पहले Tata Sons के हाथ उसके भारी भरकम कर्ज का एक हिस्सा आएगा। हालांकि ये 18,000 करोड़ की पूरी डील का ही पार्ट है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Air India पर अगस्त 2021 तक कुल 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें से Tata Sons के हिस्से में 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज जाएगा। 

एयर इंडिया के कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा?

नागर विमानन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल के मुताबिक आज की तारीख में एयर इंडिया में 12,085 कर्मचारी हैं। इनमें से 8,084 स्थायी कर्मचारी हैं और 4,001 कर्मी कॉन्ट्रैक्ट पर हैं। इसके अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस में 1434 कर्मचारी हैं। अगले 1 साल तक कर्मचारियों की छंटनी नहीं होगी। मतलब अगले एक साल तक किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।

Air India

डील के तहत नए बिडर को एक साल तक के लिए एअर इंडिया के कर्मचारियों को भी रखना होगा। उसके बाद बिडर चाहे तो दूसरे साल से उन्हें VRS दे सकता है। इसमें पीएफ, ग्रेच्युटी आदि सबकुछ एक समान होगा। किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मेडिकल सुविधाएं भी बरकरार रहेंगी।

Air India और उसकी सब्सिडियरी

Air India के मालिकाना हक की डील में टाटा संस को ना सिर्फ एअर इंडिया का मैनेजमेंट कंट्रोल मिलेगा। इस डील में इन कंपनियों के हवाई जहाज, इनके रूट्स, इंटरनेशनल ऑपरेशन, पार्किंग और लैंडिंग राइट्स, कुछ बिल्डिंग शामिल हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक एअर इंडिया घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1,800 लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट रखती है। 

Air India

मार्केट शेयर के हिसाब से देखें तो Air India और Air India Express का डोमेस्टिक लेवल पर मार्केट शेयर 13.20% है। वहीं इंटरनेशनल लेवल पर ये 18.8% है जो देश में सबसे अधिक है। एअर इंडिया की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही Tata Sons देश की सबसे बड़ी एविएशन कंपनी होगी, क्योंकि उसके पास पहले से Vistara और AirAsia India में हिस्सेदारी है। 

सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें से अधिकतर एअर इंडिया के खरीदे हुए विमान हैं ना कि लीज पर लिए हुए। नागर विमानन मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक एअर इंडिया के नए मालिक को दोनों एयरलाइंस के 140 से ज्यादा विमानों का बेड़ा मिलेगा। विमानों की संख्या के मामले में सिर्फ Indigo ही एयर इंडिया से आगे है।