लड़कियों के चिढ़ाने से लड़के परेशान, लेटर लिखकर बोले- हमको रसगुल्ला-डामर कहकर चिढ़ाती है!

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ladkiyan and ladke

अभी तक स्कूल हो या सड़क लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन औरैया में वायरल एक पत्र से मामला उलट गया है। स्कूली छात्रों का आपस में झगड़ना और चिढ़ाना तो आम बात है, लेकिन बात जब लड़कियों द्वारा लड़को को छेड़ने की आ जाती है... तब मामला सोचनीय हो जाता है। जिसकी लिखित शिकायत  प्रिंसिपल से तक की जा सकती है। 

फ़िलहाल ऐसा ही एक लिखित सिकायतनामा (लेटर) टि्वटर पर वायरल हो रहा है।  यह मजेदार पत्र जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चों द्वारा लिखा गया है। आवेदन में उन्होंने लिखा है कि लड़कियां उन्हें अजब-गजब नाम से चिढ़ाती-छेड़ती है। क्या है पूरा माजरा आइये हम आपको बताते है। 

रसगुल्ला और डामर बुलाने पर छात्राओं से नाराज हैं छात्र!

सोशल मीडिया पर औरैया जिले का जवाहर नवोदय विद्यालय मंगलवार को सुर्खियों में रहा।  मामला कक्षा सात की लड़कियों द्वारा सहपाठी छात्रों को रसगुल्ला और डामर नाम से चिढ़ाए जाने का था। इस मामले में छात्रों ने प्राचार्य को पत्र लिखकर मांग रखी कि छात्राएं माफी मांगें।  प्राचार्य को संबोधित पत्र में लिखा है कि:-

“सविनय निवेदन है हम लोग कक्षा सात (अ) के छात्र हैं। हम लोगों से लड़कियां गलत शब्द कहती हैं. जैसे- लल्ला, पागल, औकात में रहो। लड़कों का नाम बिगाड़ती हैं. डामर और रसगुल्ला तक कहती हैं। लड़कियां कक्षा में शोर मचाती हैं. गाना गाती और डायलॉग बाजी करती हैं।”


आवेदन में उन्होंने लिखा है कि लड़कियां उन्हें अजब-गजब नाम से चिढ़ाती हैं। लड़कियां हमें रसगुल्ला और डामर नाम से बुलाती हैं। जैसे लल्ला, पागल औकात में रहो। ऐसे अजीबो-गरीब नाम से लड़कियां लड़कों के नाम बिगाड़ती हैं। अभिनेष को डामर कहती हैं और अनमोल को रसगुल्ला, लल्ला की तरह रहो।  

वायरल हो रहे आवेदन में कक्षा 7 के लड़कों ने मांग रखी है कि लड़कियां हमसे माफी मांगे।  यही नहीं, अपने प्रार्थना पत्र में छात्रों ने उन लड़कियों के नाम भी लिखे हैं। जो उन्हें चिड़ाती है। 

वायरल लेटर पर क्या बोला स्कूल?

News18India की एक रिपोर्ट अनुसार, नवोदय विद्यालय तैयापुर के प्राचार्य डॉ.संजीव गुप्ता ने बताया कि उन्हें पत्र के बारे में वायरल होने के बाद जानकारी मिली कि मामला दो माह पुराना है। छात्र और छात्राओं को आपस में बैठाकर काउंसलिंग कराई गई थी, लड़कियों को समझा दिया गया है। 

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वहीं, कॉलेज प्रिंसिपल संजीव गुप्ता का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी अभी हुई है, जब मंगलवार को कई स्थानों से फोन आने सुरु हुए। फ़िलहाल, क्लास टीचर एवं काउंसलरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिरकार उन्हें इस घटना से अवगत क्यों नहीं कराया गया। और साथ ही टीचिंग स्टाफ से कह दिया है कि इस तरह के मामले होने पर उन्हें इसकी जानकारी जरूर दें।