लॉकडाउन में गई पिता की नौकरी, बेटी ने बेटा बन संभाली घर की कमान- पढ़ाई छोड़ कर रही फूड डिलीवरी

कोरोना और लॉकडाउन दौर में बहुत से लोगों की नौकरियां गई। लोगों को परिवार का पेट पालने के लिए वो काम करने पड़े जो उन्होंने कभी नहीं किए थे। आज एक ऐसी ही बेटी की कहानी बताने जा रहे हैं जिसके पिता की कोरोना काल में जॉब चली गई। अब वो बेटी ही फूड डिलीवरी
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लॉकडाउन में गई पिता की नौकरी, बेटी ने बेटा बन संभाली घर की कमान- पढ़ाई छोड़ कर रही फूड डिलीवरी

कोरोना और लॉकडाउन दौर में बहुत से लोगों की नौकरियां गई। लोगों को परिवार का पेट पालने के लिए वो काम करने पड़े जो उन्होंने कभी नहीं किए थे। आज एक ऐसी ही बेटी की कहानी बताने जा रहे हैं जिसके पिता की कोरोना काल में जॉब चली गई। अब वो बेटी ही फूड डिलीवरी कर परिवार का पेट पाल रही हैं।

कोरोना की दस्तक से पहले विष्णुप्रिया भी आम स्टूडेंट्स की तरह स्कूल जाकर पढ़ाई करती थी और आंखों में डॉक्टर बनने का सपना पाले हुए थी। लेकिन पिछले साल से सब बदल गया।

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वि ष्णुप्रिया अपने माँ बाप और बहन के साथ(Image Source: AajTak)

कटक में रहने वाली विष्णुप्रिया स्वैन के पिता ड्राइवर थे लेकिन, कोरोना की रोकथाम के लिए लगे लॉकडाउन के कारण उनकी अचानक जॉब चली गई। इसके बाद उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मिलिए विष्णुप्रिया से

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Image Source: ANI

विष्णुप्रिया ओडिशा के कटक की रहने वाली हैं। वो महज 18 वर्ष की हैं। कोरोना से पहले वो भी स्कूल जाती थी। डॉक्टर बनने का उनका सपना था। विष्णुप्रिया के अलावा परिवार में दो छोटी बेटियां और भी हैं। वो भी पढ़ाई कर रही हैं। ऐसे में पिता की जॉब चले जाने की वजह से तीन वक्त के खाने के इंतजाम में भी दिक्कत आने लगी। जो बचत का पैसा जोड़ रखा था वो भी खत्म होने लगा।

ऐसे में विष्णुप्रिया ने बड़ा फैसला किया और परिवार का खुद सहारा बनने का फैसला किया। विष्णुप्रिया ने अपनी संस्थागत पढ़ाई को निलंबित कर जॉब ढूंढना शुरू किया। हाल ही में विष्णुप्रिया ने फूड डिलिवरी ऐप जोमैटो में इंटरव्यू दिया था। वो सेलेक्ट हो गई।

अब वो उनके साथ काम करके परिवार का खर्च निकाल रही हैं। इससे पहले वो बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रही थी, सुबह 6 बजे से लेकर दिन के 10 बजे तक।

पिछले 18 दिन से वे फूड डिलिवरी के काम को बखूबी अंजाम दे रही हैं। ये जॉब करने वाली वो कटक की पहली लड़की हैं। पूरे ओडिशा में भी ऐसी चंद ही लड़कियां होंगी।

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पढ़ाई करती विष्णुप्रिया(Image Source: Social Media)

विष्णुप्रिया स्वैन के माता-पिता ने कहा कि उनका कोई बेटा नहीं है लेकिन, उनकी बेटियां भी उनके लिए बेटों की तरह ही हैं। उन्होंने कहा कि विष्णुप्रिया बहुत मेहनती लड़की है।

विष्णुप्रिया सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक जोमैटो के लिए फूड सप्लाई करती हैं। इसके अलावा सुबह 6 से 10 बजे तक वो पड़ोस के बच्चों को ट्यूशन भी देती हैं। विष्णुप्रिया के माता-पिता अपनी बेटी पर गर्व महसूस करते हैं।