कोरोना ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, एक परिवार के 8 लोगों की मौत; एक साथ हुई 5 की तेरहवीं

कोरोना महामारी से अबतक लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच लखनऊ से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार में एक ही दिन 5 लोगों की तेरहवीं मनाई गयी। यह देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए हैं। दुःख का यह आलम था कि परिवार के बाकी लोग
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कोरोना ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, एक परिवार के 8 लोगों की मौत; एक साथ हुई 5 की तेरहवीं

कोरोना महामारी से अबतक लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच लखनऊ से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार में एक ही दिन 5 लोगों की तेरहवीं मनाई गयी। यह देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए हैं।

दुःख का यह आलम था कि परिवार के बाकी लोग सदमे में नजर आ रहे थे। किसी परिवार ने ऐसी 13वीं शायद ही देखी हो जब 5 लोगों की तस्वीर पर एक साथ श्रद्धांजलि दी जा रही है और जिसमें चार सगे भाई हों।

परिवार के 8 लोगों की हुई मौत

कोरोना ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, एक परिवार के 8 लोगों की मौत; एक साथ हुई 5 की तेरहवीं

न्यूज़ चैनल आज तक की एक रिपोर्ट अनुसार, परिवार में कुल 8 लोगो की मौत हुई है। जिसमे 7 मौत कोरोना संक्रमण से और 1 बुजुर्ग की मौत दहशत में ह्रदय गति रुकने से हुई है। जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल से लेकर 15 मई तक एक ही परिवार के 8 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर काल के गाल में समा गए।

कोरोना ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

कोरोना ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, एक परिवार के 8 लोगों की मौत; एक साथ हुई 5 की तेरहवीं
Image Source: Dainik Bhaskar

आज तक की खबर अनुसार, मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है, जंहा के ओमकार यादव के परिवार में यह त्रासदी हुई। खनऊ से सटे गांव इमलिया पूर्वा में कोरोना की दूसरी लहर एक सैलाब की तरह आई और पूरे परिवार को उजाड़ कर ले गई। हंसते खेलते इस परिवार में 4 औरतें विधवा हो गईं। पूरा परिवार उजाड़ गया कोरोना।

मृतकों के नाम-

  1. निरंकार सिंह यादव, उम्र- 40 साल, मृत्यु- 25 अप्रैल
  2. विनोद कुमार, उम्र- 60 साल, मृत्यु- 28 अप्रैल
  3. विजय कुमार, उम्र- 62 साल, मृत्यु-1 मई
  4. सत्य प्रकाश, उम्र- 35, मृत्यु-15 मई
  5. मिथलेश कुमारी, उम्र-50 साल, मृत्यु- 22 अप्रैल
  6. शैल कुमारी, उम्र-47 साल, मृत्यु- 27 अप्रैल
  7. कमला देवी, उम्र- 80 साल, मृत्यु- 26 अप्रैल
  8. रूप रानी, उम्र- 82 साल, मृत्यु- 11 मई

गांव के मुखिया मेवाराम का कहना है कि इस भयावह घटना के बावजूद भी सरकार की तरफ से ना ही कोई सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई और ना ही कोरोना संक्रमण की जांच अभी तक की गयी है। जब ऑक्सीजन और बेड की जरूरत थी तब वह भी उपलब्ध नहीं हो पाया।