कल्याण सिंह की अंतिम यात्रा में ना जाकर अखिलेश यादव ने बड़ी गलती की?

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akhilesh yadav

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सीएम योगी और बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। बीएसपी मुखिया मायावती ने भी उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। लेकिन उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने कल्याण सिंह के अंतिम दर्शन से दूरी बनाए रखी। 

समाजवादी पार्टी के किसी नेता के न पहुंचने पर अब बीजेपी सपा पर हमलावर हो गई है। यूपी के डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से लेकर उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। बीजेपी ने सवाल उठाया कि कल्याण सिंह राम भक्त थे और उनको श्रद्धांजलि देने से मुलायम-अखिलेश के मुस्लिम वोट बैंक बिखरने का खतरा था। 

kalyan singh
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आपको बता दे, हकीकत ये भी है कि कभी सियासी दुश्मन रह चुके कल्याण सिंह और मुलायम साल 2009 में दोस्त बन गए थे और सार्वजनिक मंच पर गलबहियां करते देखे गए थे। साथ ही 2009 के चुनाव में बीजेपी के समर्थन से कल्याण सिंह ने एटा से निर्दलीय जीत हासिल की थी।  

सपा के कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि न देने और बीजेपी के इसपर सवाल उठाने की सियासत क्या चल रही है? आइये देखते है। 

BJP ने मुलायम-अखिलेश पर साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने ट्विटर के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों की बात करने वाले पिछड़ों के सबसे बड़े नेता कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने नहीं आए। 

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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश पर निशाना साधते हुए लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए अखिलेश यादव नहीं आए। अखिलेश यादव ने पिछड़े वर्ग की बात करने का नैतिक अधिकार खो दिया है। ट्वीट में लिखा गया कि डिप्टी सीएम अखिलेश यादव आपके द्वारा पिछड़ा वर्ग की बात करना केवल ढोंग है। नीचे देखिये ट्ववीट:-

कंही मुस्लिम वोट बैंक बिखरने का खतरा तो नहीं?

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दूसरी ओर, बीजेपी उत्तर प्रदेश ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के हवाले से और उन्हें टैग करते हुए लिखा कि अखिलेश जी अपने आवास से मात्र 1 किलोमीटर दूर माल एवेन्यू में कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने नहीं आ सके. कहीं मुस्लिम वोट बैंक के मोह ने उन्हें पिछड़ों के सबसे बड़े नेता को श्रद्धांजलि देने से तो नहीं रोक लिया?

तुष्टीकरण का लगा आरोप!

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बीजेपी उत्तर प्रदेश ने एक और ट्वीट किया। ट्वीट में भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज के हवाले से लिखा कि पिछड़ों के सबसे बड़े नेता बाबू जी की अंतिम यात्रा में न जाकर, पिछड़ों की राजनीति करने वाले अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव ने तुष्टीकरण के आधार पर नैतिकता को इस तरह तार-तार किया, जो बहुत ही निंदनीय और चिंता का विषय है। नीचे देखिये ट्वीट:-

कल्याण सिंह के निधन पर अखिलेश ने जताया शोक


 

आपको एक बात और बता दे कि बीजेपी के नेताओ ने जो आरोप लगाए उसके इतर ये भी सच है कि अखिलेश यादव ने 21 अगस्त को ट्वीट करके कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने ट्वीट किया:- 

''उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी का निधन हृदय विदारक! दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति दे भगवान. विनम्र श्रद्धांजलि!''

आपको बता दे, नए साल की शुरुआत में यूपी में चुनाव है, जिसमे तमाम पार्टियां अपना दम-खम दिखाने में जुटी है, इसके साथ ही जुटी है जातिगत वोट सांधने में.... जिसमे सबसे बड़ा दाव इस बार पिछड़ों के वोट बैंक पर खेला जा रहा है। इसके साथ ही कई अन्य जातिगत वोट सांधने की जुगत भी लगाई जा रही है। अब ये तो चुनावी रिजल्ट बताएगा कि किसका दाव सही पड़ा और किसका उलटा?