गोली लगने के बाद भी आखिरी सांस तक आतंकियों से लड़ते रहे JSO राम सिंह, होने वाले थे रिटायर!

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ramsingh bhandari

जम्मू कश्मीर के राजौरी में गुरुवार को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में मेरठ के सूबेदार राम सिंह शहीद हो गए। वह 48 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। जेसीओ राम सिंह ने आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी और गोली लगने के बाद भी आतंकी को ढेर कर दिया।    

सेना के 16 गढ़वाल में शामिल हुए सूबेदार राम सिंह मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे। लंबे समय से मेरठ में परिवार के साथ रह रहे थे। पौने दो साल से वह राष्ट्रीय राइफल के साथ कार्यरत थे और फरवरी 2022 में वह 30 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। राम सिंह पिछल महीने की 27 जुलाई को ही 1 महीने की छुट्टी के बाद लौटे थे। 

पूरे इलाके में है गम का माहौल 

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Image Source: Amar Ujala

राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट में होने के कारण उन्हें अक्सर आतंकी ऑपरेशन में जाना पड़ता था।  कसेरूखेड़ा सैनिक कॉलोनी के रहने वाले कैप्टन वीर सिंह रावत ने बताया कि सूबेदार राम सिंह की चार बेटियां व एक बेटा हैं। इनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां और बेटा पढ़ाई कर रहा है। 

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Image Source: Dainik Bhaskar

पति के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से ही पत्नी अनिता भंडारी का रो रो-कर बुरा हाल है। बड़ी बेटियां प्रियंका सिंह और करिश्मा नेगी परिवार को संभालने की कोशिश कर रही हैं।

होने वाले थे रिटायर

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Image Source: Dainik Bhaskar

28 फरवरी को ही उनकी 30 साल की नौकरी पूरी हो रही थी। इसके बाद वह रिटायर होकर घर वालों के साथ रहने वाले थे। लेकिन उससे पहले बह आतंकियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। शहादत की खबर से पूरे परिवार और क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। परिवार को ढांढस बधाने के लिए पुलिस अधिकारी शहीद के घर पहुंचे हैं।