बेसुद हुई मां, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल...शहीद इकलौते बेटे को पिता ने दी मुखाग्नि

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Mayank Vishnoi

जम्मू कश्मीर के शोपियां में शहीद हुए मेरठ के मेजर मयंक विश्नोई का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक आवास पर पहुंचा, यंहा पिता विरेंद्र सिंह विश्नोई ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार से पहले अपने लाल का चेहरा देख मां बेसुद हो गई। जैसे ही शहीद मेजर मयंक का पार्थिव शरीर कंकखेड़ा उनके आवास पर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गली में लोगों की इस कदर भीड़ नजर आई कि पांव रखने की भी जगह नहीं बची।

वहीं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा शहर शहीद के सदमे में डूबा रहा। इस दौरान सैन्य अफसरों ने पत्नी स्वाति को राष्ट्रध्वज सौंपा। वहीं शिवलोकपुरी से लेकर सूरजकुंड तक पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा होती रही। आगे-आगे सेना के जवान और कंधों पर शहीद मेजर का पार्थिव शरीर, पीछे भारी सैलाब। लोगों की आंखें नम और चेहरे पर आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा...साफ दिखाई दे रहा था।

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शहीद की अंतिम झलक पाने के लिए सुबह से ही कंकरखेड़ा और आसपास के इलाके में लोग इंतजार कर रहे थे। पार्थिव शरीर घर के बाहर पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। कंकरखेड़ा शिवलोकपुरी में मकान नंबर 661 में शहीद मेजर मयंक विश्नोई रहते थे। रविवार को सूर्योदय के साथ ही कॉलोनी में भारत माता के जयकारे गूंजने लगे थे।

परिवार ने गर्व के साथ दी विदाई 

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अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि देते हुए पिता वीरेंद्र विश्नोई फफक पड़े। शहीद की पत्नी स्वाति और बहन तनु का रो-रो कर बुरा हाल था। सेना के अधिकारी परिवार के सदस्यों को सांत्वना देकर संभालते रहे। भारत माता के जयकारों के बीच बेटे के शव को देख पिता वीरेंद्र विश्नोई, मां मधु, पत्नी स्वाति फफक पड़ीं। दोनों बहनों तनु और अनु ने भाई के अंतिम दर्शन किए। रिश्तेदार और अन्य महिलाएं स्वाति को संभालती रहीं। पूरे परिवार ने गर्व के साथ मयंक को अंतिम विदाई दी।

मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र के शिवलोकपुरी निवासी रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र विश्ननोई के बेटे मेजर मयंक विश्ननोई ( 30) आईएमए देहरादून से पासआउट हुए थे। 2017 में पहली पोस्टिंग मध्यप्रदेश के महू में हुई थी। 2019 में मेजर बने थे। वह कमांडो की ट्रेनिंग भी ले चुके थे। इकलौते भाई मयंक की शाहदत पर दोनों बहन तनु और अनु का रो-रोकर बुरा हाल था।

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8 अप्रैल 2018 को मयंक विश्नोई की शादी हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर निवासी स्वाति से हुई थी। मयंक के कोई बच्चा नहीं है। मयंक अपने पिता के इकलौते बेटे थे। मयंक के पिता जहां रिटायर्ड सूबेदार हैं, वहीं मयंक की पत्नी स्वाति के पिता भी एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं।