16 साल बाद मिला शहीद का शव, पहली बार पिता को देख फूट-फूटकर रोई बेटी

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Shaheed amrish tyagi

शहीद सैनिक अमरीश त्यागी, जिनका शव 16 साल बाद बर्फ में दबा हुआ मिला है। गौरतलब है कि हिसाली गांव के पूर्व सैनिक राजकुमार त्यागी का छोटा बेटे अमरीश त्यागी सेना में नायक के पद पर तैनात थे। 2005 सितंबर में सेना का 25 सदस्यीय दल ने हिमालय की सबसे ऊंची चोटी सतोपंथ (7075) पर तिरंगा फहराया था। 

Shaheed amrish Yadav

इसी दाल के साथ अमरीश भी शामिल थे। मीडिया खबरों के अनुसार, अपनी पोस्ट पर लौटते समय 3 साथियों के साथ बर्फीली तूफान की वजह से लापता हो गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में तीन सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए थे। लेकिन अमरीश का शव नहीं मिला था। 23 सितंबर को अब ठीक 16 साल बाद को आर्मी कैंप की तरफ से आई एक कॉल ने अमरीश के परिवार में खलबली मचा दी और उनके जख्म हरे गए। आर्मी के जवानों ने परिजनों को बताया कि अमरीश का पार्थिव शरीर 16 साल बाद बर्फ पिघलने के बाद उसी जगह से बरामद किया गया है।

पहली बार पिता का चेहरा देख पाई बेटी

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Image Source: Patrika

बता दें कि अमरीश त्यागी का विवाह लापता होने से एक साल पहले ही हुआ था। जिस दौरान उनके लापता होने के सूचना मिली थी। उस दौरान उनकी पत्नी गर्भवती थी। उनके जाने के बाद पत्नी ने बेटी ईशू को जन्म दिया था। तब से लेकर अब तक ईशू भी पिता की एक झलक पाने को आतुर थी। वहीं जब पहली बार ईशू ने पिता के दर्शन किए तो वह बिलख-बिलखकर रोने लगी।

मेरठ में हुए थे सेना में भर्ती

अमरीश त्यागी 1996 में सेना में भर्ती हुए थे। कई जगह तबादले के बाद 1999 में करगिल युद्ध के दौरान उनकी तैनाती लेह लद्दाख में हुई थी। उनकी शादी मेरठ निवासी बबीता के साथ हुई थी। जिस समय अमरीश लापता हुए थे तो पत्नी गर्भवती थीं। करीब पांच माह बाद बेटी का जन्म हुआ। अब ईशू कक्षा 11 में पढ़ती है।

पुत्र वियोग में चल बसी मां

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Image Source: Amar Ujala

अमरीश की मां विद्या देवी की 2019 में मौत हो गई थी। अमरीश के साथ जो हादसा हुआ, उसके एक साल बाद उनकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और उनकी बेटी को जन्म दिया। अब ईशू कक्षा 11 में पढ़ती है।

सैनिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार 

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Image Source: Amar Ujala

सैनिक की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सेना के जवान समेत गांव, आसपास व कॉलोनियों के लोग पहुंचे। कई जगह शहीद को पुष्प वर्षा की गई। जैसे ही मंगलवार को अमरीश का पार्थिव शरीर हिसाली गांव पहुंचा रिश्तेदार समेत लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अमरीश त्यागी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने भारत माता की जय के नारे के साथ अंतिम यात्रा में भाग लिया।