अब ताजमहल पर जयपुर रॉयल फैमिली ने किया दावा, बोली- ताजमहल हमारी प्रॉपर्टी, शाहजहां ने किया कब्जा!

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दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल, अपनी बेमिसाल खूबसूरती के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। लेकिन भारत में ही इसको लेकर एक अजब-गजब बहस छिड़ी हुई है, कुछ हिन्दू संगठन कहते है कि ताजमहल मकवरा नहीं, तेजोमहादेव का मंदिर है। तो अब जयपुर के पूर्व राजघराने ने दावा किया कि ताजमहल उनकी संपत्ति है शाहजहां की नहीं। क्या है पूरा मामला? आइये हम आपको विस्तार से बताते है। 

ताजमहल पर जयपुर रॉयल फैमिली ने किया दावा!

हालिया ताजमहल विवाद मामले में जयपुर के पूर्व राजघराने की भी एंट्री हो चुकी है। आगरा के ताजमहल पर जयपुर के पूर्व राजपरिवार ने अपना दावा किया है, कि ताजमहल उनकी प्रॉपर्टी है।  जयपुर के पूर्व राजपरिवार की प्रिंसेस और बीजेपी सांसद दीया कुमारी ने एक बड़ा बयान देकर, इस पूरे मामले को एक नई हवा दे दी है। 

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प्रिंसेस दीया कुमारी ने कहा है कि ताजमहल हमारी प्रॉपर्टी है, जो हमारे परिवार के पैलेस की सम्पत्ति पर बना है। दीया कुमारी ने दावा किया है कि उनके पास ऐसे डॉक्यूमेंट्स मौजूद हैं, जो बताते हैं कि ताजमहल पहले जयपुर के पूर्व राजपरिवार का एक पैलेस था। जिस पर शाहजहां ने कब्जा कर लिया। जब शाहजहां ने जयपुर परिवार का वह पैलेस और जमीन ली तो परिवार उसका विरोध नहीं कर सका, क्योंकि तब उसका शासन था।

शाहजंहा के समय अपील नहीं कर सकते थे!

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दीया कुमारी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब शाहजहां ने जयपुर परिवार का वह पैलेस और लैंड ली थी, उस समय मुगल सरकार थी। इसलिए उसका विरोध नहीं कर सके। आज भी कोई सरकार किसी जमीन को एक्वायर करती है तो उसके बदले में मुआवजा देती है। मैंने सुना है कि उसके बदले में कोई मुआवजा दिया, लेकिन उस समय ऐसा कोई कानून नहीं था कि उसके खिलाफ अपील कर सकते थे या उसके विरोध में कुछ कर सकते थे। 

खोले जाएं ताजमहल के बंद कमरों के दरवाजे!

राजकुमारी ने कहा, ये अच्छी बात है कि किसी ने ताजमहल के दरवाजे खोलने को लेकर अपील की है, इससे सच सामने आएगा। उन्होंने आगे कहा कि बंद कमरे खोलकर पता करना चाहिए ताजमहल पहले क्या था? उन्होंने कहा कि मैं यह तो नहीं कहूंगी कि ताजमहल को तोड़ देना चाहिए, लेकिन उसके कमरे खोले जाने चाहिए। जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके। 


वो सारे फैक्ट्स तभी स्टेबलिश होंगे जब एक बार उसकी प्रॉपर इन्क्वायरी होगी और कोर्ट जब आदेश देगा कि पता करना चाहिए कि पहले ताजमहल क्या था? क्या नहीं था? वो सारे फैक्ट्स तभी एस्टेबलिश होंगे, जब एक बार उसकी प्रॉपर इन्क्वायरी होगी। उस पर निश्चित तौर पर इन्क्वायरी होनी चाहिए और उसे खोलना चाहिए। 

डॉक्यूमेंट ट्रस्ट के पोथी-खाने में मौजूद!

क्या कोर्ट में जयपुर के पूर्व राजपरिवार की ओर से भी याचिका दायर की जाएगी।  इस सवाल पर उन्होंने कहा इसे हम अभी देख रहे हैं। हम एग्जामिन करेंगे कि क्या स्टेप लेना चाहिए। अगर दस्तावेजों की जरुरत होगी तो पौथीखाने से दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे, क्यूंकि राजपरिवार के हमारे ट्रस्ट में पोथी-खाना भी है। अगर कोर्ट आदेश देगा तो हम उसे डॉक्यूमेंट्स देंगे।

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हमारे पास मौजूद डॉक्यूमेंट्स में यह बात साफ है कि शाहजहां को उस वक्त वह पैलेस अच्छा लगा तो उन्होंने उसे ले लिया और एक्वायर कर लिया। क्या वहां पर कोई मंदिर था? इस सवाल पर दीया कुमारी ने कहा मैंने अभी सारे डॉक्यूमेंट नहीं देखे हैं, लेकिन वह प्रॉपर्टी हमारे परिवार की थी।

क्या है ताजमहल विवाद?

उल्लेखनीय है कि ताजमहल में बने 22 कमरों को खोलने की मांग को लेकर हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने यह याचिका दायर की है। इस याचिकाकर्ता का दावा है कि बरसों से बंद पड़े इन कमरों में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां और कई शिलालेख मौजूद हैं। 

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डॉ. सिंह ने अपनी याचिका में ताजमहल के उन 22 कमरों को खोलकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराने की मांग की है, जो लंबे वक्त से बंद हैं। अगर सर्वे होता है तो इससे मालूम चलेगा कि ताजमहज में हिंदू मूर्तियां और शिलालेख हैं या नहीं?

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आपको बता दे, आगरा के इतिहासकार राजकिशोर शर्मा राजे की मानें तो ये कमरे मुख्य मकबरे और चमेली फर्श के नीचे बने हैं। ये कमरे कई दशकों से बंद हैं।  इनका 1934 में सिर्फ एक बार निरीक्षण किया गया था। तब से लेकर आजतक इन कमरों को लेकर कोई ठोस जानकारी पब्लिक के बीच साझा नहीं हुई है। और ना ही कभी इन बंद कमरों में क्या है? यह किसी को पता चल सका है।