प्‍यार, हिम्‍मत और पति की शहादत पर गर्व... मेजर सूद का शौर्य चक्र लेतीं पत्नी आकृति

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मेजर अनुज सूद को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्‍मानित किया गया है। उनकी पत्‍नी आकृति सूद ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सम्‍मान ग्रहण किया। 21 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स में रहे मेजर अनुज ने पिछले साल मई में जम्‍मू और कश्‍मीर में आतंकवादियों के साथ लोहा लेते हुए प्राण न्‍योछावर कर दिए थे।

मंगलवार को राष्‍ट्रपति भवन में जब मेजर सूद का नाम पुकारा गया तो आकृति मंच की ओर बढ़ चलीं। देश के लिए जान लुटाने वाले पति की वीरगाथा जब सुनाई जा रही थी तब आकृति के चेहरे पर गर्व के भाव साफ थे। पिछले साल मेजर सूद के पार्थिव शरीर पर बिलखती आकृति की तस्‍वीरों ने सबकी आंखें नम की थीं। आज उनके चेहरे का गौरव सबका सीना चौड़ा कर रहा है।

इस तस्‍वीर ने दिल तोड़कर रख दिया था

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जब  मेजर सूद का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा था। आकृति ताबूत से लिपटे बस रोए जा रही थीं। उनकी ननद हर्षिता जो खुद सेना में ऑफिसर हैं, किसी तरह भाभी को संभाल रही थीं। कुछ तस्‍वीरें में आकृति एकदम गुमसुम बैठी थीं। उनकी पथराई नजरें बस मेजर सूद पर टिकी थीं। 

आज राष्‍ट्रपति भवन में आकृति के चेहरे पर अलग ही दमक थी। उनका चेहरा उनकी हिम्‍मत को बयां कर रहा था। दोनों की कहानी 2016 में पुणे में शुरू हुई थी। उनके दोस्‍तों ने दोनों की जोड़ी बनाने में मदद की। पहली बार होली पार्टी पर हुई छोटी सी बातचीत से ही अनुज को गया था कि आकृति ही वो लड़की है जिनके साथ वह शादी करेंगे। 


उन दिनों मेजर सूद वहीं पोस्‍टेड थे और मई में उन्‍होंने आकृति को प्रपोज कर दिया। दोनों ने 29 सितंबर, 2017 को शादी रचाई।

आज गर्व से दमक रहा है आकृति का चेहरा

आज जब राष्ट्रपति भवन में पति की वीरगति पर आकृति को के सामने वीर गाथा को पढ़ा जा रहा था, तब उनके चेहरे पर गर्व के भाव साफ़ देखे जा सकते थे। आज राष्‍ट्रपति भवन में आकृति के चेहरे पर अलग ही दमक थी। उनका चेहरा उनकी हिम्‍मत को बयां कर रहा था।

21 राष्‍ट्रीय रायफल्‍स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा के नेतृत्‍व में मेजर सूद समेत 5 लोगों की टीम, खुफिया एजेंसियों की ओर से इनपुट के बाद चांजमुल्ला इलाके में पहुंची। जंहा आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था। उन्‍होंने कुछ नागरिकों को बंधक बना रखा था। 


टीम के पहुँचने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मेजर सूद समेत 5 लोगों की टीम उस घर में घुसी। लोगों को बाहर निकालने के दौरान, वे गोलियां लगने से घायल हुए मगर हौसला नहीं टूटा। दो आतंकियों को ढेर कर दिया। इस एनकाउंटर में सेना के दो अधिकारी और तीन जवान (एक पुलिसकर्मी) शहीद हो गए।