शायर मुनव्वर का विवादित बयान, बोले- तालिबान ने अपने मुल्क को आजाद करा लिया, दिक्कत क्या है?

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अक्सर चर्चा में रहने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। बीच बुधवार को एनबीटी को इंटरव्यू देने के दौरान मशहूर शायर मुनव्वर राना ने ऐसा बयान दे डाला, जिसकी चारो तरफ जमकर निंदा होने लगी। मुनव्वर राणा ने तालिबानियों को अफगानी कहने की नसीहत दी है। इतना ही नहीं मुनव्वर राणा ने कहा, 'यूपी से भागने जाने को जी चाहता है।'

मुनव्वर ने कहा कि तालिबान ने सही किया है। अपनी जमीन पर कब्जा तो किसी भी तरह से किया जा सकता है। आतंकी तो आप कह रहे हैं ना। आप खुल्लमखुल्ला यह कहते हैं कि हर मुसलमान आतंकी नहीं होता लेकिन हर आतंकी मुसलमान होता है। आपके यहां तो आतंकी की परिभाषा निकाली ही नहीं गई है कि कौन आतंकी है कौन आतंकी नहीं है।

मुनव्वर का तालिबानी 'मुशायरा'

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Image Source: social Media

मशहूर शायर मुनव्वर राणा  (Munawwar Rana) ने तालिबानियों का बचाव करते हुए कहा, अफगानिस्तान (Aghanistan) से लोग भाग रहे हैं, कोई कहीं से भी भाग सकता है। उन्होंने कहा, यूपी के जो हालात हैं, यहां से भाग जाने को जी चाहता है। 

उन्होंने कहा कि तालिबान आतंकी संगठन हो सकता है लेकिन वह अपने मुल्क के लिए लड़ रहे हैं तो आप उन्हें आतंकी कैसे कह सकते हैं। हमसे हिन्दू भी नाराज रहते हैं, मुसलमान भी नाराज रहते हैं। हम हिन्दुस्तानी प्रोपेगेंडा का जल्दी शिकार होते हैं। 

अफगानिस्तान ने हिन्दुस्तान को कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचाया लेकिन अफगानिस्तान, हिन्दुस्तान का सबसे अच्छा दोस्त रहा है। मुनव्वर राना ने आगे कहा कि जिस मुल्क से हमारे लंबे वक्त से ताल्लुकात रहे हों या यूं कहें कि कभी वो हिंदुस्तान का ही हिस्सा रहा हो। तालिबान का जो रवैया है उन्हें आतंकवादी या आतंकी नहीं कह सकते हैं। हां, उन्हें अग्रेसिव कहा जा सकता है।

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उन्होंने कहा, इमरान खान (Imran Khan) अफगानिस्तान इसलिए डोरे डाल रहा है क्योंकि उसे मालूम है कि अफगानिस्तान, हिन्दुस्तान का दोस्त है। मुनव्वर राणा ने कहा, 'आप तालिबानी क्यों कह रहे हैं, उन्हें अफगानी कहिये वहां एक नई हुकूमत वहां बनने जा रही है।'

हिंदुस्तान में तालिवान के हमदर्द ये भी है?

आपको बता दें कि इससे पहले सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने भी मंगलवार को विवादित बयान किया था। बर्क ने तालिबान का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने देश को आजाद कराया है। उन्होंने कहा था, हिंदुस्तान में जब अंग्रेजों का शासन था और उन्हें हटाने के लिए हमने संघर्ष किया, ठीक उसी तरह तालिबान ने भी अपने देश को आजाद किया। 

हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बाद बर्क अपने दिए बयान से पलटते हुए नजर आए और उन्होंने बुधवार को कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। बर्क ने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है ,यह मुझपर गलत इल्जाम है और मैं इस मामले में हिन्दुस्तान की नीतियों के साथ हूं।