पीएम मोदी का कृषि कानून बापसी का ऐलान, क्या बोले कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल-प्रियंका गाँधी?

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rahul priyanka and narendra modi

जिन कृषि कानूनों को लेकर पिछले एक साल आंदोलन चल रहा था, बहसें चल रही थीं और प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ओर केंद्रीय मंत्रियों के बीच कई राउंड में असफल वार्ताएं हुई थीं, उन तीन कानूनों को मोदी सरकार ने शुक्रवार को एक साल से ज्यादा वक्त के बाद वापस ले लिया। इसके बाद चर्चाओं का दौर सुरु हो गया, सबकी अपनी बाते और अपने कयास लगाए जाने लगे कि पीएम मोदी ने एकदम ऐसा फैसला क्यों लिया?

इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीनों कृषि कानून के वापस होने के बाद किसानों के नाम एक चिट्ठी लिखी है. उस चिट्ठी में उन्होंने किसानों की जमकर तारीफ की है। उनके संघर्ष को सलाम किया है और इसे सरकार की एक हार बताया है। चिट्ठी में उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई और संघर्ष को आगे भी जारी रखना है। 

भाजपा पर हमलावर हुई कांग्रेस 


मोदी ने शुक्रवार को देश के नाम संबोधन किया, इसी दौरान पीएम मोदी ने देशबासियों से माफ़ी मांगते हुए तीनो कृषि कानून बापिस ले लिए। इस फैसले के आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए एक वीडियो ट्वीट किया और साथ में लिखा, "जीत उनकी भी है जो लौट के घर न आए...हार उनकी ही है जो अन्नदाताओं की जान बचा ना पाए...#FarmLawsRepealed"


इससे पहले मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने किसानों को बधाई दी। उन्होंने अपना एक पुराना वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावे के साथ कहा था कि सरकार इन कानूनों को वापस ले लेगी। 

किसानों-खेतिहर मजदूरों की जीत हुई: सोनिया गांधी

तीनों कृषि कानूनों को केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे  62 करोड़ अन्नदाताओं-किसानों-खेतिहर मजदूरों की जीत बताई है। सोनिया गांधी ने कहा, लगभग 12 महीने के गांधीवादी आंदोलन के बाद आज देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं-किसानों-खेतिहर मजदूरों के संघर्ष और इच्छाशक्ति की जीत हुई।  

आज उन 700 से अधिक किसान परिवारों की कुर्बानी रंग लाई, जिनके परिवारजनों ने न्याय के इस संघर्ष में अपनी जान न्योछावर कर दी। आज सत्य, न्याय और अहिंसा की जीत हुई। 

प्रियंका गाँधी का ओपन लेटर 


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है लेकिन साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर लखीमपुर खीरी कांड में पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। प्रियंका ने लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे को बचाने और राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। 

प्रियंका ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे पर किसानों को कुचलकर मारने के आरोप है और आपकी पुलिस आरोपी को बचाने में जुटी है।  अगर आप किसानों के हितैषी है तो अजय मिश्र के साथ मंच साझा न करें। उन्होंने सीधे कहा कि लखीमपुर मामले में सरकार ने शुरू से ही आरोपी को बचाने की कोशिश की।