कड़कड़ाती ठंड में नंगे पाँव विश्वनाथ धाम में ड्यूटी करने वालों को पीएम मोदी ने भेजा ख़ास तोहफा!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर काशी विश्वनाथ धाम में तैनात कर्मचारियों-सेवादारों और पुलिस के जवानों का दिल जीत लिया है। पीएम रहते हुए वो कितना भी व्यस्त क्यों न रहते हों लेकिन यहां से जुड़े लोगों का हमेशा खास ख्याल रखते हैं। जिसकी बानगी आज देखने को मिली।  

आपको बता दे, पीएम मोदी ने दिसंबर में ही काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का उद्घाटन किया है और अब उन्होंने यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों और सेवादारों के लिए खास तोहफा भेजा है। क्या है तोहफा? आइये जानते है। 

सेवादारों के लिए भेजा जूट से बना जूता!

काशी विश्वनाथ धाम की बहुत मान्यता है, यहां दुनियाभर से श्रद्धालु भगवान भोले के दर्शन करने पहुंचते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के ज्यादातर कर्मचारी नंगे पैर ही काम करते हैं क्योंकि मंदिर परिसर में चमड़े या फिर रबर के जूते पहनने की मनाही है। इसीलिए ज्यादातर कर्मचारी यंहा नंगे पाँव में दिख जाते है। 


वंही इस कड़ाके की शर्दी में संगमरमर कितना ठंडा रहता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल। वंही अब भीषण ठंड में संगमरमर पर नंगे पांव ड्यूटी करने वालों की पीएम मोदी ने चिंता की है। पीएम मोदी ने यहां के सेवादारों और सुरक्षा के लिए तैनात जवानों के लिए जूट से बने जूते भेजे हैं। 100 जोड़ी जूतों का रविवार को अधिकारियों ने मंदिर परिसर में पहुंचकर वितरण किया। 

इनमें मंदिर के पुजारी से लेकर सेवा करने वाले लोग, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारी और अन्य लोग जो भी मंदिर परिसर के अंदर रहने बाले अब ये जूट के जूते पहन सेवा दे सकेंगे। पीएम मोदी ने अब ऐसे लोगों के लिए जूट, ऊन और रंग बिरंगे धागों से बुने खास जूते भेजे हैं। जिन्हें मंदिर परिसर के अंदर भी पहना जा सकेगा। 

पीएम मोदी ने इन कर्मचारियों के लिए करीब 100 जोड़ी जूते भेजे हैं। जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपनी काशी और यहां के लोगों की सुख सुविधाओं को लेकर बातचीत करते रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान भी उन्होंने खुद लोगों को फोन कर बातचीत की और तकलीफों को दूर करने का लगातार प्रयास किया।

पिछले दिनों जब वो काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का लोकार्पण करने पहुंचे थे तब यहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान भी यहां की एक-एक गतिविधियों की जानकारी लेते रहे। धाम के लोकार्पण के बाद सबसे पहले इसे बनाने वाले मजदूरों का पीएम मोदी ने सम्मान किया और अपने हाथों से उन पर फूलों की वर्षा की। यही नहीं, मजदूरों के साथ ही दोपहर का भोजन भी किया था।