स्टार्टअप ‘पंखुड़ी’ की युवा फाउंडर का निधन, मात्र 32 की आयु में कार्डियक अरेस्ट से गई जान!

 | 
pankhuri

सोशल कम्युनिटी प्लेटफॉर्म ‘पंखुड़ी’ और होम रेंटल स्टार्टअप ‘ग्रैबहाउस’ जैसी स्टार्टअप की फाउंडर पंखुड़ी श्रीवास्तव का निधन हो गया है। उत्तर प्रदेश के झांसी से आने वाली पंखुड़ी की उम्र सिर्फ 32 ही थी। अब उनकी मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध है। 

हार्ट अटैक से हुई मौत!

pankhudi
Image Source: Social media

आज तक की एक रिपोर्ट्स अनुसार, पंखुड़ी श्रीवास्तव की मौत का कारण हार्ट अटैक (Cardiac Arrest) बताया गया है। ‘पंखुड़ी’ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने शोक संदेश जारी कर कहा है कि 24 दिसंबर को अचानक हार्ट अटैक आने से हमारी कंपनी की सीईओ पंखुड़ी श्रीवास्तव का निधन हो गया है। शव झांसी लाकर 26 दिसंबर को अंतिम संस्कार किया गया।

2 दिसंबर को थी शादी की पहली सालगिरह

pankhuri
Image Source: Social media

हाल ही में 2 दिसंबर 2021 को पंखुड़ी की शादी की पहली सालगिरह थी। आपको बता दे, पंखुड़ी ने अपने बचपन के दोस्त काजू बिजनेसमैन आदित्य राज शर्मा से 2 दिसंबर 2020 को झांसी के नजदीक ओरछा में एक होटल में शादी की थी। यह उनकी शादी की पहली साल गिराह थी, लेकिन पंखुड़ी उससे पहले हुई दुनिया को अलविदा कह गई। 

2012 में बनाई थी पहली कंपनी

पंखुड़ी श्रीवास्तव ने अपनी पहली कंपनी Grabhouse 2012 में बनाई थी। कंपनी ने इतनी लोकप्रियता हासिल कर ली कि उसका सालाना टर्नओवर करीब 720 करोड़ रुपए पहुंच गया।वंही इस कंपनी को शुरुआत करने के पीछे की कहानी भी पंखुड़ी की मेहनत और जज्बे को दर्शाती है। 


मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कहा जाता है, कि पंखुड़ी मुंबई रहने आई थी। यंहा आकर उन्हें रहने के लिए एक फ़्लैट चाहिए था, फ्लैट मिला भी लेकिन बड़ी मुश्किलों और भारी-भरकम ब्रोकर फीस चुकाने के बाद। ऐसे में पंखुड़ी के मन में ख़याल आया! क्यों न लोगो की मुश्किलें आसान की जाए- "घर खरीदने में" बस इसी आइडिया के साथ पंखुड़ी ने सुरु किया Grabhouse बिज़नेस। 

इस कंपनी की कामयाबी का पूरा श्रेय पंखुड़ी की मेहनत और जज्बे को जाता है, तभी तो कंपनी को कुछ सालो में ही पंखुड़ी ने करोडो की कंपनी बना दिया था। बाद में उन्होंने अपनी ये कंपनी Quikr को बेच दी।


 

इसके बाद उन्होंने ‘पंखुड़ी’ की शुरुआत की। ये महिलाओं के लिए सोशल कम्युनिटी नेटवर्क था जहां वो लाइव स्ट्रीमिंग और चैट के माध्यम से कुछ सीख सकती थीं या खरीदारी भी कर सकती थीं।