अफगानिस्तान: कभी था मशहूर न्यूज़ एंकर, अब सड़क पर पकौड़े बेचने को हैं मजबूर... देखिये वायरल तस्वीरें!

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news anchor mohammadi musa story goes viral on social media

अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद बंहा के हालात बिलकुल बदल चुके है। जंहा पहले लोग सामान्य जिंदगी जीते थे तो अब तालिबान के साये में जिंदगी जीने को मजबूर है। लगभग एक साल होने को है, लेकिन अफगानिस्तान की स्थिति में कोई सुधार नहीं है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में बहुत ज्यादा आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल का सामना करना पड़ा है। लोग गरीबी और भुखमरी में जीने को मजबूर है। 

तालिबान के नीति और नियमों से लाखों लोग बेरोजगार हो गए और महिलाओं की आजादी छीन ली गई। वंही मीडिया संस्थाओ पर भी कड़े प्रतिवंध लगा दिए गए। ऐसे में कई पत्रकारों की नौकरी चली गई तो कइयों को चैनलो ने निकाल दिया। लेकिन इन दिनों अफगानिस्तान से एक पत्रकार की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वह सड़क किनारे बैठ स्ट्रीट फूड बेच रहा है। क्या है इस वायरल तस्वीर की कहानी? आइये जानने की कोसिस करते है। 

ट्वीटर पर दावा- अफगानिस्तान में गरीब हुआ बड़ा पत्रकार!

Afghanistan TV Journalist Street Food Items
Image Source: Social Media

दरअसल, हाल ही में अफगानिस्तान की सड़कों पर एक शख्स को पकौड़े बेचते हुए देखा गया। इस शख्स की फोटो जैसे ही इंटरनेट पर आई तो तहलका मच गया। ट्वीटर पर दावा किया गया कि ये व्यक्ति कोई और नहीं, पूर्व न्यूज एंकर और रिपोर्टर मूसा मोहम्मदी है। जिसके बाद यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और लोग अफगानिस्तान के तालिबानी राज पर सवाल उठाने लग गए। 

सड़क किनारे पकौड़ा बेचने को मजबूर पत्रकार!

सोशल मीडिया पर वायरल अफगानी न्यूज एंकर सड़कों पर खाने का सामान बेचते नजर आया। ट्विटर पर दावा किया गया कि ये तस्वीर कई बड़े मीडिया चैनलों में एंकर और रिपोर्टर के तौर पर काम करने वाले पत्रकार मूसा मोहम्मदी अब खाने-पीने का सामान बेच रहे हैं। 


 


आज तक की खबर अनुसार, आपको बता दे, ट्वीटर पर यह तस्वीर हामिद करजई सरकार के साथ काम कर चुके कबीर हकमल ने शेयर की है। जिसमे उन्होंने बताया कि, 'अफगानिस्तान में मूसा ने कई सालों तक मीडिया में काम किया है, लेकिन आज उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए वो स्ट्रीट फूड बेच रहे हैं।'

Afghanistan TV Journalist Street Food Item
Image Source: @Haqmal

आपको बता दे, कबीर हकमल ने अपनी पोस्ट के साथ तीन फोटोज भी शेयर किए हैं। जिसमे दावे अनुसार पत्रकार मूसा मोहम्मदी एंकर की पोज में किसी स्टूडियो में बैठे दिखते हैं। वंही दूसरी तस्वीर में वह सड़क किनारे कुछ सामान के साथ बैठे दिखते हैं। कबीर हकमल ने तस्वीरों को शेयर कर कैप्शन लिखा, '' तालिबान राज में पत्रकारों का जीवन"

"मूसा मोहम्मदी ने विभिन्न टीवी चैनलों में एक एंकर और रिपोर्टर के रूप में वर्षों तक काम किया है और अब उनके पास अपने परिवार को खिलाने के लिए कोई आय का साधन नहीं है। और कुछ पैसे कमाने के लिए वह स्ट्रीट फूड बेच रहे हैं। गणतंत्र के पतन के बाद अफगानों को भयंकर गरीबी का सामना करना पड़ रहा है।''

Afghanistan TV Journalist Street Food Item
Image Source: @Haqmal

सोशल मीडिया में मूसा की तस्वीर वायरल हुई

आपको बता दे, कबीर हकमल ने 15 जून को अपने ट्विटर हैंडल से मूसा की कहानी शेयर की थी, जिसके बाद से कई लोगों ने इसे रिट्वीट और कमेंट किया है। कुछ लोगों ने इसे एक्टिंग बताया तो कुछ लोगों ने उन्हें नौकरी देने की बात कही है। इस पोस्ट पर कई भारतीय लोगों ने भी कमेंट किया है। 

Afghanistan TV Journalist Street Food Item
Image Source: @Haqmal

एक यूजर ने लिखा है- लव एंड केयर फ्रॉम इंडिया... उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार इन लोगों की मदद करेगी। दूसरे ने लिखा- भारत आ जाओ, यहां ज्यादा अवसर हैं। आपको बता दे, सीनियर जर्नलिस्ट नीलोफर अयूबिक ने भी मूसा की तस्वीर पोस्ट किया है और उनके इस तरह के जीवन के लिए दुख जताया है।

मूसा को फिर से मिल सकती है नौकरी?

Afghanistan TV Journalist Street Food Item
Image Source: @Haqmal

हकमाल के इस ट्वीट को बड़ी संख्या में लोगों ने रीट्वीट किया। जब ये ट्वीट इस्लामी अमीरात अफगानिस्तान के सांस्कृतिक आयोग के खुफिया और उप प्रमुख और राष्ट्रीय रेडियो और टेलीविजन के महानिदेशक अहमदुल्ला वसीक तक पहुंचा। तो उन्होंने कहा कि वे पूर्व टीवी एंकर और रिपोर्टर को अपने विभाग में नियुक्त करेंगे। वासीक ने कहा कि हमें सभी अफगान पेशेवरों की जरूरत है और मूसा को वे अपने विभाग में नौकरी देंगे।

अफगानिस्तान के बदत्तर हालात!

हकमाल का ट्वीट मूसा के लिए राहत भरी खबर हो सकता है, लेकिन सवाल उठता है कि मूसा जैसे बाकी पत्रकारों का क्या होगा? इस वायरल पोस्ट से पता चलता है कि अफगानिस्तान में कितने प्रतिभाशाली पेशेवरों को गरीबी में धकेल दिया गया, और ये दिखाता है कि अफगानिस्तान में तालिबान राज में पत्रकारों का हाल क्या है।


क्यूंकि साल 2021 में अगस्त में अमेरिका के अफगानिस्तान से लौटने के बाद तालिबान देश की सत्ता पर काबिज हो गया था और उसके बाद से अफगानिस्तान के हालात दिन ब दिन खराब होते चले गए। नतीजन अफगानिस्तान में जो आज हालात है बह बद से बदत्तर होते जा रहे है। गरीबी और भुखमरी तो यंहा चरम सीमा पर पहुँच चुकी है। 


महिलाओ से उनके हक़ छीन लिए गए, तो स्कूली बच्चियों से उनकी पढ़ाई। तालिवानी हुकूमत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बक्त अफगानिस्तान में लड़के और लड़कियां एक साथ एक स्कूल में एक कक्षा में बैठ पढ़ाई नहीं कर सकते। लड़कियां और महिलाएं अपनी मर्जी के कपडे नहीं पहन सकती और बिना मर्द के अकेले घूम नहीं सकती। तो आप अंदाजा लगा सकते है कि अफगानिस्तान में किस तरह तालिवान का राज चल रहा है। नोट- यह खबर सिर्फ वायरल पोस्ट और इंडियन न्यूज़ चैनलो पर चल रही खबरों के आधार पर लिखी गई है। वायरल तस्वीरें और संवंधित नाम की "Thehindutimes.in" सत्यता की पुस्टि नहीं करता है। धन्यवाद।