दुनिया के सबसे अकेले शख्स ‘मैन ऑफ द होल’ की मौत... और पूरी तरह खत्म हो गई ये जनजाति!

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man of hole

दुनिया के सबसे अकेले आदमी की मौत हो गई है। ब्राजील (Brazil) में अपनी जनजाति का ये आखिरी शख्स बताया जाता है, वह 26 साल से जंगल में अकेले रह रहा था।  मौत की जानकारी 23 अगस्त को मिली। शख्स ब्राजील के अमेजन के वर्षावनों में रहता था। इसे लोग मैन ऑफ होल कहते थे। आश्चर्य की बात ये है कि  वह 26 साल से जंगल में अकेले रह रहा था लेकिन आज तक उसको किसी ने देखा नहीं था और न ही उसकी कोई स्पष्ट तस्वीर थी। क्या है पूरा मामला? चलिए हम आपको बताते है। 

26 साल जंगल में अकेले गुजारे!

ब्राजील में मैन ऑफ द होल नाम से मशहूर और अमेज़ॅन में अपनी जनजाति के आखिरी सदस्य, का निधन हो गया है। द गार्जियन के अनुसार, स्वदेशी व्यक्ति को एंडियो डू बुराको, या "मैन ऑफ द होल" के रूप में जाना जाता था। उनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं था, वह 26 साल से जंगल में अकेले रह रहे थे। यह अपने कबीले का आखिरी का मेंबर था। बाकी मेंबर को किसानों ने अपनी जमीन बढ़ाने के लिए मार दिया था। 

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Image Source: Social Media

अगर कोई उनसे कॉन्टैक्ट बनाने की कोशिश करता, तो उस पर तीर से हमला होता था। सर्वाइवल इंटरनेशनल की एक प्रचारक, सारा शेनकर ने बताया कि, "वह अपनी जनजाति का अंतिम था और इसलिए एक और जनजाति विलुप्त हो गई।" इसका शव भूसे की झोपड़ी के बाहर एक झूले में मिला। मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी। 

मैन ऑफ होल के नाम से जाना जाता था!

शख्स को मैन ऑफ होल के नाम से जाना जाता था, क्योंकि इसने 50 से ज्यादा झोपड़ियां बनाई थीं और इनमें 10 फीट के गड्ढ़े कर दिए थे। गड्ढ़ो में वह खुद रहता था और जंगली सूअर का शिकार भी करता था। यह दुनिया का सबसे अकेला मेंबर था, क्योंकि इसके कबीले में रहने वाले लोगों को किसानों ने 1970 के दशक में मार दिया था।


स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इनका असल नाम किसी को नहीं पता था। इन्हें लोग मैन ऑफ द होल के रूप में जानते थे। स्‍थानीय अधिकारियों ने इस शख्‍स से संपर्क करने के कई प्रयास किए थे, लेकिन उसने इन सभी कोशिशों का विरोध किया। कई बार उसकी मॉनिटिरिंग करने की भी कोशिश की गई, वहीं कई मर्तबा उसकी जरूरत का सामान भी सौंपा गया। साथ ही कुछ खाने को दिया गया लेकिन शख्स ने छुआ तक नहीं। 

'Man of the Hole' का आखिरी वीडियो साल 2018 में रिलीज किया गया था।  जहां वह कुल्हाड़ी की तरह दिख रही चीज को पेड़ पर मार रहा था। Survival International ने बताया कि जिस कैंप साइट पर वह रहता था, वहां उसने अपनी दैनिक जिंदगी के कई सबूत छोड़े हैं। वह मक्‍का और पपीता उगाता था। वहीं उसने भूसे और फूस का घर भी बनाया था। 


इस शख्‍स के बारे में कहा जाता था कि ये सालों से अकेला ही अमेजन के जंगलों में रह रहा था।  कोई भी बाहरी व्‍यक्ति इस शख्‍स का नाम नहीं जानता था, ना तो उन्‍हें इस जनजाति के बारे में कोई जानकारी थी। इस व्‍यक्ति की मौत के साथ ही पूरी जनजाति की समाप्ति हो गई है। 

इस जनजाति के अधिकतर लोग 1970 में मारे गए थे!

ब्राजील के मूल निवासी समुदाय से संबंध रखने वाले इस शख्स के परिवार के बाकी 6 सदस्यों की मौत वर्ष 1995 में हो गई थी। ये समूह रोन्डोनिया राज्य में तनारू स्वदेशी क्षेत्र में रहता था, जो बोलीविया की सीमा में है। माना जाता है कि उनकी जनजाति के अधिकांश लोगों को 1970 के दशक की शुरुआत में उन किसानों ने मार दिया था जो अपनी जमीन को विस्तार करना चाहते थे।  


माना जाता है कि ब्राजील में वर्तमान में 300 से कम स्वदेशी जनजातियां हैं और यह संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। अब 30 और समूह मौजूद हैं लेकिन विशेषज्ञों के पास उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।