ये है इंसानियत! कुत्तो के अटैक से जख्मी हुआ बंदर, इस इंसान ने CPR देकर बचा ली उसकी जान

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monkey save life

दुनिया में आज इंसानियत ढूंढने पर मिलना काफी मुश्किल हो गया है। लोग खुद पर इतने ज्यादा फोकस हो चुके हैं कि दूसरों की तकलीफ और परेशानियां उन्हें नजर नहीं आती। सड़क पर इंसान घायल पड़ा होता है, लेकिन कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ सकता। ऐसे समय में इंसानियत की एक शानदार मिसाल पेश करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो तमिलनाडु का बताया जा रहा है। वीडियो में एक शख्स CPR के जरिए एक बंदर की जान बचाने की कोशिश करता है और उसे सफलता भी मिल जाती है। शख्स ने मुंह से मुंह सटाकर बंदर की जान बचाई। 

यंहा देखिए वायरल हो रहा वीडियो!


बताया जा रहा है कि ये वीडियो पेरमबालुर, तमिलनाडु (Perambalur, Tamil Nadu) का है। जंहा एक शख़्स एक बेहोश बंदर को सीपीआर देते और पानी पिलाते नज़र आ रहा है। मीडिया खबरों के अनुसार,  बंदर को सीपीआर देकर ज़िन्दा करने की कोशिश करने वाले शख़्स का नाम प्रभु है। 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये वीडियो 10 दिसंबर को Othiyam Samathuvapuram नामक गांव का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेरमबालूर में बसे ऑथियम समाथुवापुरम नाम के गांव में अचानक कुछ कुत्तों ने एक बंदर पर अटैक कर दिया। इसके बाद बंदर घायल हो गया और सड़क पर अपनी मौत का इंतजार करने लगा। 


तभी वहां से गुजर रहे प्रभु की नजर इस बंदर पर पड़ गई। प्रभु ने कुत्तों को खदेड़ा और बंदर को पेड़ से नीचे लाया। बंदर को अचेत अवस्था में देखकर प्रभु ने उसे तुरंत सीपीआर दिया। प्रभु ने मामले की अधिक जानकारी रिपोर्टर्स को देते हुए बताया कि:- 

"उसकी नजर जैसे ही इस घायल बंदर पर पड़ी, उसकी तो सांस अटक गई। उसने तुरंत जलखमी बंदर को उठाया। उसने देखा कि बंदर सांस नहीं ले पा रहा है और कभी भी उसकी जान जा सकती है। इसके बाद उसने तुरंत वहां मौजूद बाकी कुत्तों को भगाया और बंदर को एक पेड़ की छांव में लिटाया। बंदर बेहोश था लेकिन उसकी सांस उखड़-उखड़ कर चल रही थी।"

प्रभु ने तुरंत बेहोश बंदर को होश में लाने का काम करना शुरू कर दिया। प्रभु ने बताया कि 2010 में उसने फर्स्ट एड ट्रेनिंग कोर्स किया था और उसी में सीखी तकनीक से उसने बंदर का इलाज किया। बंदर को होश आने के बाद प्रभु ने उसे पानी पिलाया और पशु चिकित्सालय ले गया। 

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वीडियो में प्रभु बंदर से कह रहा है, 'चलो अस्पताल चलते हैं।' चिकित्सालय में बंदर को ग्लुकोज़ और इंजेक्शन दिया गया। बंदर की हालत बेहतर होने के बाद उसे वन विभाग को सौंप दिया गया।