हिंदू प्रेमिका ने मुस्लिम प्रेमी को महाकाल मंदिर में दिलाई एंट्री, मंत्र पढ़ने में अटका तो पकड़ा गया!

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हिंदुओं की आस्था से जुड़े विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल मंदिर में भस्मारती के समय उस बक्त हड़कंप मच गया, जब पता चला आरती में एक मुश्लिम युवक भी शामिल है। फिर क्या था आनन्-फानन में मंदिर कर्मचारियों ने युवक को पकड़ लिया और पुलिस बुला ली। हालाँकि इस सबके बीच जो रोल प्ले हुआ बह था मुश्लिम गर्लफ्रेंड का। क्या है पूरा माजरा? आइये आपको विस्तार से समझाते है। 

हिन्दू आधार कार्ड के साथ मंदिर में घुस मुश्लिम 

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मीडिया खबरों के अनुसार, कर्नाटक का मोहम्मद यूनुस मुल्ला मुंबई की रहने वाली उसकी गर्लफ्रेंड खुशबू यादव के साथ उज्जैन आया था। उसके पास आधार कार्ड अभिषेक दुबे के नाम का था। यानी युवक धर्म मुताबिक मुश्लिम था लेकिन उसके पास जो आधार बरामद हुआ बह हिन्दू धर्म का था। इसी के जरिए उसने मंदिर में एंट्री की।

आरती में रीति-रिवाजों का पालन ठीक ढंग से नहीं कर पाने पर मंदिर कर्मचारियों ने उसे पकड़कर पूछताछ की। मंदिर समिति के लोगों को उस पर शक हुआ तो उसके आईडी कार्ड से उसका चेहरा मिलाया गया, जो अलग पाया गया। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि उसके पास मिला अभिषेक दुबे नाम का आधार कार्ड किसी दोस्त का है।

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खुशबू ने खुद को मुंबई में फैशन डिजाइनर बताया है। उसका कहना है कि यूनुस उसका वर्कर है। खुशबु ने यूनुस को अपना भाई बताकर एंट्री दिलाई थी। कर्मचारियों के पूछने पर भी युवती उसे अपना भाई ही बताती रही। हालाँकि शख्स से पूछताछ करने पर पुलिस को उसका असली नाम यूसुफ मुल्ला पता चला। 

युवक की हरकतों पर हुआ शक

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Image Source: Dainik Bhaskar

यूनुस सबसे आगे की कतार में बैठा था, लेकिन उसकी हरकतों से कर्मचारियों को शक हुआ। वह हिंदू रीति-रिवाजों का पालन ठीक ढंग से नहीं कर पा रहा था। मंत्र पढ़ने में भी वह अटक रहा था। इसके बाद युवक को रोककर पूछताछ की गई।इसमें युवक का नाम मोहम्मद यूनुस मुल्ला, निवासी कर्नाटक लिखा है। फर्जी मामला सामने आते ही कर्मचारियों ने तत्काल सूचना मंदिर की पुलिस चौकी और अधिकारियों को दी।

दोनों मंदिर के नजदीक होटल में भी रुके थे 

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Image Source: Dainik Bhaskar

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनुस और खुशबू महाकाल मंदिर के नजदीक होटल में भी रुके थे। वहां उसने अपना असली आधार कार्ड दिखाया था और खुशबू ने अपना। होटल कर्मचारियों को लव जिहाद का मामला लगा तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद होटल मालिक ने दोनों को अपने यहां कमरा देने से मना कर दिया था।

हालांकि, तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. दोनों महाकाल के दर्शन के लिए ही आए थे। किसी को शक न हो, इलसिए खुशबू ने यूनुस को अपना भाई अभिषेक बताते हुए उसी का आधारकार्ड भी दे दिया था। भस्म आरती के वक्त खुशबू ने शख्स को अपना भाई ही बताया था। 

लड़की को मां के हवाले किया

यूसुफ, अभिषेक दुबे नाम के आधार कार्ड से मंदिर में पहुंचा। वह कर्नाटक का निवासी है और उसके साथ आई हिन्दू युवती खुशबू मुंबई की है। उज्जैन पुलिस ने मुंबई में रहने वाले खुशबू के पेरेंट्स को बुलाया था। गुरुवार दोपहर खुशबू की मां कार से आई और बेटी को लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गई।