इंसानियत! गरीब परिवार के सिर से उठ गया था पिता का साया, किन्नरों ने करवाई 2 बेटियों की शादी!

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kinnar shadi

आमतौर पर शादी, विवाह या खुशी के मौके पर बधाई देते और दुआएं लुटाते तो आपने किन्नरों को देखा होगा, लेकिन, उन्होंने किसी की शादी कराई हो, ये खबर जितनी अनोखी है, उतनी ही सुखद भी। समाज में हीन भावना से देखे जाने वाले इस समुदाय ने दरियादिली की ऐसी मिसाल कायम की है, जो सदियों तक इलाके में याद की जाएगी। क्या है पूरा मामला? आइये जानते है। 

क्या है पूरा मामला?

मामला राजस्थान के बीकानेर (Bikaner Kinnar) का है। यंहा दो दिन पहले पिछड़ी बस्ती में कुम्हार समाज के मोहल्ले में बसंती और ममता नाम की दो बहनों की शादी थी। इनके परिवार में कुल 9 सदस्य हैं। जिनमें मां, सात बहनें और एक भाई शामिल हैं। घर के मुखिया की साल 2017 में मौत हो चुकी है। जिसके बाद से मां बुद्धि देवी ही परिवार को संभाल रही थीं। 

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Image Source: social Media

रिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण बेटियों की शादी कराना बुद्धि देवी के लिए काफी मुश्किल था। लेकिन, किन्नर समुदाय की बदौलत दोनों की शादी काफी धूमधाम से हुई। किन्नर समुदाय ने दोनों लड़कियों की शादी का पूरा खर्चा उठाया। और भरी भरकम रश्मे भी अदाएं की। 

किन्नर समुदाय ने पिता बनकर निभाई सभी रस्मे!

बीकानेर के किन्नर समाज ने बिन पिता की दो गरीब बेटियों का सामाजिक परम्पराओं के साथ हाथ पीले करवाए। उन्होंने बह हर फर्ज निभाया जो एक पिता अपनी बेटी की शादी में निभाता है। दोनों बहनों की शादी की सभी व्यवस्थाओं का जिम्मा किन्नरों की अध्यक्ष मुस्कान बाई ने उठाया है। 


दोनों लड़कियों की शादी में करीब 1,500 बारातियों की व्यवस्था की गई थी। जिसमे किन्नर समाज द्वारा शादी में खूब दान-दहेज़ भी दिया गया। शादी में किन्नर समाज ने दोनों बेटियों को घरेलू सामान में  एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन, सोफा, बर्तन, गोल्ड रिंग, सिलाई मशीन, पलंग गिफ्ट किए हैं। किन्नरों की पहल का पूरे समाज ने दिल खोलकर स्वागत किया है। 

2017 में किया वादा निभाया

दरअसल, साल 2017 में किन्नर समुदाय कुम्हारों के मोहल्ले में एक बच्चे के जन्मदिन पर बधाई देने पहुंचा था। मंडली को उस समय रजनी नाम की किन्नर लीड कर रहीं थी। रजनी की अगुवाई में किन्नरों का समूह जब कुम्हार बस्ती में पहुंचा तो वहां परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। पूछने पर पता चला कि बच्चों के पिता की मौत हो गई है। 

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Image Source: ABP News

उस बक्त पूरे मोहल्ले में चर्चा थी की अब इन सात बेटियों की शादियां कैसे होगी, कौन इनका पालन-पोषण करेगा। बस उसी लम्हे किन्नर दल की रजनी ने वचन दिया कि सात में से दो बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठाएगी। रजनी ने वादा किया और परिवार से एक रिश्ता बन गया। 

रजनी ने समय-समय पर घर की खोज खबर ली, और जरुरत पड़ने पर हर समय मदद भी की। लेकिन, बेटियों की शादी से पहले ही उनकी भी मौत हो गई।  हालांकि, जाते-जाते उन्होंने मंडली को ये कह दिया कि उस परिवार से किया हुआ वादा पूरा करना है। और आज रजनी की शिष्या मुस्कान अग्रवाल ने गुरू की अंतिम इच्छा को पूरा किया। 

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Image Source: News18India

और 21 अप्रैल को दो लड़कियों की शादी का पूरा खर्च उठाया। सिर्फ इतना ही नहीं किन्नरों ने सभी मेहमानों का अच्छे से स्वागत सत्कार किया। किन्नरों की इस दरियादली ने समाज में एक मिसाल कायम की है।