रामभक्त कल्याण: जिन्होंने सीएम की कुर्शी को लात मार दी... लेकिन कारसेवको पर गोली नहीं चलवाई!

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Kalyan singh

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (बाबू जी) नहीं रहे। शनिवार को उन्होंने 89 साल की उम्र में लखनऊ के SGPGI में आखिरी सांस ली।कल्याण सिंह ने अपना पूरा जीवन भाजपा को मजबूत करने में लगाया। एक बार पार्टी से नाराजगी भी हुई, लेकिन बाद में फिर वह वापस आ गए और सांसद भी बने।

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आज जब वह नहीं है तो उनकी एक पुरानी बात हर किसी को याद आती है। राममंदिर आंदोलन और ढांचा विध्वंस के बाद एक वक्त आया जब वे दुनियाभर में छा गए। कल्याण सिंह ने एक भाषण में कहा था- ‘मैंने अपना जीवन भाजपा के लिए समर्पित किया है। चाहता हूं कि मरूं तो मेरा शव भी भाजपा के झंडे में ही जाए।’ जानिए उनके जीवन से जुड़े रोचक किस्से...

यूपी में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री

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कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के अतरौली तहसील के मढ़ौली गांव में हुआ था। कल्याण सिंह 3 बार यूपी के मुख्यमंत्री बने। वह भाजपा के यूपी में पहले सीएम भी थे। भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार होने वाले कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल भी रहे।

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एक दौर में कल्याण राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे। उनकी पहचान हिंदुत्ववादी और प्रखर वक्ता के तौर पर थी। 30 अक्टूबर, 1990 को जब मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी। प्रशासन कारसेवकों के साथ सख्त रवैया अपना रहा था।

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ऐसे वक्त में भाजपा ने मुलायम का मुकाबला करने के लिए कल्याण सिंह को आगे किया। कल्याण सिंह ने एक साल के अंदर ही भाजपा को उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया कि पार्टी ने 1991 में अपने दम पर यूपी में सरकार बना ली। इसके बाद कल्याण सिंह यूपी में भाजपा के पहले सीएम बने।

अयोध्या मंदिर आंदोलन के नायक 

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6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के दौरान कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलाने की अनुमति नहीं दी थी। सरेआम बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए कल्याण सिंह को जिम्मेदार माना गया। कल्याण सिंह ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 6 दिसंबर, 1992 को ही सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। 

कल्याण सिंह ने उस समय कहा था कि ये सरकार राम मंदिर के नाम पर बनी थी और उसका मकसद पूरा हुआ। ऐसे में सरकार राममंदिर के नाम पर कुर्बान हुई। अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने और उसकी रक्षा न करने के लिए कल्याण सिंह को एक दिन की सजा मिली।

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सीबीआई में दायर आरोप पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद कल्याण सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या का दौरा किया और राम मंदिर का निर्माण करने की शपथ ली थी। 

बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच के लिए लिब्राहन आयोग का गठन हुआ। कल्याण सिंह सहित कई नेताओं के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा भी दर्ज किया था। लेकिन बाद में बरी कर दिया।