पढ़िए, BHU मेडिकल टॉपर बेटी को माँ ने कैसे बना दिया अपराधी?

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julie become neet ug exam solver arrested

रविवार को NEET-UG की परीक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। वंही इस घटना में रविवार को परीक्षा देने गई पटना की रहने वाली बीएचयू के बीडीएस सेकेंड ईयर की छात्रा जूली और उसकी मां को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, बीएचयू के बीडीएस कोर्स की सेकिंड ईयर की छात्रा जूली को हिना विश्वास नामक छात्रा की जगह पेपर देने के आरोप में क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। 

कौन है जूली?

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मीडिया खबरों के अनुसार, जूली साल्वर है, जो पीके के कहने पर किसी और की जगह नीट की परीक्षा देने वाली थी। वंही जूली पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी की निवासी है। जूली बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज की 2019 बैच की टॉपर छात्रा है। 

उसने बताया कि पिता सब्जी का ठेला लगाते हैं, घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। लिहाजा, पीके नाम के शख्स ने मां से संपर्क कर पांच लाख रुपये का लालच देते हुए दूसरे की जगह परीक्षा देने की बात कही। एक दलाल खगड़िया का विकास है, तो दूसरा गाजीपुर का ओसामा शाहिद है, जिन्होंने जुली से संपर्क किया। फ़िलहाल  दोनों को पुलिस ने धर दबोचा है। 

मीडिया खबरों के अनुसार, सॉल्वर गैंग ने बबिता को ₹5 लाख का लालच देकर जूली को हिना विश्वास के नाम से परीक्षा देने के लिए राजी किया था। एडवांस के रूप में ₹50,000 भी दिए गए थे। जूली ने बताया कि सॉल्वर गैंग ने मां बबिता से संपर्क करते हुए कहा कि अगर तुम्हारी बेटी हमारे कैंडिडेट की जगह बैठ कर परीक्षा दे देगी, तो परीक्षा केंद्र से निकलते ही पांच लाख रुपये कैश दे दिए जाएंगे। 

पैसों के लालच में दोनों वाराणसी पहुंच गईं। वहां सारनाथ स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में बनाए गए केंद्र में रविवार को आयोजित नीट यूजी में कक्ष निरीक्षकों को जूली पर शक हो गया और फिर दोनों की गिरफ्तारी ने कई राज खोल दिए।

जुली की गिरफ्तारी से जुडी कुछ खास बाते 

जूली को मूल अभ्यर्थी के हस्ताक्षर की कई बार प्रैक्टिस भी कराई गई। मूल अभ्यर्थी की फोटो और जूली की फोटो को एडिट किया गया।

कैसे काम करता है सॉल्वर गैंग?

सॉल्वर गिरोह वैसे मेधावी छात्र को अपना निशाना बनाता है, जो पढ़ने में तेज होते हैं, और जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती है। इसमें दलाल एक परीक्षार्थी से पैसा लेकर दूसरे परीक्षार्थी के नाम पर परीक्षा दिलवाने के काम करता है। इस दौरान मेधावी छात्रों का चयन किया जाता है, और उन्हें उनकी मज़बूरी का हवाला देकर दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने को राजी किया जाता है। इसके लिए दलाल अच्छी खाशी रकम को इधर से उधर करते है। 

यूपी से ताल्लुक रखने वाले 4 छात्र हुए अरेस्ट

NEET-UG की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में राजस्थान के जयपुर में भी गिरफ्तारियां हुई हैं। इस मामले में पुलिस ने 4 जगह छापे मारकर 6 मेडिकल छात्रों समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें, राजस्थान के झुंझुनू का रहने वाला सांवरमल सुनार, देहरादून मेडिकल कॉलेज में थर्ड ईयर की छात्रा प्राची परमार, बनारस मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र प्रवीण भंडानागौर, बनारस मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर के छात्र अंकित यादव को गिरफ्तार किया गया है।