'मैं दान की चीज नहीं, आपकी बेटी हूं,' यह बोल अपनी शादी में महिला IAS ने नहीं कराया कन्यादान!

 | 
ias tapasya

यूपीएससी एग्जाम में 23वीं रैंक प्राप्त करने वाली आईएएस ऑफिसर तपस्या परिहार की शादी चर्चा में हैं। उन्होंने आईएफएस अधिकारी गर्वित गंगवार से शादी की. तपस्या परिहार की शादी इसलिए बेहद चर्चा में है क्योंकि उन्होंने कन्यादान कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने पिता से कहा कि मैं दान की चीज नहीं हूं, आपकी बेटी हूं। उन्होंने शादी में कन्यादान की रस्म नहीं कराई।  

आपको बता दे, गुरुवार को जोवा गांव में इस शादी का रिसेप्शन हुआ है। इसमें दोनों पक्षों के रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए। वहीं, शादी समारोह का आयोजन जोवा गांव में किया गया था। 

जुलाई में की थी कोर्ट मैरिज

ias tapsya

दरअसल, तपस्या परिहार एमपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। उनके पति गर्वित गंगवार तमिलनाडु कैडर के आईएफएस अधिकारी हैं। मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। अलग-अलग जगहों पर तैनाती की वजह से शादी में मुश्किलें आ रही थी। इसके बाद पति गर्वित गंगवार ने कैडर ट्रांसफर करवाने का फैसला लिया था। 

मैरिज के आधार पर ही कैडर ट्रांसफर हुआ है। इसके लिए तपस्या परिहार ने जुलाई महीने में गर्वित गंगवार के साथ कोर्ट मैरिज की थी। पति का नवंबर में कैडर ट्रांसफर हो गया है।

पचमढ़ी में पारंपरिक तरीके से हुई शादी

ias tapsya

वहीं, आईएसएस तपस्या परिहार ने पांच दिन पहले पचमढ़ी में पारंपरिक तरीके से शादी हुई है। इस दौरान परिवार के लोग मौजूद थे। बता दें ये पूरी शादी वैदिक मंत्रों के साथ और बाकी के पूरे रीति रिवाज से संपन्न हुई। बस कन्यादान जैसी रस्म को दूर कर दोनों आईएएस और आईएफएस अधिकारियों ने शादी को अनोखा बना दिया और एक मिसाल पेश कर चर्चाओं में ला दिया। 

तपस्या के पिता विश्वास परिहार मूल रूप से किसान हैं। बेटी को आईएएस की तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली भेजा था। तपस्या परिहार ने दूसरी कोशिश में यह सफलता हासिल की है। कोर्ट मैरिज के बाद उन्होंने पचमढ़ी में शादी की है।

शादी में कन्यादान पर क्या है बिचार?

ias tapsya

IAS तपस्या का कहना है कि विवाह दो परिवार करते हैं, तो फिर छोटा या बड़ा या ऊंचा नीचा होना सही नहीं है। क्यों किसी का दान किया जाए। उन्होंने कहा कि जब मैं शादी के लिए तैयार हुई तो मैने भी परिवार में चर्चा कर कन्यादान की रस्म को शादी से दूर रखा। 

वहीं उनके IFS पति ऑफिसर गर्वित गंगवार कहते हैं कि शादी के बाद क्यों किसी लड़की को बदलना होता है। चाहे मांग भरने की बात हो या कोई ऐसी परंपरा जो ये सिद्ध करे कि लड़की शादीशुदा है। ऐसी रस्में लड़के के लिए कभी लागू नहीं होती और इस तरह की मान्यताओं को हमें धीरे-धीरे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। 

ias tapsya

आपको बता दे, तपस्या के पिता भी शादी से खुश हैं। उनका मानना है कि इस तरह की रस्मों से लड़की को पिता के घर से या उसकी जायजाद से बेदखल करने की साजिश की तरह देखा जाता है।