इस गांव में नहीं रहता कोई मुस्लिम, मस्जिद की रखवाली करते हैं हिंदू और करते है अजान

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hindu save masjid

नालंदा का माड़ी गांव, जंहा एक भी मुश्लिम परिवार नहीं रहता है। लेकिन यहां बने मस्जिद में पूरे रिवाज़ के साथ 5 बार की नमाज़ होती है। और इस मस्जिद की रखवाली और देखभाल हिंदू कर रहे हैं। इस मस्जिद के प्रति हिंदू की भी उतनी ही आस्था है, जितनी की एक मुस्लिम लोगों की होती है। 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नालंदा ज़िले में पड़ने वाले माड़ी गांव में गांव में कुल 500 घर हैं, जिसमें कुल 100 घरों में मुस्लिम परिवार रहते थे। 1981 के दंगों के बाद से कुछ मुस्लिम परिवारों ने पलायन कर दिया, बाकी रोजगार की तलाश में गांव छोड़ दूसरी जगह चले गए। अभी भी मुस्लिम परिवार समय-समय पर अपने गांव आते हैं।

हिन्दू करते है मस्जिद की देखभाल 

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गांव के रहने वाले लोगो के अनुसार,  मुस्लिम परिवारों के छोड़ने के बाद यहीं के हिन्दू मस्जिद की देख-रेख कर रहे हैं। और ऑनलाइन ज़रिये से नमाज़ पढ़ी जाती है। इस गांव में जिस भी कपल की शादी होती है, वो पहले माथा टेकने मस्जिद में ही आता है। 

इतना ही नहीं मस्जिद के विकास और मरम्मत के लिए चंदा भी गांव वाले ही देते हैं।  गांव का हर ज़रूरी और शुभ कार्य मंदिर के साथ-साथ मस्जिद में आशीर्वाद लेकर होता है। गांव के रहने वाले उदय कुमार के अनुसार इस मस्जिद ने गांव को कई परेशानियों और प्राक्रृतिक आपदाओं से बचाया है। 

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Image source: dainik Bhaskar

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट अनुसार, मस्जिद में कुल 5 टाइम की अजान टेप रिकॉर्डर के माध्यम से ग्रामीण बजाते हैं। महीने भर से यह अजान अभी बंद है, क्योंकि गांव के जिन 3 लोगों (हिंदू) ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, वो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य गए हुए हैं।  

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Image source: dainik Bhaskar

मस्जिद में मौजूद एक पत्थर को लेकर बुजुर्ग ने कहा कि अगर गांव में किसी को गलफुली रोग होता है, तो वह मस्जिद में मौजूद पत्थर को रगड़ कर इस में पानी डाल कर अपने गालों पर लगा लेते हैं। इससे उनका यह रोग ठीक हो जाता है।