कांग्रेस स्थापना दिवस पर झंडा फहरा रही थी सोनिया गांधी, ऊपर ही गिर पड़ा; देखें VIDEO

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Sonia Gandhi

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आज यानी 28 दिसंबर को अपना 137वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर दिल्ली समेत विभिन्न प्रदेशों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। राजधानी दिल्ली में स्थित कांग्रेस के मुख्यालय पर भी कार्यक्रम हुआ। लेकिन यहां झंडा फहराने का कार्यक्रम ठीक से नहीं हो पाया। 

सोनिया गांधी ने पार्टी हेडक्वॉर्टर में जब झंडा फहराने के लिए रस्सी खींची तो सही से बंधे न होने की वजह से झंडा ही नीचे गिर गया। हालांकि, झंडा जमीन पर नहीं गिरा और बाद में बिना झंडा फहराए ही राष्ट्रगान गाया गया।

ये लापरबाही किसकी है?

congress sthapna divas

कांग्रेस के स्थापना दिवस पर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अजीब वाकया हुआ। सोनिया मंगलवार को दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर पार्टी का झंडा फहराने पहुंची थीं, लेकिन डोरी खींचते ही झंडा उनके ऊपर आ गिरा। ऐसा माना जा रहा है कि झंडा ठीक से बंधा नहीं था, जिसकी वजह से ऐसा हुआ। 

खबरों के मुताबिक, झंडा फहराए जाने की कवायद जारी रही। पोल पर चढ़ने की दो बार नाकाम कोशिश की गई। इसके बाद दूसरा छोटा पोल लाया गया और फिर सीढ़ी लगाई गई। काफी मशक्कत के बाद पोल पर झंडा लगाया जा सका और सोनिया गांधी ने फिर से झंडा फहराया। 


वहीं, झंडा फहराने से पहले गिरने का वीडियो वायरल हो गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस वीडियो को कू ऐप पर शेयर करते हुए लिखा है, 'अरे ये क्या हो गया।'


इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर के भी स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया कि कांग्रेस वह पार्टी है जिसने देश में लोकतंत्र की स्थापना की। 

137वां स्थापना दिवस मनाने पहुंची थीं सोनिया

आपको बता दे, कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को एक अंग्रेज अफसर, "एलन ऑक्टेवियन ह्यूम या एओ ह्यूम" ने की थी। इनको ही कांग्रेस का जनक कहा जाता है। अंग्रेजों ने कांग्रेस पार्टी की स्थापना क्यों की थी, इसका किस्सा भी बड़ा दिलचस्प है। 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेज नहीं चाहते थे कि फिर कभी ऐसा हालात बनें। इसलिए उन्होंने एक ऐसा मंच बनाने की सोची, जहां हिंदुस्तानी लोग अपने मन की बात रख सकें और अपना विरोध भी जता सकें। 

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कांग्रेस पार्टी की स्थापना भले ही एक अंग्रेज ने की थी, लेकिन इसके अध्यक्ष भारतीय ही थे। पार्टी के पहले अध्यक्ष कलकत्ता हाईकोर्ट के बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी थे। पार्टी का पहला अधिवेशन बंबई (अब मुंबई) में किया गया।

जब कांग्रेस में हुआ महात्मा गांधी का प्रवेश

mahtma gandhi

मोहनदास कमरचंद गांधी 1915 में साउथ अफ्रीका से भारत लौटे। 1919 में असहयोग आंदोलन से गांधी जी राजनीति में प्रवेश किया। उसके बाद तो कांग्रेस के मायने ही बदल गए और पार्टी का मतलब ही महात्मा गांधी हो गया। महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाने के लिए कई अहिंसक आंदोलन किए।