आपदा में अवसर: डेंगू का कहर, मर रहे बच्चे और लोग बकरी दूध 1500 रु लीटर बेच रहे

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Goat Milk

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में बुखार का कहर लगातार जारी है। डेंगू और वायरल बुखार से संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार प्रेमी ने बताया कि अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। 465 बच्चे मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में एडमिट हैं। बता दे, डेंगू की बीमारी में लगातार मरीज के प्लेटलेट्स गिरते रहते हैं. इसी बीच एक हैरान कर देने वाली खबर आई है। 

दरअसल, कुछ लोगों का मानना है कि बकरी का दूध पीने से प्लेटलेट्स में तेजी से वृद्धि होती है, ऐसे में यहां बकरी के दूध की मांग बढ़ गई है और बीमारों के तीमारदार बकरी के दूध के लिए मुंह मांगी कीमत देने को तैयार दिख रहे हैं। 

'आपदा में अवसर' ढूंढ रहे लोग

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50 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला बकरी के दूध के दाम में भयंकर तेजी देखी गई है। लेकिन पिछले एक महीने में, डेंगू के प्रकोप के बाद फिरोजाबाद में कीमतें 30 गुना बढ़कर 1,500 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। इस तेजी से बढ़ती कीमत का कारण एक भ्रांति है कि बकरी का दूध प्लेटलेट काउंट को बढ़ाता है। 

इसी नतीजा है कि 'आपदा में अवसर' देखते हुए बकरी पालकों ने दूध की कीमत बढ़ा दी है। छारबाग, रामनगर, मठसेना इलाके के बकरी पालक अब 1000 रुपये प्रति लीटर से लेकर करीब 1500 रुपये प्रति लीटर तक बकरी का दूध बेच रहे हैं।

अब अस्पताल में भर्ती बीमार के तीमारदार बकरी के दूध के लिए मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हैं। आपदा के समय में अवसर ढूंढते हुए अब बकरी पालकों ने भी बकरी के दूध की कीमत बढ़ा दी है। एक माह पूर्व बकरी के दूध की कीमत मात्र 40 रुपये प्रति लीटर हुआ करती थी। लेकिन अब बकरी का दूध लेने वालों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है।  

झोलाछाप डॉक्टर फैला रहे अफवाह

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हालांकि, मांग में इस उछाल का आधार निराधार है। अतिरिक्त निदेशक (स्वास्थ्य) एके सिंह ने कहा, “गाय और बकरी का दूध लगभग समान रूप से पौष्टिक होता है।  बकरी के दूध से प्लेटलेट्स बढ़ते हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इस तरह की भ्रांतियां झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा फैलाई जाती हैं।