वैष्णो मंदिर हादसा: घर पर इंतजार करते रह गए ये दो मासूम..पापा अब कभी नहीं लौटेंगे!

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नववर्ष का पहला दिन, किसी ने इतनी बुरी खबर की उम्मीद नहीं की थी। माता वैष्‍णो देवी के दर्शन कर नए साल की अच्छी शुरुआत करने गए लोगों को क्या पता था कि एक भयानक हादसा उनका इंतजार कर रहा है। इस हादसे में अबतक 12 लोगो के मारे जाने की खबर सामने आई है। इन्हीं में विनीत और धर्मवीर भी शामिल है, जबकि इन्ही का साथी अनुज हादसे में घायल हो गया है। 

नकुड़ कोतवाली क्षेत्र गांव साल्हापुर के विनीत (30) पुत्र बिरम और धर्मवीर कोरी (35) पुत्र सोरण बृहस्पतिवार को कार से अपने साथी नकुड़ निवासी प्रदीप एवं अंबाला निवासी दो दोस्तों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन को गए थे। शनिवार तड़के माता के भवन पर मची भगदड़ में विनीत और धर्मवीर की मौत हो गई। 

किसे पता था कि धर्मवीर अब नहीं लौटेंगे 

विनीत के पड़ोसी सर्वेश ने बताया कि विनीत इंजीनियरिंग कर चुका है और धर्मवीर बाइक मैकेनिक था। विनीत और धर्मवीर अपने कुछ दोस्तों के साथ कार द्वारा गुरुवार को माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए कटरा गए थे। 

गांव का ही अनुज पुत्र राजपाल फौज में है। उसकी ड्यूटी वही पर थी। अनुज भी इनके साथ जम्मू से ही माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गया था। अनुज ने ही फोन कर गांव वालों को सूचना दी कि हादसे में विनीत और धर्मवीर की मौत हो गई है, जबकि वह खुद भी घायल हो गया है। 

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Image Source: NBT

धर्मवीर नकुड़ में बाइक मैकेनिक की दुकान करता था, जबकि विनीत हिमाचल के धर्मशाला स्थित एक कंपनी में बतौर इंजीनियर तैनात था जो कोरोना काल से घर पर ही रहकर कार्य कर रहा था। नकुड़ पुलिस ने भी हादसे के बाद गांव पहुंच जानकारी ली।

घर पर इंतजार करते रह गए दो मासूम 

मारे गए सभी लोगों के परिजन अब उन्हें दोबारा कभी नहीं देख पाएंगे। इन्हीं में से एक ऐसा व्यक्ति भी था जिसके बच्चे उसका इंतजार करते रह गए लेकिन उन्हें खबर मिली कि पापा अब कभी नहीं लौटेंगे। धर्मवीर की अपने परिवार से आख़िरी बार तब हुई थी जब वह गुरुवार को चंडीगढ़ पहुंचे। 

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युवकों की मौत की खबर आते ही गांव में मातम पसर गया। धर्मवीर के कंधों पर माता पिता, पत्नी और उनके नौ और सात वर्ष के दो बेटों की जिम्मेदारी थी। पिता का बेसब्री से इंतजार कर रहे दोनों मासूम बच्चों को क्या पता कि माता के दरबार में माथा टेकने जा रहे उनके पिता अभी कभी घर वापस नहीं आएंगे। 

बड़ा धार्मिक इंसान था धर्मवीर 

ग्रामीणों ने बताया कि धर्मवीर धार्मिक प्रवृति का व्यक्ति था। वह पिछले पंद्रह वर्ष से लगातार धार्मिक यात्राएं कर रहा था। धर्मवीर के भाई रोहताश ने बताया कि माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद उन सभी को हिमाचल में घूम कर तीन जनवरी को घर लौटना था।