नकली पहचान पत्र, हिंदुस्तानी लड़की से शादी...जानिये पाक आतंकी से जुडी 5 बड़ी बाते

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atanki asraf ali

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया है।  ये आतंकी राजधानी को दहलाने की फिराक में था। वह पाक से भारत पहुंचा। उसने नाम बदला। दिल्ली में 3 ठिकाने चुने। इसमें से एक ठिकाना लक्ष्मी नगर को बनाया। यही से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आतंकी के पास से स्पेशल सेल ने एके-47 और हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं।

पकडे गए आतंकी का नाम अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी बताया जा रहा है। बह पाकिस्तान का रहना बाला है और भारत में स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था। इस आतंकी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भारत पर हमले के लिए तैयार किया था। दिल्ली में दशहरे-दिवाली के जश्न को मातम में बदलने की वह पूरी प्लैनिंग करके आया था। 

कैसे गिरफ्तार हुआ? 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया, सोमवार रात 9 बजकर 20 मिनट पर मोहम्मद अशरफ उर्फ अली नाम के एक पाकिस्तानी शख्स को दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया। मोहम्मद अशरफ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवल जिले का रहने वाला है। उसके पाकिस्तानी आकाओं ने इसके लिए उसे पूरी ट्रेनिंग दी थी। AK-47 जैसा घातक हथियार और ग्रेनेड का मिलना यह बताता है। 

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आतंकी अशरफ अली (Image Source: Social Media)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का जो पाक की इस साजिश को लेकर मुस्तैद थी और समय रहते उसने अशरफ को धर दबोचा। दिल्ली पुलिस को अशरफ अली के लक्ष्मी नगर के रमेश पार्क में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्पेशल सेल की टीम ने रमेश नगर में रेड मारकर इसे सोमवार रात को गिरफ्तार किया।

दिल्ली में कहां-कहां ठिकाने?

मोहम्मद अशरफ भारतीय नागरिक बनकर रह रहा था। इसके लिए उसने मोहम्मद नूरी नाम से अपना फर्जी नाम भी रख लिया था और फर्जी आईडी कार्ड भी बनवा लिया था।  उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिया था। यह दिल्ली में अली अहमद नूरी के नाम से रह रहा था। अशरफ लक्ष्मीनगर के रमेश पार्क इलाके में रह रहा था। 

अशरफ ने दिल्ली में लक्ष्मी नगर के अलावा अपने तीन ठिकाने बना लिए थे। सूत्रों के मुताबिक उसने लोकल सपोर्ट की मदद से फर्जी दस्तावेज तक तैयार कर लिए थे। उसने पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट से अपनी यह फर्जी आईडी बनवाई थी। 

आतंकी के पास से क्या-क्या मिला?

सूत्रों से पता चला है कि ये आतंकी दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए आया था। इसे आईएसआई ने हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी थी। गिरफ्तार आतंकी के पास से एक AK-47 राइफल के साथ एक एक्स्ट्रा मैगजीन व 60 राउंड गोली, एक हैंड ग्रेनेड, 50 राउंड गोली के साथ 2 अत्याधुनिक पिस्टल जब्त की गई है। हथियार इसने कालिंदी कुंज के पास यमुना किनारे बालू के नीचे दबा कर रखे थे। तुर्कमान गेट इलाके से एक भारतीय पासपोर्ट भी उसने बरामद करवाया है। 

भारत कैसे पहुंचा?

पुलिस ने उसके लक्ष्मी नगर के रमेश पार्क स्थित ठिकाने पर भी तलाशी ली गई है।  पुलिस का मानना है कि त्योहारों के सीजन में वो किसी बड़े हमले की साजिश रच रहा था। पुलिस टीम उससे पूछताछ कर ये जानने की कोशिश कर रही है कि भारत में कौन-कौन लोग उसकी मदद कर रहे थे, किस तरीके से वो भारत पहुंचा और इस पूरी साजिश में कौन उसके मददगार हैं?

भारतीय लड़की से शादी और रेकी 

आतंकी अशरफ अली लक्ष्मीनगर के रमेश पार्क इलाके में रह रहा था। दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी पिछले 15 साल से दिल्ली में रह रहा था और इसने हिंदुस्तानी लड़की से शादी भी कर ली थी। फिलहाल अपनी पत्नी से अलग रह रहा था। ये दिल्ली के स्लीपर सेल का मुखिया था और हिंदुस्तान आने वाले आतंकियों को हथियार और लॉजिस्टिक मुहैया करवाता था। 

पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन?

आतंकी अशरफ अली पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। आतंकी अशरफ अली दिवाली से पहले दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में हमलों को अंजाम देने के लिए आया था। इसकी साजिश त्योहारों से पहले राजधानी को धमाकों से दहलाने की थी। अशरफ अली को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भारत में आतंकी हमले के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी गई थी।