बचपन के दोस्ताें ने निभाई दोस्ती...मृतक दोस्त के परिवार के लिए पक्का घर बनवाया, हर माह देते हैं 15 हजार!

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झारखंड के गोड्डा में बचपन के दाेस्ताें ने दाेस्ती की मिसाल कायम की है। डेढ़ साल पहले वीरेंद्र कुमार की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद उनके बचपन के दोस्त परिवार का सहारा बने। दाेस्त की बूढ़ी मां, पत्नी और दाे बच्चाें काे रहने-खाने की दिक्कत न हाे, इसलिए आपस में पैसे जमा किया। फिर 7 लाख रुपए खर्च कर घर बनवाया।

दाेस्ताें ने दाेस्ती की मिसाल कायम की

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Image Source: Dainik Bhaskar

22 दिसंबर 2019 को करगिल चाैक पर हाइवा के धक्के से उनकी माैत हाे गई थी। वीरेंद्र पेसे से फोटो और वीडियोग्राफर था। इसके बाद मां किरण देवी, पत्नी ऐश्वर्या औत तीन साल के बेटे आरंब को संभालने वाला कोई नहीं था। इस परिवार के लिए वीरेंद्र के दोस्त आशा की किरण बनकर आए। सभी ने मिलकर परिवार को सहारा दिया और आर्थिक तौर पर मदद के लिए हाँथ आगे बढ़ाया। 

इतना ही नहीं, वीरेंद्र किराए के मकान में रहता था। दोस्तों ने मिलकर उसकी खाली पड़ी जमीन पर घर बनवाने के लिए पैसाें का इंतजाम किया। किसी दाेस्त ने ईंट दी ताे किसी ने सीमेंट। खुद सिर पर ईंट-और सीमेंट ढाेकर मजदूरी की। जिससे तय समय पर मृतक दोस्त का मकान बनकर तैयार हो गया। 

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घर बनाकर तैयार होने के बाद सभी दोस्तों ने मिलकर मृतक दोस्त के परिवार का नए घर में गृह प्रवेश करवाया। साथ ही पूजा पर बैठ कर हिन्दू रीति रिबाज भी पुरे किये। इतना ही नहीं, नए गृह प्रवेश की ख़ुशी में दोस्तों ने ही मृतक के सेज संबंधियों को आंमत्रित किया और भोजन-पानी की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी सभी दोस्तों ने मिलकर निभाई। 

7 लाख रुपए में तैयार हुआ दोस्त का घर 

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, 7 लाख रुपए घर निर्माण में खर्च हुए है, जो कि सभी दोस्तों ने अपनी जेब से भरे। इतना ही नहीं सभी दोस्त मिलकर मृतक के परिवार को हर माह 15 हजार रुपए देते हैं,  जिससे बह अपनी जीविका चला सके साथ ही दोस्त के बच्चे पल जाए।