देश में बिजली संकट और कोयले की कमी? जानिये निपटने के लिए सरकार ने की क्या तैयारी

 | 
Bijli Sankat

आज दिन भर मीडिया में खबरे चली कि भारत में कोयले की कमी की वजह से बिजली का संकट गहरा रहा है। कई शहरो की बिजली आपूर्ति ठप्प होने की कगार पर पहुंच गई है, क्यूंकि बिजली उत्पादन के लिए कोयले की कमी पड़ रही है। राज्‍यों के पास कोयले का बहुत कम स्‍टॉक बचा है। ऐसे में कोयला आधारित थर्मल पॉवर प्‍लांट के लिए आपूर्ति को सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है। 

जिसके बाद ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) हरकत में आया है। और बयान जारी किया गया है। कोयले की भारी कमी (Coal Crisis) को देखते हुए एक कोर मैनेजमेंट टीम (CMT) का गठन किया गया है, जो हर दिन कोयले के स्टॉक की बारीकी से निगरानी और मैनेजमेंट कर रहा है। 

Bijli and koyla
Image Source: Dainik Jagran

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (Minister RK Singh) के आवास पर एक बैठक चल रही है, जिसमें कोयले की कमी से निपटने के लिए इंतजामों पर चर्चा की जा रही है। पावर प्लांट्स (Power Plants) को कोयले की आपूर्ति में सुधार के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) और रेलवे के साथ भी जरूरी कार्रवाई को ऊर्जा मंत्रालय सुनिश्चित कर रहा है। 

दिल्ली समेत इन प्रदेशो में बिजली संकट की चर्चा

थर्मल पॉवर प्‍लांट्स में कुछ ही दिनों का कोयला बचा है। ऐसे में कई राज्‍यों ने साफ कर दिया है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। 

दिल्‍ली, पंजाब और राजस्‍थान जैसे राज्‍य बिजली का संकट झेल रहे हैं। दिल्‍ली सरकार ने तो साफ कह दिया है कि अगर कोयला आपूर्ति सुचारू नहीं होती है तो दिल्‍ली के लोगों को ब्‍लैक आउट की स्थिति झेलनी पड़ सकती है। दिल्ली सीएम केजरीवाल ने बाकायदा इस पर ट्वीट करके बताया कि उन्होंने बिजली संकट से संबंधित एक चिट्ठी पीएम मोदी को लिखी है। यंहा नीचे देखिये केजरीवाल का ट्वीट। 

केजरीवाल ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी 


दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने और कोयले की तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की अपील की है। अपने एक पत्र में उन्‍होंने लिखा है कि उनके यहां पर मौजूद बिजली संयंत्रों में महज एक दिन का ही कोयला बचा है। ऐसे में राजधानी में बिजली की जबरदस्‍त किल्‍लत हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, कोयले की कमी के कारण दिल्ली और पंजाब सहित कई राज्यों में बिजली का संकट बड़ा होने की आशंका है। देश के कई राज्यों में इस साल रिकॉर्ड बारिश हुई है। जिसकी वजह से कोयला सप्लाई में बाधा आई है। इसके कारण कोयले से बिजली पैदा करने वाले पावर प्लांट्स अपनी क्षमता के आधे से भी कम बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। 

कोयला मंत्रालय ने दिया ये आश्वासन


देश में कोयले की कमी और बिजली संकट की खबरों पर सरकार ने कहा है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका निराधार है। केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने कहा कि उन्होंने देश में कोयला उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि वे सभी देशवासियों को आश्वासन देते हैं कि देश में बिजली आपूर्ति में बाधा आने का कोई खतरा नहीं है। 

कोयले की कमी और बिजली के संकट को देखते हुए सरकार की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि वो इस संकट को जल्‍द सुलझा लेगी। इसके लिए सरकार ने कुछ प्रयास भी किए हैं।

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी का ट्वीट 


केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट कर लिखा, "देश में कोयला उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। मैं सभी देशवासियों को आश्वासन देता हूं कि देश में बिजली आपूर्ति में बाधा आने का कोई खतरा नहीं है। कोल इंडिया लिमिटेड के पास 24 दिनों की कोयला मांग पूरा करने के लिए पर्याप्त 43 मिलियन टन कोल स्टॉक उपलब्ध है।"