शॉर्ट्स निक्कर पहन परीक्षा देने कॉलेज आई लड़की के साथ ये कैसी बदसलूकी!

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Asam Jubli News

कोई समाज कितना आगे बढ़ रहा है, तो आप ये देखिए कि वो समाज लड़कियों को लेकर क्या सोचता है? असम में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के तेजपुर शहर में शॉर्ट्स पहनकर परीक्षा देने गई एक छात्रा को बाहर ही रोक दिया गया। रोक के बाद छात्रा ने अपने पैरों के चारों ओर पर्दा लपेटा और आखिरकार इस तरह अपना इंतहान दिया। मामला सोनितपुर जिले के चौधरी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का है। 

क्या है पूरा मामला?

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असम में तेज़पुर नाम का एक शहर है, जो सोनितपुर ज़िले में आता है। यंहा के गिरिजानंदा चौधरी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, जहां इस साल की कृषि प्रवेश परीक्षा 15 सितंबर को आयोजित की गई थी, जो असम कृषि विश्वविद्यालय (एएयू) द्वारा आयोजित की गई थी। इसी एंट्रेंस एग्जाम के लिए तमाम छात्र-छात्रा इंस्टीयूट पहुंचे। 

इसीक्रम में यंहा की जुबली तमुली नाम की छात्रा ने इसी साल इंटर पास किया है। छात्रा ने असम कृषि विश्वविद्यालय (AAU) में प्रवेश के लिए आवेदन किया था।  सेंटर से छात्रा का घर 70 किलोमीटर दूर था। वह अपने पिता के साथ सेंटर पहुंची। छात्रा ने टॉप और शॉर्ट्स पहन रखी थी। आरोप लगा, कि उन्होंने शॉर्ट्स पहने थे।  और इसी वजह से उन्हें एग्ज़ाम हॉल में घुसने नहीं दिया गया। छात्रा ने जब कारण पूछा तो निरीक्षक ने कहा कि वह शॉर्ट्स पहनकर आई है इसलिए उसे परीक्षा कक्ष में नहीं जाने दिया जाएगा। 

जुबली ने आगे कहा कि मुझे रोका गया जबकि अन्य सभी छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी, मेरे पास एडमिट कार्ड, आधार कार्ड, फोटोकॉपी सहित मेरे सभी दस्तावेज थे, लेकिन उन्होंने मेरे दस्तावेजों की जांच नहीं की और मुझे बताया कि छोटे कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है। मैंने पूछा- क्यों? एडमिट कार्ड में इसका जिक्र नहीं है। एक लड़की शॉर्ट ड्रेस क्यों नहीं पहन सकती, क्या इसका कोई वाजिब कारण है? क्या शॉर्ट ड्रेस पहनना अपराध है।'

फुल पैंट लेने बाजार गए पिता

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छात्रा रोती हुई अपने पिता के पास गई। पिता उसे लेकर परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे। छात्रा ने बताया कि काफी बहस के बाद उन लोगों ने मेरे पिता को बाहर से एक पैंट लाने के लिए कहा। उसे पिता आनन-फानन में बाजार गए, बाजार वहां से आठ किलोमीटर दूर था। 

पर्दा लपेट कर दी परीक्षा 

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इधर परीक्षा शुरू हो गई थी। घबराई छात्रा रोने लगी तो दो लड़कियां कहीं से एक पर्दा लेकर आईं और मुझसे पर्दा लपेटने को कहा। छात्रा ने ये भी कहा कि यह मेरे जीवन का सबसे अपमानजनक अनुभव था। जुबली ने बताया कि उसे बहुत दुख हुआ। परीक्षा के दौरान बार-बार पर्दा पैरों से नीचे गिर रहा था और वह बार-बार उसे संभाल रही थी।